हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की डायग्नोस्टिक सुविधाएं, CM सुक्खू का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 30 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ₹500 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरण स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि इन मशीनों की तुलना अभी केवल दिल्ली के एम्स में उपलब्ध सुविधाओं से की जा सकती है, और यह सुविधा एम्स बिलासपुर या पंजाब के लुधियाना व जालंधर जैसे शहरों में भी अभी तक मौजूद नहीं है।
मुख्य घोषणाएं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने नदौन विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक पब्लिक हेल्थ कैंप के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और उपकरणों से डायग्नोस्टिक सेवाएं न केवल मजबूत होंगी, बल्कि अधिक सटीक भी होंगी। उनके अनुसार, इससे मरीजों को बिना देरी के सही उपचार मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार सभी 70 आदर्श मेडिकल संस्थानों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर नियुक्त कर रही है, ताकि नागरिकों को उनके निवास के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें।
डॉक्टरों की बड़े पैमाने पर भर्ती
सीएम सुक्खू ने जानकारी दी कि राज्य सरकार 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर की भर्ती करने जा रही है। इस पहल के तहत नदौन, कांगू, गैलोर और धनेटा के अस्पतालों में पहले से डॉक्टर नियुक्त किए जा चुके हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है। राज्य में पहाड़ी भूगोल के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता शहरी केंद्रों तक ही सीमित रही है।
जोलसप्पर मेडिकल कॉलेज और एलाइड हेल्थ साइंसेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि जोलसप्पर में डॉ. राधाकृष्णन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन शीघ्र ही किया जाएगा। इस संस्थान में उत्तर भारत का अपनी तरह का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान स्थापित किया जाएगा।
वाइस-चांसलर को निर्देश दिए गए हैं कि इसी वर्ष दाखिले सुनिश्चित किए जाएं। तब तक एलाइड हेल्थ साइंसेज के छात्रों को हमीरपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह पहल हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला सकती है।
शिक्षा क्षेत्र में भी कदम
सुक्खू ने घोषणा की कि कांगू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में चुना गया है। यहां नई इमारत का निर्माण किया जाएगा और छात्रों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य कठिन आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहा है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए वित्त पोषण में कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने नदौन और हमीरपुर जिले के अन्य हिस्सों में जल्द ही और पब्लिक हेल्थ कैंप आयोजित करने का भी आश्वासन दिया।