30 अगस्त 2026
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जम्मू-कश्मीर FDA का बड़ा एक्शन: घी के 10 ब्रांड/बैच पर बिक्री-भंडारण प्रतिबंध, मिलावट की पुष्टि

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जम्मू-कश्मीर FDA का बड़ा एक्शन: घी के 10 ब्रांड/बैच पर बिक्री-भंडारण प्रतिबंध, मिलावट की पुष्टि

सारांश

जम्मू-कश्मीर FDA ने 30 अगस्त को घी के 10 ब्रांड/बैचों पर बिक्री और भंडारण पर रोक लगाई। प्रयोगशाला जाँच में विदेशी वनस्पति वसा और मिलावट की पुष्टि हुई। FBO को 48 घंटे में स्टॉक रिपोर्ट देने का आदेश; उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की अपील।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर FDA ने 30 अगस्त 2026 को घी के 10 ब्रांड/बैचों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई।
प्रतिबंधित ब्रांडों में डेयरी मोहन, अपना डेयरी मिल्क, मिल्क बाइट, नंदनी, शाही ताज, दावत फ्रेश, नंद कृष्णा, वंदू, डेयरी मिल्क और मोहन डेयरी शामिल हैं।
प्रयोगशाला जाँच में बीटा-सिटोस्टेरॉल/विदेशी वनस्पति वसा की उपस्थिति और सकारात्मक बॉडॉइन परीक्षण पाया गया।
नमूने अनंतनाग, जम्मू, सांबा, कठुआ, ट्राल सहित 9 स्थानों से एकत्र किए गए थे।
संबंधित FBO को 48 घंटों के भीतर स्टॉक की जानकारी नामित अधिकारी को देनी होगी।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई है; FBO का पुनः विश्लेषण का अधिकार बरकरार।

जम्मू-कश्मीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 30 अगस्त 2026 को घी के 10 ब्रांडों/बैचों की बिक्री, भंडारण, वितरण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। प्रयोगशाला जाँच में ये उत्पाद निम्न गुणवत्ता वाले, असुरक्षित और भ्रामक रूप से ब्रांडेड पाए गए। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत की गई है।

प्रतिबंधित बैचों का विवरण

जिन 10 उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें डेयरी मोहन देसी घी (बैच संख्या 5), अपना डेयरी मिल्क देसी घी (बैच संख्या DM-6), मिल्क बाइट काऊ घी (बैच संख्या 137), नंदनी देसी घी (बैच संख्या ND-28), और शाही ताज देसी घी (बैच संख्या 134) शामिल हैं।

इसके अलावा दावत फ्रेश (बैच संख्या VT09), नंद कृष्णा काऊ घी (बैच संख्या PC-05-26), वंदू काऊ घी (बैच संख्या D143), डेयरी मिल्क देसी घी (बैच संख्या OM12), और मोहन डेयरी घी (बैच संख्या 6) भी इस प्रतिबंध की जद में हैं।

प्रयोगशाला जाँच में क्या मिला

नमूने अनंतनाग, शांगस, लारनू, बिजबेहरा, सांबा, कठुआ, जम्मू, ट्राल और पंपोर सहित जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से एकत्र किए गए थे। गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला के अधिसूचित खाद्य विश्लेषक और कश्मीर स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा जाँच की गई।

जाँच रिपोर्ट में बीटा-सिटोस्टेरॉल/विदेशी वनस्पति वसा की उपस्थिति, सकारात्मक बॉडॉइन परीक्षण, असामान्य वसा-अम्ल प्रोफाइल और निर्धारित भौतिक-रासायनिक मापदंडों से विचलन दर्ज किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब खाद्य मिलावट के मामलों पर देशभर में नियामक सख्ती बढ़ रही है।

खाद्य व्यवसाय संचालकों को निर्देश

खाद्य एवं औषधि विभाग ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO), थोक विक्रेताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को प्रभावित बैचों की बिक्री तुरंत बंद करने का आदेश दिया है। संबंधित FBO को 48 घंटों के भीतर प्रभावित बैचों की स्टॉक स्थिति की जानकारी संबंधित नामित अधिकारी को देनी होगी।

प्रवर्तन अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने और प्रतिबंधित उत्पादों के आगे प्रसार को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। FDA ने स्पष्ट किया है कि लागू मानकों के अनुसार घी केवल दूध या दूध उत्पादों से ही प्राप्त होना चाहिए।

उपभोक्ताओं के लिए सलाह

FDA ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घी खरीदते समय ब्रांड, बैच नंबर और पैकिंग तिथि की जाँच अवश्य करें। प्रतिबंधित बैचों की बिक्री या उपलब्धता की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी गई है।

गौरतलब है कि यह निषेधात्मक कार्रवाई जनहित में एहतियाती उपाय है और संबंधित FBO के FSSAI-अधिसूचित रेफरल प्रयोगशाला के माध्यम से पुनः विश्लेषण कराने के वैधानिक अधिकार को प्रभावित नहीं करती। आने वाले दिनों में प्रवर्तन अधिकारियों की बाज़ार जाँच तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये मिलावटी उत्पाद बाज़ार में इतने लंबे समय तक कैसे बने रहे। बीटा-सिटोस्टेरॉल की उपस्थिति और सकारात्मक बॉडॉइन परीक्षण संकेत देते हैं कि मिलावट व्यवस्थित थी, न कि आकस्मिक। 10 अलग-अलग ब्रांडों और 9 भौगोलिक स्थानों से नमूने मिलना यह भी दर्शाता है कि समस्या किसी एक आपूर्तिकर्ता तक सीमित नहीं है। नियमित बाज़ार निगरानी की जगह प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई का यह पैटर्न खाद्य सुरक्षा तंत्र की संरचनात्मक कमज़ोरी को उजागर करता है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर FDA ने किन घी ब्रांडों पर प्रतिबंध लगाया है?
FDA ने डेयरी मोहन, अपना डेयरी मिल्क, मिल्क बाइट, नंदनी, शाही ताज, दावत फ्रेश, नंद कृष्णा, वंदू, डेयरी मिल्क और मोहन डेयरी के विशिष्ट बैचों पर प्रतिबंध लगाया है। ये 10 बैच प्रयोगशाला जाँच में निम्न गुणवत्ता और मिलावटी पाए गए।
घी के इन बैचों में क्या खामी पाई गई?
प्रयोगशाला जाँच में बीटा-सिटोस्टेरॉल यानी विदेशी वनस्पति वसा की उपस्थिति, सकारात्मक बॉडॉइन परीक्षण और असामान्य वसा-अम्ल प्रोफाइल सामने आई। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार घी में दूध की वसा के अलावा कोई भी बाहरी पदार्थ प्रतिबंधित है।
क्या संबंधित कंपनियाँ इस प्रतिबंध को चुनौती दे सकती हैं?
हाँ, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों को FSSAI-अधिसूचित रेफरल प्रयोगशाला के माध्यम से पुनः विश्लेषण कराने का वैधानिक अधिकार है। यह प्रतिबंध उस अधिकार को प्रभावित नहीं करता।
उपभोक्ता इन प्रतिबंधित उत्पादों की पहचान कैसे करें?
FDA ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे घी खरीदते समय ब्रांड नाम, बैच नंबर और पैकिंग तिथि अवश्य जाँचें। प्रतिबंधित बैचों की सूची FDA के आदेश में उपलब्ध है; संदिग्ध उत्पाद मिलने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करें।
खाद्य व्यवसाय संचालकों को कितने समय में स्टॉक रिपोर्ट देनी होगी?
FDA के आदेश के अनुसार संबंधित FBO को प्रभावित बैचों की स्टॉक स्थिति की जानकारी 48 घंटों के भीतर संबंधित नामित अधिकारी को देनी अनिवार्य है। इसके साथ ही बाज़ार से इन उत्पादों को तुरंत हटाना भी ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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