7 अगस्त 2026
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नासिक कुंभ 2027: CM फडणवीस ने ₹34,732 करोड़ की विकास योजना में तेजी का दिया अल्टीमेटम

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नासिक कुंभ 2027: CM फडणवीस ने ₹34,732 करोड़ की विकास योजना में तेजी का दिया अल्टीमेटम

सारांश

नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 के लिए ₹34,732 करोड़ की विकास योजना अभी भी धीमी रफ्तार पर है — और CM फडणवीस ने साफ कह दिया है कि यह स्वीकार्य नहीं। 12 करोड़ श्रद्धालुओं की तैयारी, AI तकनीक और मार्च 2027 की अटल समय-सीमा के साथ, महाराष्ट्र का प्रशासन अब असली दबाव में है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 7 अगस्त 2026 को मुंबई में समीक्षा बैठक में नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारियों की मौजूदा गति को असंतोषजनक बताया।
₹34,732 करोड़ की विकास योजना के तहत नासिक रिंग रोड, साधुग्राम, रेलवे स्टेशन उन्नयन और 4,500 एसटी बसों की तैनाती प्राथमिकता में है।
अनुमानित 12 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए AI सहायक 'कुंभदूत', फेशियल रिकग्निशन और ICCC सहित डिजिटल कुंभ फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा।
सभी निर्माण कार्यों की अंतिम समय-सीमा मार्च 2027 ; अप्रैल 2027 तक पूर्ण संचालन अनिवार्य।
समय-सीमा उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों पर सख्त जुर्माने के निर्देश; एक महीने बाद पुनः समीक्षा बैठक तय।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 7 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी सरकारी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए स्वीकृत ₹34,732 करोड़ की विकास योजना के तहत बुनियादी ढाँचे के कार्यों में तत्काल गति लाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एक महीने बाद फिर से समीक्षा होगी जिसमें ठोस प्रगति दिखनी चाहिए।

मौजूदा प्रगति असंतोषजनक: CM का कड़ा रुख

फडणवीस ने बैठक में मौजूदा कार्य प्रगति को असंतोषजनक करार देते हुए अधिकारियों को काम टालने की प्रवृत्ति त्यागने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी नियोजित परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य है। नासिक नगर आयुक्त को विशेष रूप से सड़कों के गड्ढे भरने और चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को तुरंत पूरा करने का आदेश दिया गया। समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों पर सख्त जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए।

प्रमुख बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ

मुख्यमंत्री ने जिन प्राथमिकता परियोजनाओं को रेखांकित किया उनमें नासिक रिंग रोड का निर्माण, साधुग्राम की स्थापना, रेलवे स्टेशनों का उन्नयन, 4,500 विशेष एसटी बसों की तैनाती और अनुमानित 12 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यापक पार्किंग नेटवर्क का निर्माण शामिल हैं। महानगर गैस कंपनी को नासिक नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर गैस कनेक्शन के लंबित कार्य नागरिकों को असुविधा पहुँचाए बिना पूरे करने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल कुंभ: AI और स्मार्ट तकनीक का समावेश

फडणवीस ने डिजिटल कुंभ फ्रेमवर्क के अंतर्गत आधुनिक तकनीक को बड़े पैमाने पर शामिल करने का निर्देश दिया। इसमें AI-आधारित सहायक 'कुंभदूत', डिजिटल ट्विन मॉडलिंग, स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन, फेशियल रिकग्निशन-आधारित गुमशुदा व्यक्ति खोज प्रणाली और भीड़ व सुरक्षा के रियल-टाइम प्रबंधन के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना शामिल है। यह कुंभ मेले के इतिहास में तकनीकी दृष्टि से सबसे उन्नत आयोजन बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

स्वच्छता, रोजगार और समन्वय

आयोजन को स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए हजारों अस्थायी शौचालय, कूड़ेदान, चेंजिंग रूम और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के माध्यम से हजारों युवाओं को पर्यटन, आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा और आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

मार्च 2027 की अंतिम समय-सीमा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भूमि अधिग्रहण, रिंग रोड निर्माण, साधुग्राम तैयार करने और नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी कार्यों के लिए मार्च 2027 की पक्की समय-सीमा निर्धारित की है, ताकि अप्रैल 2027 तक सब कुछ पूरी तरह चालू हो जाए। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, भारतीय रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और स्थानीय प्रशासनिक निकायों से पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। यह आयोजन महाराष्ट्र की प्रशासनिक क्षमता की एक बड़ी परीक्षा साबित होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

732 करोड़ की यह योजना महत्त्वाकांक्षी है, लेकिन मुख्यमंत्री का खुद 'असंतोषजनक प्रगति' स्वीकार करना बताता है कि जमीनी हकीकत और सरकारी घोषणाओं के बीच की खाई अभी भी चौड़ी है। कुंभ जैसे विशाल आयोजन में मार्च 2027 तक सब कुछ पूरा करने की समय-सीमा अत्यंत तंग है — खासकर तब जब भूमि अधिग्रहण और रिंग रोड जैसे बड़े कार्य अभी भी अधूरे हैं। AI और डिजिटल फ्रेमवर्क की घोषणाएँ उत्साहजनक हैं, परंतु प्रयागराज कुंभ 2025 की भगदड़ त्रासदी यह याद दिलाती है कि तकनीक भीड़ प्रबंधन का विकल्प नहीं, पूरक है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या अगली समीक्षा बैठक में केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मापने योग्य प्रगति सामने आती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए कितनी राशि स्वीकृत है?
नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए ₹34,732 करोड़ की विकास योजना स्वीकृत है। इस राशि से बुनियादी ढाँचा, परिवहन, डिजिटल तकनीक और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाने हैं।
CM फडणवीस ने कुंभ तैयारियों के लिए क्या समय-सीमा तय की है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी निर्माण और बुनियादी ढाँचे के कार्यों के लिए मार्च 2027 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की है, ताकि अप्रैल 2027 तक सब कुछ पूरी तरह चालू हो सके। एक महीने बाद पुनः समीक्षा बैठक भी तय की गई है।
नासिक कुंभ 2027 में कितने श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है?
सरकारी अनुमान के अनुसार नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसी को देखते हुए बड़े पैमाने पर पार्किंग नेटवर्क, 4,500 एसटी बसें और व्यापक नागरिक सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं।
डिजिटल कुंभ फ्रेमवर्क में क्या-क्या शामिल है?
डिजिटल कुंभ फ्रेमवर्क के तहत AI-आधारित सहायक 'कुंभदूत', डिजिटल ट्विन मॉडलिंग, स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन, फेशियल रिकग्निशन-आधारित गुमशुदा व्यक्ति खोज प्रणाली और भीड़ व सुरक्षा के रियल-टाइम प्रबंधन के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) शामिल हैं।
नासिक कुंभ 2027 से स्थानीय युवाओं को रोजगार कैसे मिलेगा?
स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के माध्यम से हजारों युवाओं को पर्यटन, आतिथ्य, स्वास्थ्य सेवा और आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कुंभ मेले के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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