PM मोदी ने ताशकंद में महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया, इंडोलॉजिस्ट और छात्रों से की बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त 2026 को ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी सेंटर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने इंडोलॉजिस्ट और छात्रों के साथ संवाद किया तथा विजिटर्स बुक पर हस्ताक्षर किए। यह दौरा उनकी उज्बेकिस्तान यात्रा का हिस्सा था, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुए।
महात्मा गांधी सेंटर में सांस्कृतिक संवाद
विदेश मंत्रालय ने इस दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि 'इस बातचीत ने दोनों देशों के बीच जीवंत सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को उजागर किया, विशेष रूप से हमारे युवाओं और विद्वानों के बीच।' गौरतलब है कि ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थापित यह केंद्र भारत-उज्बेकिस्तान के सांस्कृतिक सेतु का प्रतीक है।
शास्त्री मेमोरियल पर श्रद्धांजलि
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मोदी ने एक्स पर लिखा, 'ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। हम एक ऐसे महान राजनेता को याद करते हैं जिनकी राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है।'
उल्लेखनीय है कि लाल बहादुर शास्त्री ने 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा दी और 'जय जवान, जय किसान' का ऐतिहासिक नारा दिया था। ताशकंद से उनका विशेष ऐतिहासिक संबंध है, क्योंकि यहीं ताशकंद समझौते के बाद उनका निधन हुआ था।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद स्थित राष्ट्रपति भवन में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस वार्ता में व्यापार और निवेश, बुनियादी ढाँचा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, रक्षा और सुरक्षा, नवाचार, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, UPI सहित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया।
उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़े गए मोदी
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच मित्रता को सुदृढ़ करने में उनके योगदान के लिए उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'ओलिय दराजाली दोस्तलिक' से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों की गहराती साझेदारी का प्रमाण है।
हरित पहल के तहत संयुक्त वृक्षारोपण
दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति भवन परिसर में भारत की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और उज्बेकिस्तान की 'यशिल माकोन' हरित पहल के तहत संयुक्त रूप से पौधा लगाया। यह प्रतीकात्मक कदम दोनों देशों की पर्यावरण प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस यात्रा से भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी के अगले चरण की नींव पड़ने की उम्मीद है।