कर्नाटक BJP की 1 सितंबर से पदयात्रा: जमीन अधिग्रहण, गृहलक्ष्मी घोटाले और KPSC भ्रष्टाचार पर कांग्रेस सरकार घिरी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कर्नाटक इकाई ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ 1 सितंबर 2026 से पदयात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। BJP एमएलसी एन. रविकुमार ने बताया कि यह यात्रा सरकारी जमीन अधिग्रहण, गृहलक्ष्मी योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं, कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों को केंद्र में रखेगी।
पदयात्रा के पीछे के प्रमुख मुद्दे
रविकुमार ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी एक मसले तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'पदयात्रा में सिर्फ नागेंद्र मुद्दा नहीं है, बल्कि अनेक मुद्दे हैं। KPSC का भ्रष्टाचार है। किसानों को एक पैसा भी अभी तक नहीं मिला।' उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रोफेसरों की गुणवत्ता पर सवाल हैं और प्रदेश में कोई भी विकास कार्य नहीं हो रहा।
गृहलक्ष्मी योजना में ₹5,000 करोड़ के गबन का आरोप
BJP के आरोपों में सबसे गंभीर मुद्दा राज्य सरकार की गृहलक्ष्मी योजना से जुड़ा है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र महिला को ₹2,000 प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है। रविकुमार के अनुसार पिछले दो-तीन महीनों से लाभार्थियों के खातों में राशि नहीं पहुँची है। उन्होंने आरोप लगाया, '2025 फरवरी-मार्च का पैसा भी नहीं डाला गया और ₹5,000 करोड़ कहाँ गया, इसका पता नहीं चला। मंत्री बोल रहे हैं कि उन्होंने पैसा डाला है, लेकिन किसी महिला को पैसा नहीं पहुँचा।' कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जमीन अधिग्रहण और बेंगलुरु की हरियाली पर चिंता
जमीन अधिग्रहण के मसले पर रविकुमार ने कांग्रेस सरकार को 'पूरी तरह से कमर्शियलाइज्ड' बताया। उनका आरोप है कि सरकार हजारों एकड़ कृषि भूमि लेकर टाउनशिप बनाने की योजना बना रही है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु के पार्कों की 5 प्रतिशत ज़मीन — जो 1,000 एकड़ से अधिक बनती है — को व्यावसायिक परिसरों में बदलने की योजना है। BJP का तर्क है कि इससे शहर की घटती हरियाली और बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या और गंभीर होगी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धरामैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पहले से ही कई विवादों से जूझ रही है। गौरतलब है कि BJP पहले भी राज्य में विपक्षी आंदोलन चला चुकी है, लेकिन इस बार पार्टी ने एक साथ कई जन-केंद्रित मुद्दों — महिला कल्याण योजना, किसान हित, शिक्षा और पर्यावरण — को एकजुट करने की रणनीति अपनाई है।
आगे क्या
1 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली इस पदयात्रा का विस्तृत मार्ग और कार्यक्रम पार्टी द्वारा जल्द जारी किए जाने की संभावना है। BJP का यह कदम आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में भी देखा जा रहा है।