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कर्नाटक में भाजपा की 10 दिवसीय पदयात्रा शुरू, वाल्मीकि निगम घोटाले पर कांग्रेस को घेरेगी

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कर्नाटक में भाजपा की 10 दिवसीय पदयात्रा शुरू, वाल्मीकि निगम घोटाले पर कांग्रेस को घेरेगी

सारांश

कर्नाटक में भाजपा ने वाल्मीकि निगम में कथित ₹87 करोड़ की अनियमितता और पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र विवाद को मुद्दा बनाकर 10 दिवसीय पदयात्रा छेड़ी है। लिंगसुगुर से बल्लारी तक 9 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाला यह मार्च कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा की सड़क-राजनीति का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 1 सितंबर को कर्नाटक में 10 दिवसीय पदयात्रा शुरू की, जो 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगी।
पदयात्रा लिंगसुगुर, मास्की, सिंधनूर, करातगी, गंगावती, कम्पली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर — 9 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।
श्रीरामुलु ने वाल्मीकि निगम से ₹87 करोड़ के कथित अवैध हस्तांतरण का आरोप लगाया।
उद्घाटन में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी , एचडी कुमारस्वामी और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र शामिल होंगे।
भाजपा ने पूर्व मंत्री बी.
नागेंद्र और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर सीधे निशाना साधा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1 सितंबर को कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ 10 दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत की, जो 10 सितंबर तक 9 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यह विरोध मार्च मुख्य रूप से कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित अनियमितताओं और पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र से जुड़े विवाद को केंद्र में रखकर चलाया जा रहा है।

पदयात्रा का मार्ग और उद्घाटन

पूर्व मंत्री और भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने बेंगलुरु स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय जगन्नाथ भवन में पदयात्रा के लोगो का अनावरण करते हुए इसकी विस्तृत जानकारी दी। यह मार्च लिंगसुगुर में एक बड़ी जनसभा के साथ आरंभ होगा और 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगा।

उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की घोषणा की गई।

पदयात्रा लिंगसुगुर, मास्की, सिंधनूर, करातगी, गंगावती, कम्पली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर — इन नौ विधानसभा क्षेत्रों से होकर निकलेगी।

वाल्मीकि निगम विवाद: भाजपा के आरोप

बी. श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि वाल्मीकि निगम से ₹87 करोड़ का अवैध हस्तांतरण किया गया और इस धनराशि का कथित तौर पर लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को हराने के लिए अलग-अलग जिलों में दुरुपयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी माना था कि निगम में गड़बड़ियाँ हुई हैं।

श्रीरामुलु ने यह भी आरोप लगाया कि निगम के एक अधिकारी चंद्रशेखर ने इस मामले में कथित धमकी और उत्पीड़न के बाद आत्महत्या की थी। गौरतलब है कि ये आरोप भाजपा के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

मुख्यमंत्री शिवकुमार और नागेंद्र पर निशाना

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी आरोप लगाया कि वे पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र का बचाव कर सकते थे, लेकिन विपक्ष के दबाव के बीच उन्होंने ही नागेंद्र का इस्तीफा तय किया। श्रीरामुलु ने नागेंद्र पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि वे भाजपा नेताओं को 'मनुवादी' कहते हैं, जबकि 2013 के चुनाव में जनार्दन रेड्डी सहित भाजपा नेताओं ने ही उनका समर्थन किया था।

उन्होंने दलित नेता के.एन. राजन्ना को कैबिनेट से हटाए जाने पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि नागेंद्र को 'सूटकेस' देने के बाद मंत्री पद दिया गया था।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार विभिन्न विवादों से घिरी है और भाजपा राज्य में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। भाजपा ने इस पदयात्रा को जनता तक पहुँचने और सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करने का माध्यम बताया है। 10 सितंबर को बल्लारी में समापन रैली के साथ यह अभियान अपने अंतिम चरण में पहुँचेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन 9 विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति है जहाँ वाल्मीकि और दलित समुदाय का प्रभाव निर्णायक है। वाल्मीकि निगम विवाद को भाजपा ने जाति-आधारित राजनीति के कोण से भुनाने की कोशिश की है — यह उसी रणनीति का विस्तार है जो उसने 2023 के विधानसभा चुनाव में आजमाई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। असली सवाल यह है कि क्या सड़क पर उतरना भाजपा को कर्नाटक में वह जनाधार वापस दिला सकता है जो उसने सत्ता गँवाने के बाद खोया है — या यह अभियान केवल मीडिया चक्र तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में भाजपा की पदयात्रा कब और कहाँ से शुरू हुई?
भाजपा की यह पदयात्रा 1 सितंबर को लिंगसुगुर में एक बड़ी जनसभा के साथ शुरू हुई और 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगी। यह 9 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
वाल्मीकि निगम विवाद क्या है जिसे लेकर भाजपा विरोध कर रही है?
भाजपा का आरोप है कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से ₹87 करोड़ का कथित अवैध हस्तांतरण हुआ और इस धन का दुरुपयोग लोकसभा चुनाव के दौरान किया गया। पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र इस विवाद के केंद्र में हैं।
इस पदयात्रा में कौन-से प्रमुख नेता शामिल होंगे?
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाड़ी नारायणस्वामी शामिल होंगे।
भाजपा ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
बी. श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार पूर्व मंत्री नागेंद्र का बचाव कर सकते थे, लेकिन विपक्ष के दबाव में उन्होंने ही नागेंद्र का इस्तीफा तय किया। ये भाजपा के आरोप हैं और सरकार की ओर से इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
यह पदयात्रा किन विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी?
पदयात्रा लिंगसुगुर, मास्की, सिंधनूर, करातगी, गंगावती, कम्पली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर — इन 9 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
राष्ट्र प्रेस
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