क्या महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े अहम फैसले लिए गए?

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क्या महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े अहम फैसले लिए गए?

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए हैं, जो बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जानें इन फैसलों के बारे में विस्तार से, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

मुख्य बातें

बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए महत्वपूर्ण निर्णय श्रम कानूनों में संशोधन नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी सामाजिक कल्याण योजनाओं का विस्तार न्यायिक प्रणाली में सुधार

मुंबई, २६ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे, न्याय व्यवस्था, सहकारिता, और सामाजिक कल्याण कार्यों को बढ़ावा देना है।

बीड जिले में सिंदफना नदी पर कोल्हापुर प्रणाली के तीन बांधों - नीमगांव, ब्रह्मनाथ येलम्ब (शिरूर) और टकलगांव (हिंगानी, गेवराई) को बैराज में बदलने और विस्तार करने की योजना को मंजूरी दी गई। इससे क्षेत्र में सिंचाई और जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य के श्रम कानूनों में संशोधन कर महाराष्ट्र श्रम संहिता नियमों को लागू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम श्रमिकों के हितों को और मजबूत करेगा।

पुणे जिले के राजगढ़ सहकारी चीनी कारखाना लिमिटेड, अनंतनगर निगड़े (भोर) को कार्यशील पूंजी के लिए एनसीडीसी से मार्जिन मनी ऋण और अहिल्यानगर के बबनराव ढकने केदारेश्वर सहकारी चीनी कारखाना लिमिटेड, सुमननगर (शेवगांव) को सरकारी गारंटी पर सावधि ऋण देने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, पुणे के थेउर (हवेली) में यशवंत सहकारी शक्कर कारखाना लिमिटेड की जमीन बिक्री को भी हरी झंडी दिखाई गई।

नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दी गई। इस परियोजना का संचालन निगम के माध्यम से होगा और इसके डिजाइन व भूमि अधिग्रहण को भी स्वीकृति मिली। यह परियोजना क्षेत्र में यातायात और आर्थिक विकास को गति देगी।

बीड जिले के आष्टी में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश स्तर का न्यायालय स्थापित करने का फैसला लिया गया। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के नए पद सृजित किए जाएंगे, साथ ही व्यय को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, महाराष्ट्र लोक न्यास प्रणाली अधिनियम, १९५० में संशोधन को भी स्वीकृति मिली।

छूट प्राप्त जातियों और घुमंतू जनजातियों के लिए पहचान पत्र, प्रमाण पत्र और विभिन्न योजनाओं के लाभ को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया गया। Nagpur और अमरावती संभागों में नजूल भूमि को आवासीय उपयोग के लिए विशेष योजना के तहत एक वर्ष के लिए नीलामी या अन्य तरीकों से पट्टे पर देने का विस्तार किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक कल्याण में भी एक सकारात्मक दिशा में कदम उठाने का संकेत हैं। यह फैसले राज्य की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र कैबिनेट ने किन-किन क्षेत्रों में निर्णय लिए?
महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुनियादी ढांचे, श्रम कानून, सहकारिता, और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई निर्णय लिए।
सिंदफना नदी के बांधों के विस्तार का क्या लाभ होगा?
इस विस्तार से क्षेत्र में सिंचाई और जल प्रबंधन में सुधार होगा।
नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे परियोजना का महत्व क्या है?
यह परियोजना क्षेत्र में यातायात और आर्थिक विकास को गति देगी।
राष्ट्र प्रेस
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