30 अगस्त 2026
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PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा: ताशकंद में कलाकारों और भारतीय समुदाय में दिखा अभूतपूर्व उत्साह

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PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा: ताशकंद में कलाकारों और भारतीय समुदाय में दिखा अभूतपूर्व उत्साह

सारांश

ताशकंद में PM मोदी की मौजूदगी ने एक अलग ही रंग बिखेरा — स्थानीय कलाकारों और भारतीय समुदाय के लिए यह महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत-उज्बेकिस्तान की दोस्ती का जीवंत उत्सव बन गया। उत्साह, घबराहट और गर्व — तीनों एक साथ।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान 30 अगस्त को ताशकंद में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ।
स्थानीय संगीतकारों और नर्तकों ने प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुति को सम्मान और सौभाग्य का अवसर बताया।
उज्बेकिस्तान में बसे एक भारतीय नागरिक ने मोदी से मुलाकात को अपने जीवन का सबसे खास पल बताया।
कलाकारों ने भारत और उज्बेकिस्तान की संस्कृतियों में गहरी समानताओं को रेखांकित किया।
यात्रा भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति के तहत द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने के प्रयास का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान ताशकंद में भारत-उज्बेकिस्तान की गहरी सांस्कृतिक मित्रता का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। 30 अगस्त को प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुति देने वाले स्थानीय कलाकारों और वहाँ बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों ने इस अवसर को अपने जीवन का सबसे यादगार और गौरवपूर्ण पल बताया।

कलाकारों का अनुभव: सम्मान और रोमांच का मिश्रण

प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष प्रस्तुति देने वाले एक स्थानीय संगीतकार ने कहा कि यह अवसर उनके लिए असाधारण सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने भारत और उज्बेकिस्तान की संस्कृतियों में गहरी समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत में ऐसे सूत्र हैं जो दोनों के लोगों को स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के करीब लाते हैं।

एक अन्य कलाकार ने भारतीय संस्कृति के प्रति अपने गहरे लगाव का जिक्र किया। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने से पहले वे कुछ घबराए हुए थे, लेकिन जैसे ही प्रदर्शन शुरू हुआ, उनका आत्मविश्वास लौट आया और उन्हें महसूस हुआ कि उनका नृत्य बेहतरीन रहा।

भारतीय समुदाय की प्रतिक्रिया

भारतीय समुदाय से जुड़े एक कलाकार ने प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुति देने के अनुभव को शब्दों में बयाँ कर पाना कठिन बताया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को बेहद सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं — उत्साह और हल्की घबराहट के बीच यह क्षण उनके लिए गर्व का प्रतीक बन गया।

उज्बेकिस्तान में निवास करने वाले एक भारतीय नागरिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट को अपने जीवन का विशेष पल बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मिलना उनका एक बड़ा सपना था, जो इस यात्रा के दौरान साकार हो गया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दशकों पुराने व्यापारिक संबंध दोनों देशों की साझेदारी को और मज़बूत बनाते हैं।

भारत-उज्बेकिस्तान सांस्कृतिक संबंध

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों की सभ्यताओं की जड़ें सदियों पुरानी हैं — बौद्ध धर्म, व्यापार मार्गों और साझा ऐतिहासिक विरासत ने इस रिश्ते को गहराई दी है।

प्रधानमंत्री की इस यात्रा ने सांस्कृतिक कूटनीति को केंद्र में रखा, जो भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति का अभिन्न हिस्सा है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक, व्यापारिक और कूटनीतिक सहयोग को और बल मिलने की उम्मीद है। ताशकंद में उमड़ा यह उत्साह इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी लगाव केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि जन-जन तक पहुँचा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि जन-संपर्क का यही आयाम दीर्घकालिक संबंधों की नींव रखता है। उज्बेकिस्तान के साथ भारत के ऐतिहासिक सांस्कृतिक सूत्र — बौद्ध विरासत से लेकर मध्यकालीन व्यापार मार्गों तक — को आधुनिक कूटनीति में भुनाने की यह कोशिश सराहनीय है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ये भावनात्मक क्षण ठोस द्विपक्षीय समझौतों और आर्थिक सहयोग में कितने तब्दील होते हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा का उद्देश्य क्या था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के उद्देश्य से हुई। इस यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारतीय समुदाय से मुलाकात और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा शामिल रही।
ताशकंद में कलाकारों ने PM मोदी के सामने प्रस्तुति के बारे में क्या कहा?
स्थानीय संगीतकारों और नर्तकों ने प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष प्रस्तुति को अपने जीवन का सबसे सम्मानजनक और गौरवपूर्ण अनुभव बताया। कलाकारों ने कहा कि शुरुआती घबराहट के बाद उनका आत्मविश्वास लौट आया और प्रस्तुति सफल रही।
उज्बेकिस्तान में रहने वाले भारतीय समुदाय की क्या प्रतिक्रिया रही?
उज्बेकिस्तान में निवास करने वाले भारतीय नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को जीवन का विशेष पल बताया। एक भारतीय ने कहा कि पीएम मोदी से मिलना उनका बड़ा सपना था, जो इस यात्रा के दौरान साकार हुआ।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंध कैसे हैं?
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध हैं। कलाकारों ने दोनों देशों की संस्कृतियों में गहरी समानताओं का उल्लेख किया, जो लोगों को स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के करीब लाती हैं।
PM मोदी की इस यात्रा से भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह यात्रा भारत की 'कनेक्ट सेंट्रल एशिया' नीति का हिस्सा है और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, व्यापारिक एवं कूटनीतिक सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद जगाती है। भारतीय समुदाय और स्थानीय कलाकारों में दिखा उत्साह इस साझेदारी की मज़बूत नींव का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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