26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र के 184 स्मारकों के संरक्षण को गति, मंत्री शेलार ने ₹441 करोड़ की योजना की समीक्षा की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र के 184 स्मारकों के संरक्षण को गति, मंत्री शेलार ने ₹441 करोड़ की योजना की समीक्षा की

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने 184 ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण के लिए ₹441.14 करोड़ की योजना को नई गति दी है। मंत्री आशीष शेलार की बैठक में सिंधुदुर्ग के तीन किलों पर बड़े फैसले हुए — साइट म्यूज़ियम, डिजिटल सर्वे और राज्य संरक्षित स्मारक का दर्जा।

मुख्य बातें

जिला वार्षिक योजना की धनराशि का 3% किलों और स्मारकों के संरक्षण में लगाने की सुविधा 2026-27 तक बढ़ाई गई।
184 स्मारकों के लिए ₹441.14 करोड़ की तकनीकी मंजूरी; ₹372.34 करोड़ के 161 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति।
सिंधुदुर्ग के नंदोस किले में साइट म्यूज़ियम बनेगा, प्रबंधन ग्राम पंचायत करेगी।
भगवंतगढ़ का डिजिटल सर्वे होगा; सिद्धगढ़ को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया शुरू।
विभागीय फंड से ₹627.62 करोड़ के 108 कार्यों को मंजूरी; 16 पूरे , 86 जारी ।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर के किलों, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के तहत आवंटित धनराशि का तीन प्रतिशत हिस्सा संरक्षण कार्यों में लगाने की सुविधा को वित्त वर्ष 2026-27 तक जारी रखा जाएगा। पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के माध्यम से राज्य के 184 स्मारकों के लिए अनुमानित ₹441.14 करोड़ की तकनीकी मंजूरी दी जा चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में सिंधुदुर्ग जिले के तीन प्रमुख किलों — नंदोस किला, भगवंतगढ़ और सिद्धगढ़ — के संरक्षण को लेकर अहम निर्णय लिए गए। नंदोस किले में एक साइट म्यूज़ियम स्थापित किया जाएगा, जिसका प्रबंधन स्थानीय ग्राम पंचायत के हाथों में होगा। भगवंतगढ़ के लिए आधुनिक तकनीक से डिजिटल सर्वे की प्रशासनिक मंजूरी दी जाएगी, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होगी।

सिद्धगढ़ को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। मंत्री शेलार ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के पूरा होने तक किले के परिसर में किसी भी अवैध खुदाई या खनन को रोकने के लिए एहतियाती आदेश जारी किए गए हैं।

वित्तीय प्रगति का ब्यौरा

जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत 184 स्मारकों के लिए ₹441.14 करोड़ की तकनीकी मंजूरी दी गई है। इनमें से 161 कार्यों को ₹372.34 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। 52 कार्य — जिनकी लागत ₹105.61 करोड़ है — पूरे हो चुके हैं, जबकि ₹184.68 करोड़ के 108 कार्य अभी प्रगति पर हैं।

विभागीय फंड के माध्यम से अलग से ₹627.62 करोड़ के 108 कार्यों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 16 कार्य पूरे हो चुके हैं और 86 कार्य जारी हैं। गौरतलब है कि यह महाराष्ट्र सरकार की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धताओं में से एक है।

सरकार की प्राथमिकताएँ

मंत्री आशीष शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला वार्षिक योजना और विभागीय आवंटन — दोनों स्रोतों से मिलने वाले फंड का उपयोग संरक्षण कार्यों में तेज़ी से किया जाए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विरासत स्थलों का संरक्षण केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई किले — विशेषकर सह्याद्री और कोंकण क्षेत्र के — मानसून की मार और अनधिकृत गतिविधियों से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सर्वे जैसी आधुनिक पद्धतियाँ संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव हैं।

बैठक में कौन शामिल हुए

इस बैठक में सांस्कृतिक मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक तेजस गर्गे, संबंधित जिलों के अधिकारी और स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। आगे चलकर इन कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति की है — 108 चल रहे कार्यों में से कितने समयसीमा में पूरे होंगे, यह देखना होगा। सिद्धगढ़ को 'संरक्षित' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होना स्वागत योग्य है, पर महाराष्ट्र में ऐसी प्रक्रियाएँ वर्षों तक लंबित रहने का इतिहास है। नंदोस किले का प्रबंधन ग्राम पंचायत को सौंपना विकेंद्रीकरण की दिशा में सही कदम है, बशर्ते उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण और संसाधन मिलें।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में किलों और स्मारकों के संरक्षण के लिए कितना पैसा मंजूर हुआ है?
पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के माध्यम से 184 स्मारकों के लिए ₹441.14 करोड़ की तकनीकी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभागीय फंड से ₹627.62 करोड़ के 108 और कार्यों को स्वीकृति मिली है।
सिंधुदुर्ग के किलों के लिए क्या फैसले हुए?
नंदोस किले में साइट म्यूज़ियम बनाया जाएगा जिसे ग्राम पंचायत चलाएगी, भगवंतगढ़ का डिजिटल सर्वे होगा, और सिद्धगढ़ को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सिद्धगढ़ में अवैध खुदाई रोकने के एहतियाती आदेश भी जारी किए गए हैं।
जिला वार्षिक योजना का 3% संरक्षण में लगाने की सुविधा कब तक है?
यह सुविधा वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दी गई है। इसके तहत जिला स्तर पर आवंटित सामान्य फंड का तीन प्रतिशत हिस्सा किलों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण कार्यों पर खर्च किया जा सकता है।
अभी तक कितने संरक्षण कार्य पूरे हो चुके हैं?
जिला वार्षिक योजना के तहत ₹105.61 करोड़ के 52 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि ₹184.68 करोड़ के 108 कार्य अभी जारी हैं। विभागीय फंड से 16 कार्य पूरे हुए हैं और 86 प्रगति पर हैं।
इस बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
बैठक की अध्यक्षता सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने की। इसमें पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक तेजस गर्गे, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला अधिकारी और स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले