कर्नाटक भाजपा की 200 किमी पदयात्रा 1 सितंबर से, रायचूर से बल्लारी तक कांग्रेस सरकार को घेरेगी BJP
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं को जनता के बीच उजागर करने के लिए 1 सितंबर से 10 सितंबर तक रायचूर से बल्लारी के बीच लगभग 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। 25 अगस्त को बेंगलुरु स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बीवाई विजयेंद्र ने यह घोषणा की।
पदयात्रा का मार्ग और कार्यक्रम
विजयेंद्र के अनुसार, यह 10 दिवसीय पदयात्रा 1 सितंबर को रायचूर से शुरू होकर 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगी। उद्घाटन और समापन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। भाजपा ने इस अवसर पर प्रस्तावित पदयात्रा के मार्ग का पोस्टर भी जारी किया।
भाजपा के अलावा जनता दल (सेक्युलर) — JDS के नेता भी इस कार्यक्रम में सहभागी होंगे। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भी इस पदयात्रा को समर्थन देने की बात कही गई है।
किन मुद्दों को उठाएगी भाजपा
विजयेंद्र ने बताया कि पदयात्रा के दौरान कांग्रेस सरकार पर कई मोर्चों पर सवाल उठाए जाएंगे — विकास कार्यों की अनदेखी, किसानों की समस्याएं, गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की कमी, रोजगार सृजन में विफलता, आरक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दे, उत्तर कर्नाटक की विशेष समस्याएं और सरकारी रिक्त पदों को न भरना।
उन्होंने कहा, 'सरकार की गरीब विरोधी, किसान विरोधी और युवा विरोधी नीतियों को उजागर करने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए हमने 10 दिवसीय पदयात्रा का फैसला किया है।'
विधानसभा सत्र और वाल्मीकि निगम घोटाला
विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए विधानसभा सत्र को समय से पहले समाप्त कर दिया। उनके अनुसार, भाजपा ने सत्र शुरू होने से पहले माँग की थी कि वाल्मीकि निगम घोटाले में आरोपों का सामना कर रहे मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाया जाए।
उन्होंने दावा किया कि भोवी समुदाय के एक अधिकारी चंद्रशेखर की आत्महत्या के मामले में मिले कथित सुसाइड नोट में एक मंत्री के मौखिक निर्देश पर धन हस्तांतरण का उल्लेख था। विजयेंद्र के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि घोटाला हुआ था, और आबकारी मंत्री केएम शिवलिंगे गौड़ा ने भी बी. नागेंद्र को इस मामले में आरोपी बताया था।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने सूखे की स्थिति, KPSC भर्ती में कथित अनियमितताएं, सरकारी नियुक्तियां, उत्तर कर्नाटक के मुद्दे, बिदादी टाउनशिप परियोजना और नाइस परियोजना पर चर्चा कराने के बजाय सत्र छोटा कर दिया।
मुख्यमंत्री शिवकुमार पर निशाना
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर शासन की बजाय रियल एस्टेट परियोजनाओं में अधिक रुचि लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिदादी टाउनशिप, प्रस्तावित कनकपुरा हवाई अड्डा और नाइस परियोजना रियल एस्टेट से संबंधित हैं और मुख्यमंत्री का ध्यान इन्हीं पर केंद्रित है।
उन्होंने सरकार पर 'दोहरा रवैया' अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ रियल एस्टेट विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विजयेंद्र ने मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे में देरी को लेकर भी सरकार की आलोचना की और दावा किया कि इससे मंत्रियों के बीच असंतोष पैदा हो गया है।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस प्रेसवार्ता में विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वथ नारायण, पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु और गाली जनार्दन रेड्डी समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। पदयात्रा उत्तर कर्नाटक के राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरेगी, जो आगामी चुनावी समीकरणों की दृष्टि से भाजपा-JDS गठबंधन के लिए अहम माने जाते हैं।