30 अगस्त 2026
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हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की डायग्नोस्टिक सुविधाएं, CM सुक्खू का बड़ा ऐलान

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हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की डायग्नोस्टिक सुविधाएं, CM सुक्खू का बड़ा ऐलान

सारांश

हिमाचल प्रदेश के CM सुक्खू ने ₹500 करोड़ की डायग्नोस्टिक सुविधाओं का ऐलान किया — जो अभी सिर्फ दिल्ली एम्स में उपलब्ध हैं। साथ में 650 डॉक्टरों की भर्ती और उत्तर भारत का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान — पहाड़ी राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की कोशिश।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण लगाए जा रहे हैं।
ये सुविधाएं अभी केवल दिल्ली के एम्स में उपलब्ध हैं; एम्स बिलासपुर और लुधियाना-जालंधर में भी नहीं।
सरकार 300 मेडिकल ऑफिसर , 200 स्पेशलिस्ट और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर भर्ती करेगी।
सभी 70 आदर्श मेडिकल संस्थानों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे।
राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन शीघ्र; उत्तर भारत का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान भी यहीं बनेगा।
कांगू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में चुना गया।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 30 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि इन मशीनों की तुलना अभी केवल दिल्ली के एम्स में उपलब्ध सुविधाओं से की जा सकती है, और यह सुविधा एम्स बिलासपुर या पंजाब के लुधियानाजालंधर जैसे शहरों में भी अभी तक मौजूद नहीं है।

मुख्य घोषणाएं

मुख्यमंत्री सुक्खू ने नदौन विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक पब्लिक हेल्थ कैंप के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और उपकरणों से डायग्नोस्टिक सेवाएं न केवल मजबूत होंगी, बल्कि अधिक सटीक भी होंगी। उनके अनुसार, इससे मरीजों को बिना देरी के सही उपचार मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार सभी 70 आदर्श मेडिकल संस्थानों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर नियुक्त कर रही है, ताकि नागरिकों को उनके निवास के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें।

डॉक्टरों की बड़े पैमाने पर भर्ती

सीएम सुक्खू ने जानकारी दी कि राज्य सरकार 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर की भर्ती करने जा रही है। इस पहल के तहत नदौन, कांगू, गैलोर और धनेटा के अस्पतालों में पहले से डॉक्टर नियुक्त किए जा चुके हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है। राज्य में पहाड़ी भूगोल के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता शहरी केंद्रों तक ही सीमित रही है।

जोलसप्पर मेडिकल कॉलेज और एलाइड हेल्थ साइंसेज

मुख्यमंत्री ने बताया कि जोलसप्पर में डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन शीघ्र ही किया जाएगा। इस संस्थान में उत्तर भारत का अपनी तरह का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान स्थापित किया जाएगा।

वाइस-चांसलर को निर्देश दिए गए हैं कि इसी वर्ष दाखिले सुनिश्चित किए जाएं। तब तक एलाइड हेल्थ साइंसेज के छात्रों को हमीरपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह पहल हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला सकती है।

शिक्षा क्षेत्र में भी कदम

सुक्खू ने घोषणा की कि कांगू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में चुना गया है। यहां नई इमारत का निर्माण किया जाएगा और छात्रों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य कठिन आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहा है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए वित्त पोषण में कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने नदौन और हमीरपुर जिले के अन्य हिस्सों में जल्द ही और पब्लिक हेल्थ कैंप आयोजित करने का भी आश्वासन दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में उपकरण लगाना और उन्हें चालू रखना दोनों अलग चुनौतियां हैं। 650 डॉक्टरों की भर्ती का वादा भी तब तक अधूरा है जब तक ग्रामीण पोस्टिंग के लिए ठोस प्रोत्साहन नहीं दिए जाते, क्योंकि दूरदराज के अस्पतालों में डॉक्टर टिकाना राज्य की पुरानी समस्या रही है। मुश्किल आर्थिक हालात का स्वयं सीएम का स्वीकारोक्ति यह सवाल उठाती है कि इतने बड़े स्वास्थ्य खर्च के लिए बजट कहाँ से आएगा।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कितनी लागत से डायग्नोस्टिक सुविधाएं लगाई जाएंगी?
राज्य सरकार सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की लागत से आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण स्थापित कर रही है। CM सुक्खू के अनुसार, ऐसी मशीनें अभी केवल दिल्ली के एम्स में उपलब्ध हैं।
हिमाचल सरकार कितने डॉक्टर भर्ती करने जा रही है?
सरकार कुल 650 डॉक्टर भर्ती करने की योजना बना रही है — 300 मेडिकल ऑफिसर , 200 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर । इसके अलावा सभी 70 आदर्श मेडिकल संस्थानों में भी स्पेशलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे।
जोलसप्पर का डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज क्या है?
जोलसप्पर में स्थित डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन जल्द होने वाला है। यहां उत्तर भारत का अपनी तरह का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान भी स्थापित किया जाएगा, और इसी वर्ष दाखिले शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नदौन विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्या किया गया?
नदौन , कांगू , गैलोर और धनेटा के अस्पतालों में पहले से डॉक्टर नियुक्त किए जा चुके हैं। CM ने नदौन और हमीरपुर जिले के अन्य हिस्सों में जल्द और पब्लिक हेल्थ कैंप आयोजित करने का भी आश्वासन दिया।
हिमाचल में एलाइड हेल्थ साइंसेज की पढ़ाई कहाँ होगी?
जब तक जोलसप्पर का नया संस्थान तैयार नहीं होता, एलाइड हेल्थ साइंसेज के छात्रों को हमीरपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह उत्तर भारत का अपनी तरह का पहला ऐसा संस्थान होगा।
राष्ट्र प्रेस
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