30 अगस्त 2026
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कर्नाटक BJP की 1 सितंबर से पदयात्रा: जमीन अधिग्रहण, गृहलक्ष्मी घोटाले और KPSC भ्रष्टाचार पर कांग्रेस सरकार घिरी

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कर्नाटक BJP की 1 सितंबर से पदयात्रा: जमीन अधिग्रहण, गृहलक्ष्मी घोटाले और KPSC भ्रष्टाचार पर कांग्रेस सरकार घिरी

सारांश

कर्नाटक BJP ने 1 सितंबर से पदयात्रा का ऐलान किया है — निशाने पर गृहलक्ष्मी योजना में ₹5,000 करोड़ का कथित गबन, किसानों को बकाया भुगतान न होना, KPSC भ्रष्टाचार और बेंगलुरु में 1,000 एकड़ पार्क भूमि का व्यावसायिक दोहन। यह विपक्ष की एकजुट बहु-मुद्दा रणनीति है।

मुख्य बातें

रविकुमार ने घोषणा की कि पार्टी 1 सितंबर 2026 से कर्नाटक में पदयात्रा निकालेगी।
गृहलक्ष्मी योजना के तहत पिछले दो-तीन महीनों से लाभार्थी महिलाओं के खाते में ₹2,000 प्रति माह की राशि नहीं पहुँची; BJP ने ₹5,000 करोड़ के गबन का आरोप लगाया।
BJP का आरोप है कि सरकार बेंगलुरु के पार्कों की 1,000 एकड़ से अधिक भूमि को व्यावसायिक परिसरों में बदलने की योजना बना रही है।
KPSC भ्रष्टाचार , किसानों को बकाया भुगतान, शिक्षा गुणवत्ता और बिगड़ती कानून-व्यवस्था भी पदयात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल।
कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कर्नाटक इकाई ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ 1 सितंबर 2026 से पदयात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। BJP एमएलसी एन. रविकुमार ने बताया कि यह यात्रा सरकारी जमीन अधिग्रहण, गृहलक्ष्मी योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं, कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों को केंद्र में रखेगी।

पदयात्रा के पीछे के प्रमुख मुद्दे

रविकुमार ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी एक मसले तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'पदयात्रा में सिर्फ नागेंद्र मुद्दा नहीं है, बल्कि अनेक मुद्दे हैं। KPSC का भ्रष्टाचार है। किसानों को एक पैसा भी अभी तक नहीं मिला।' उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रोफेसरों की गुणवत्ता पर सवाल हैं और प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा।

गृहलक्ष्मी योजना में ₹5,000 करोड़ के गबन का आरोप

BJP के आरोपों में सबसे गंभीर मुद्दा राज्य सरकार की गृहलक्ष्मी योजना से जुड़ा है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र महिला को ₹2,000 प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है। रविकुमार के अनुसार पिछले दो-तीन महीनों से लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुँची है। उन्होंने आरोप लगाया, '2025 फरवरी-मार्च का पैसा भी नहीं डाला गया और ₹5,000 करोड़ कहाँ गया, इसका पता नहीं चला। मंत्री बोल रहे हैं कि उन्होंने पैसा डाला है, लेकिन किसी महिला को पैसा नहीं पहुँचा।' कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जमीन अधिग्रहण और बेंगलुरु की हरियाली पर चिंता

जमीन अधिग्रहण के मसले पर रविकुमार ने कांग्रेस सरकार को 'पूरी तरह से कमर्शियलाइज्ड' बताया। उनका आरोप है कि सरकार हजारों एकड़ कृषि भूमि लेकर टाउनशिप बनाने की योजना बना रही है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु के पार्कों की 5 प्रतिशत ज़मीन — जो 1,000 एकड़ से अधिक बनती है — को व्यावसायिक परिसरों में बदलने की योजना है। BJP का तर्क है कि इससे शहर की घटती हरियाली और बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या और गंभीर होगी।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरामैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पहले से ही कई विवादों से जूझ रही है। गौरतलब है कि BJP पहले भी राज्य में विपक्षी आंदोलन चला चुकी है, लेकिन इस बार पार्टी ने एक साथ कई जन-केंद्रित मुद्दों — महिला कल्याण योजना, किसान हित, शिक्षा और पर्यावरण — को एकजुट करने की रणनीति अपनाई है।

आगे क्या

1 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली इस पदयात्रा का विस्तृत मार्ग और कार्यक्रम पार्टी द्वारा जल्द जारी किए जाने की संभावना है। BJP का यह कदम आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महिला कल्याण, किसान हित, पर्यावरण और भ्रष्टाचार जैसे विविध मुद्दों को एक साथ साधने की कोशिश है। गृहलक्ष्मी योजना में ₹5,000 करोड़ के गबन का आरोप सबसे तीखा है — यदि यह सत्यापित होता है, तो यह सीधे उस वर्ग को प्रभावित करता है जिसे कांग्रेस अपना मजबूत वोट आधार मानती है। हालाँकि, BJP के इन आरोपों को स्वतंत्र स्रोतों से अभी सत्यापन की प्रतीक्षा है और कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक समीकरण को बदल सकती है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक BJP की पदयात्रा कब और क्यों शुरू हो रही है?
कर्नाटक BJP की पदयात्रा 1 सितंबर 2026 से शुरू हो रही है। यह यात्रा राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमीन अधिग्रहण, गृहलक्ष्मी योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं, KPSC भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर निकाली जा रही है।
गृहलक्ष्मी योजना में क्या गड़बड़ी का आरोप है?
BJP एमएलसी एन. रविकुमार के अनुसार, गृहलक्ष्मी योजना के तहत पिछले दो-तीन महीनों से पात्र महिलाओं के खातों में ₹2,000 की मासिक राशि नहीं डाली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी-मार्च 2025 की राशि सहित कुल ₹5,000 करोड़ का हिसाब नहीं है।
बेंगलुरु में जमीन अधिग्रहण का मुद्दा क्या है?
BJP का आरोप है कि कांग्रेस सरकार बेंगलुरु के पार्कों की 5 प्रतिशत भूमि — जो 1,000 एकड़ से अधिक बनती है — को व्यावसायिक परिसरों में बदलने की योजना बना रही है। इसके अलावा, हजारों एकड़ कृषि भूमि पर टाउनशिप बनाने की योजना का किसान भी विरोध कर रहे हैं।
KPSC भ्रष्टाचार का मुद्दा क्या है?
BJP ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में भ्रष्टाचार को पदयात्रा के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है। हालाँकि, रविकुमार ने इस मामले में विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया; यह मुद्दा राज्य में पहले से चर्चा में रहा है।
कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने BJP के आरोपों पर क्या कहा?
BJP के इन आरोपों पर कर्नाटक कांग्रेस सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मंत्रियों ने पहले कहा था कि गृहलक्ष्मी योजना की राशि डाली जा चुकी है, लेकिन BJP इसे अपर्याप्त बता रही है।
राष्ट्र प्रेस
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