30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़: 108 भारतीय बचाए गए, 275 अभी भी लापता; चौथी राहत उड़ान रवाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़: 108 भारतीय बचाए गए, 275 अभी भी लापता; चौथी राहत उड़ान रवाना

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत का राहत अभियान चौथे दिन भी जारी है। 108 नागरिक बचाए गए, 68.5 टन राहत सामग्री पहुँचाई गई — लेकिन 275 भारतीय अभी भी लापता हैं। टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक टीमें मोर्चे पर हैं।

मुख्य बातें

108 भारतीय नागरिकों को नेपाल बाढ़ से सुरक्षित बचाया गया; 50 से संपर्क पुनः स्थापित।
275 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग अभी भी लापता हैं।
चीन से नेपाल में सुरक्षित प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 598 ; चीन से निकले 900 नागरिक सुरक्षित।
भारत ने अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू एयरलिफ्ट की; चौथी उड़ान में 11 टन सामग्री।
16 ट्रक 230 फीट के मॉड्यूलर स्टील ब्रिज उपकरण लेकर नेपाल पहुँचे; 7 बेली ब्रिज के उपकरण शीघ्र भेजे जाएँगे।
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति भारतीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।

विदेश मंत्रालय ने 29 अगस्त, शनिवार को रात 10:30 बजे IST तक के ताज़ा आँकड़े जारी करते हुए बताया कि नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 50 अन्य नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है। इसके बावजूद 275 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग अभी भी लापता हैं।

बचाव अभियान की स्थिति

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल के रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना स्थल से चार और भारतीय नागरिकों को सकुशल निकाला गया है। इसके अलावा, चीन से नेपाल में सुरक्षित प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 598 है, जबकि चीन से अब तक निकलने वाले भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 900 बताई गई है। ये सभी नागरिक सुरक्षित हैं और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास सीधे या स्थानीय सरकार के माध्यम से उनसे संपर्क में है।

भारत की राहत सामग्री और उड़ानें

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 11 टन राहत सामग्री लेकर भारत से चौथी उड़ान रवाना हो चुकी है। भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान से एक टनल तकनीकी दल के साथ खोज एवं बचाव अभियान के उपकरण भेजे जा रहे हैं। इस उड़ान में डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक उपकरण, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी शामिल हैं।

डॉ. जयशंकर ने यह भी बताया कि 230 फीट के सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएँगे और उनकी स्थापना के लिए तकनीकी दल शीघ्र नेपाल पहुँचने की उम्मीद है। अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री — जिसमें आवश्यक दवाएँ, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियाँ और तकनीकी उपकरण शामिल हैं — एयरलिफ्ट करके काठमांडू पहुँचाई जा चुकी है।

विशेष तकनीकी दल की तैनाती

विदेश मंत्रालय ने बताया कि टनल रेस्क्यू के लिए एक विशेष तकनीकी टीम काठमांडू पहुँच चुकी है और उसने प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य शुरू कर दिया है। उनकी सिफारिश के आधार पर, उपकरणों के साथ एक विशेष टनल रेस्क्यू टीम नेपाल पहुँचने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत से छह सदस्यीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम शनिवार को काठमांडू पहुँची, जो शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के विश्लेषण में सहायता करेगी।

राजनयिक स्तर पर आभार

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने नेपाल में आई इस विनाशकारी आपदा के बाद चिंता जताई और भारत सरकार की ओर से त्वरित सहायता भेजी गई। यह बाढ़ बुधवार को अचानक आई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और व्यापक तबाही हुई।

आगे की स्थिति

अभी भी 275 भारतीय नागरिकों और 128 भारतीय मूल के लोगों का पता नहीं चल पाया है। बचाव और राहत अभियान जारी है और विदेश मंत्रालय नियमित अंतराल पर अपडेट जारी कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में संपर्क मार्ग अभी भी बाधित हैं, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

68.5 टन सामग्री और विशेष टनल रेस्क्यू टीम — लेकिन 275 लापता नागरिकों का आँकड़ा यह सवाल उठाता है कि क्या नेपाल में कार्यरत भारतीय नागरिकों के लिए आपदा-पूर्व पंजीकरण तंत्र पर्याप्त मज़बूत था। जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या बड़ी है, और उनके लिए आपातकालीन संपर्क प्रोटोकॉल की कमज़ोरी इस संकट में उजागर हुई है। भारत-नेपाल की खुली सीमा राहत कार्य में मददगार है, लेकिन यह भविष्य में ऐसी आपदाओं के लिए एक मज़बूत द्विपक्षीय आपदा प्रबंधन ढाँचे की ज़रूरत को भी रेखांकित करती है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने भारतीय नागरिक बचाए गए हैं?
29 अगस्त की रात 10:30 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार, नेपाल में कुल 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है और 50 अन्य से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है। इसके अलावा, चीन से 900 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकल चुके हैं।
नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 275 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान जारी है और सरकार नियमित अपडेट दे रही है।
भारत ने नेपाल को कितनी राहत सामग्री भेजी है?
भारत ने अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री एयरलिफ्ट करके काठमांडू पहुँचाई है, जिसमें दवाएँ, पोर्टेबल जनरेटर, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियाँ और तकनीकी उपकरण शामिल हैं। चौथी उड़ान में 11 टन सामग्री भेजी गई है।
भारत ने नेपाल में कौन-कौन सी विशेष टीमें भेजी हैं?
भारत ने नेपाल में टनल रेस्क्यू के लिए एक विशेष तकनीकी दल और छह सदस्यीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भेजी है। फोरेंसिक टीम शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल विश्लेषण में सहायता करेगी।
नेपाल में पुलों की मरम्मत के लिए भारत क्या कर रहा है?
भारत ने 230 फीट के सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल भेजे हैं, जो पहुँच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के उपकरण जल्द भेजे जाएँगे और उनकी स्थापना के लिए तकनीकी दल भी शीघ्र पहुँचने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 57 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. 2 दिन पहले
  8. 2 दिन पहले