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कर्नाटक भाजपा का 1 सितंबर से पदयात्रा अभियान, 9 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ मार्च

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कर्नाटक भाजपा का 1 सितंबर से पदयात्रा अभियान, 9 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ मार्च

सारांश

कर्नाटक भाजपा ने 1 से 10 सितंबर तक नौ विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रा का ऐलान किया है। वाल्मीकि निगम में कथित ₹87 करोड़ के घोटाले को मुद्दा बनाकर पार्टी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

कर्नाटक भाजपा 1 से 10 सितंबर तक 9 विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रा निकालेगी।
मार्च लिंगसुगुर से शुरू होकर बल्लारी में समाप्त होगा।
मुख्य मुद्दा: कथित वाल्मीकि निगम घोटाला और ₹87 करोड़ के अनधिकृत हस्तांतरण का आरोप।
उद्घाटन में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, एचडी कुमारस्वामी और भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के शामिल होने की उम्मीद।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव में निगम फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया; अधिकारी चंद्रशेखर की मौत का मुद्दा भी उठाया।

कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) 1 सितंबर से 10 सितंबर तक राज्य की कांग्रेस सरकार के विरुद्ध एक बड़ा पदयात्रा अभियान चलाएगी, जो नौ विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने 29 अगस्त को बेंगलुरु स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय जगन्नाथ भवन में पदयात्रा का लोगो जारी करते हुए यह घोषणा की। यह मार्च लिंगसुगुर की एक विशाल जनसभा से शुरू होकर बल्लारी में समाप्त होगा।

पदयात्रा का मार्ग और कार्यक्रम

पदयात्रा 1 सितंबर को लिंगसुगुर में आयोजित जनसभा से आरंभ होगी और 10 सितंबर को बल्लारी में समापन समारोह के साथ खत्म होगी। यह अभियान लिंगसुगुर, मस्की, सिंधानूर, करातागी, गंगावती, कामप्ली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर — इन नौ विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगा।

उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवाड़ी नारायणस्वामी सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

वाल्मीकि निगम घोटाला: मुख्य मुद्दा

श्रीरामुलु ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा मुख्य रूप से कथित वाल्मीकि निगम घोटाले को केंद्र में रखकर निकाली जा रही है। उनके अनुसार, भाजपा ने इस मामले में पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह आंदोलन चलाया था।

श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि इस मामले में ₹87 करोड़ का अनधिकृत हस्तांतरण हुआ और दावा किया कि लोकसभा चुनावों के दौरान विभिन्न जिलों में भाजपा को कमज़ोर करने के लिए निगम के फंड का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने निगम में अनियमितताओं को स्वीकार किया था।

नागेंद्र के एक ही मुद्दे पर दो बार इस्तीफा देने पर श्रीरामुलु ने इसे असामान्य करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे नागेंद्र का बचाव कर सकते थे, लेकिन विपक्ष के दबाव में उन्होंने इस्तीफे की राह चुनी।

अधिकारी की मौत और परिवार का सवाल

श्रीरामुलु ने आदिवासी कल्याण निगम के अधिकारी चंद्रशेखर की मौत का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर धमकियों और उत्पीड़न का सामना करने के बाद अधिकारी ने आत्महत्या कर ली, और नागेंद्र तथा कांग्रेस पर मृतक के परिवार के साथ न खड़े होने का आरोप लगाया।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की राह

श्रीरामुलु ने इस्तीफे के वक्त नागेंद्र की भावुक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस स्थिति के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है, भाजपा नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने यह मुद्दा राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के बच्चों के भविष्य के हित में उठाया था।

नागेंद्र पर पाखंड का आरोप लगाते हुए श्रीरामुलु ने याद दिलाया कि भाजपा नेता जनार्दन रेड्डी सहित अन्य नेताओं ने 2013 के चुनाव में उनकी जीत का समर्थन किया था। यह पदयात्रा अभियान कर्नाटक में भाजपा की राजनीतिक पुनर्सक्रियता की एक कड़ी के रूप में देखी जा रही है, और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अनुसूचित जनजाति मतदाताओं की संख्या निर्णायक है — यानी यह सिर्फ विरोध नहीं, अगले विधानसभा चुनाव की पूर्व-तैयारी भी है। हालाँकि, भाजपा के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, और कांग्रेस सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारी चंद्रशेखर की मौत का मुद्दा उठाकर भाजपा ने इस विवाद को एक मानवीय आयाम देने की कोशिश की है, जो मीडिया और जनमत दोनों में अधिक असर डाल सकता है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक भाजपा की पदयात्रा कब और कहाँ से शुरू होगी?
पदयात्रा 1 सितंबर को लिंगसुगुर में एक विशाल जनसभा के साथ शुरू होगी और 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगी। यह नौ विधानसभा क्षेत्रों — लिंगसुगुर, मस्की, सिंधानूर, करातागी, गंगावती, कामप्ली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर — से होकर गुजरेगी।
वाल्मीकि निगम घोटाला क्या है और भाजपा इसे क्यों उठा रही है?
भाजपा के आरोपों के अनुसार, कर्नाटक के आदिवासी कल्याण निगम (वाल्मीकि निगम) से कथित तौर पर ₹87 करोड़ का अनधिकृत हस्तांतरण हुआ। भाजपा का दावा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान इस फंड का दुरुपयोग पार्टी को हराने के लिए किया गया, और इसी मुद्दे पर पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को इस्तीफा देना पड़ा।
पदयात्रा में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल होंगे?
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवाड़ी नारायणस्वामी के शामिल होने की उम्मीद है।
अधिकारी चंद्रशेखर का मामला इस विवाद से कैसे जुड़ा है?
बी. श्रीरामुलु के अनुसार, आदिवासी कल्याण निगम के अधिकारी चंद्रशेखर ने कथित धमकियों और उत्पीड़न का सामना करने के बाद आत्महत्या कर ली। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री नागेंद्र और कांग्रेस मृतक अधिकारी के परिवार के साथ नहीं खड़े हुए।
भाजपा ने यह पदयात्रा किस उद्देश्य से घोषित की है?
भाजपा नेता श्रीरामुलु ने कहा है कि यह अभियान राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के बच्चों के भविष्य और उनके हितों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। पार्टी कांग्रेस सरकार पर निगम फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जवाबदेही की माँग कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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