वंदे भारत पर पथराव: सूरत में ट्रेन नंबर 22961 के दो कोच क्षतिग्रस्त, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22961) पर 25 अगस्त 2026 की शाम गुजरात के सूरत में पथराव की घटना हुई, जिसमें ट्रेन के सी-6 और सी-10 कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसी ट्रेन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एग्जीक्यूटिव कोच में सफर कर रही थीं, जो इस घटना में पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कब और कहाँ हुई वारदात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पथराव की यह घटना उत्राण और कोसाड स्टेशन के बीच शाम करीब 6:30 बजे से 6:45 बजे के दौरान हुई, जब ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद की ओर जा रही थी। पत्थरों की चपेट में आने से दो कोचों की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए, हालाँकि ट्रेन की आवाजाही बाधित नहीं हुई।
हिरासत में लिया गया संदिग्ध
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और रेलवे ट्रैक के निकट से लगभग 30 वर्षीय एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति भारी नशे की हालत में था। पुलिस और RPF अधिकारी उसकी पहचान, घटना में उसकी भूमिका और पथराव के पीछे के कारणों की जाँच कर रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पथराव केवल उसी व्यक्ति ने किया या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। जाँच एजेंसियाँ सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की गुजरात यात्रा
आनंदीबेन पटेल वर्ष 2019 से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं और राज्य की सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली राज्यपालों में शुमार हैं। वह 17 अगस्त से 26 अगस्त तक 10 दिनों की अवकाश यात्रा पर गुजरात आई हुई थीं। इस दौरान उन्होंने दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के विभिन्न क्षेत्रों — जिनमें सिलवासा और दमन शामिल हैं — का दौरा किया।
23 अगस्त को उन्होंने दमन के देवका बीच पर आयोजित मानसून फेस्टिवल-2026 में हिस्सा लिया था, जहाँ उन्होंने बच्चों और युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया था।
रेलवे और पुलिस की प्रतिक्रिया
रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले की जाँच जारी है और घटना में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की घटनाएँ पहले भी देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आ चुकी हैं, जिन पर रेलवे प्रशासन ने चिंता जताई है।
आगे क्या
जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि पथराव सुनियोजित था या अकस्मात। हिरासत में लिए गए संदिग्ध से विस्तृत पूछताछ जारी है और जल्द ही स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।