कर्नाटक भाजपा का 1 सितंबर से पदयात्रा अभियान, 9 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ मार्च
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) 1 सितंबर से 10 सितंबर तक राज्य की कांग्रेस सरकार के विरुद्ध एक बड़ा पदयात्रा अभियान चलाएगी, जो नौ विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने 29 अगस्त को बेंगलुरु स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय जगन्नाथ भवन में पदयात्रा का लोगो जारी करते हुए यह घोषणा की। यह मार्च लिंगसुगुर की एक विशाल जनसभा से शुरू होकर बल्लारी में समाप्त होगा।
पदयात्रा का मार्ग और कार्यक्रम
पदयात्रा 1 सितंबर को लिंगसुगुर में आयोजित जनसभा से आरंभ होगी और 10 सितंबर को बल्लारी में समापन समारोह के साथ खत्म होगी। यह अभियान लिंगसुगुर, मस्की, सिंधानूर, करातागी, गंगावती, कामप्ली, संदूर, बल्लारी ग्रामीण और बल्लारी शहर — इन नौ विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवाड़ी नारायणस्वामी सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
वाल्मीकि निगम घोटाला: मुख्य मुद्दा
श्रीरामुलु ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा मुख्य रूप से कथित वाल्मीकि निगम घोटाले को केंद्र में रखकर निकाली जा रही है। उनके अनुसार, भाजपा ने इस मामले में पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की माँग को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह आंदोलन चलाया था।
श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि इस मामले में ₹87 करोड़ का अनधिकृत हस्तांतरण हुआ और दावा किया कि लोकसभा चुनावों के दौरान विभिन्न जिलों में भाजपा को कमज़ोर करने के लिए निगम के फंड का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने निगम में अनियमितताओं को स्वीकार किया था।
नागेंद्र के एक ही मुद्दे पर दो बार इस्तीफा देने पर श्रीरामुलु ने इसे असामान्य करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे नागेंद्र का बचाव कर सकते थे, लेकिन विपक्ष के दबाव में उन्होंने इस्तीफे की राह चुनी।
अधिकारी की मौत और परिवार का सवाल
श्रीरामुलु ने आदिवासी कल्याण निगम के अधिकारी चंद्रशेखर की मौत का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर धमकियों और उत्पीड़न का सामना करने के बाद अधिकारी ने आत्महत्या कर ली, और नागेंद्र तथा कांग्रेस पर मृतक के परिवार के साथ न खड़े होने का आरोप लगाया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे की राह
श्रीरामुलु ने इस्तीफे के वक्त नागेंद्र की भावुक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस स्थिति के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है, भाजपा नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने यह मुद्दा राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के बच्चों के भविष्य के हित में उठाया था।
नागेंद्र पर पाखंड का आरोप लगाते हुए श्रीरामुलु ने याद दिलाया कि भाजपा नेता जनार्दन रेड्डी सहित अन्य नेताओं ने 2013 के चुनाव में उनकी जीत का समर्थन किया था। यह पदयात्रा अभियान कर्नाटक में भाजपा की राजनीतिक पुनर्सक्रियता की एक कड़ी के रूप में देखी जा रही है, और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और तेज़ होने की संभावना है।