नेपाल बाढ़: 108 भारतीय बचाए गए, 275 अभी भी लापता; चौथी राहत उड़ान रवाना
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने 29 अगस्त, शनिवार को रात 10:30 बजे IST तक के ताज़ा आँकड़े जारी करते हुए बताया कि नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 50 अन्य नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है। इसके बावजूद 275 भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग अभी भी लापता हैं।
बचाव अभियान की स्थिति
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल के रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना स्थल से चार और भारतीय नागरिकों को सकुशल निकाला गया है। इसके अलावा, चीन से नेपाल में सुरक्षित प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 598 है, जबकि चीन से अब तक निकलने वाले भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 900 बताई गई है। ये सभी नागरिक सुरक्षित हैं और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास सीधे या स्थानीय सरकार के माध्यम से उनसे संपर्क में है।
भारत की राहत सामग्री और उड़ानें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 11 टन राहत सामग्री लेकर भारत से चौथी उड़ान रवाना हो चुकी है। भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान से एक टनल तकनीकी दल के साथ खोज एवं बचाव अभियान के उपकरण भेजे जा रहे हैं। इस उड़ान में डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक उपकरण, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी शामिल हैं।
डॉ. जयशंकर ने यह भी बताया कि 230 फीट के सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएँगे और उनकी स्थापना के लिए तकनीकी दल शीघ्र नेपाल पहुँचने की उम्मीद है। अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री — जिसमें आवश्यक दवाएँ, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियाँ और तकनीकी उपकरण शामिल हैं — एयरलिफ्ट करके काठमांडू पहुँचाई जा चुकी है।
विशेष तकनीकी दल की तैनाती
विदेश मंत्रालय ने बताया कि टनल रेस्क्यू के लिए एक विशेष तकनीकी टीम काठमांडू पहुँच चुकी है और उसने प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य शुरू कर दिया है। उनकी सिफारिश के आधार पर, उपकरणों के साथ एक विशेष टनल रेस्क्यू टीम नेपाल पहुँचने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत से छह सदस्यीय फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम शनिवार को काठमांडू पहुँची, जो शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के विश्लेषण में सहायता करेगी।
राजनयिक स्तर पर आभार
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने नेपाल में आई इस विनाशकारी आपदा के बाद चिंता जताई और भारत सरकार की ओर से त्वरित सहायता भेजी गई। यह बाढ़ बुधवार को अचानक आई थी, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और व्यापक तबाही हुई।
आगे की स्थिति
अभी भी 275 भारतीय नागरिकों और 128 भारतीय मूल के लोगों का पता नहीं चल पाया है। बचाव और राहत अभियान जारी है और विदेश मंत्रालय नियमित अंतराल पर अपडेट जारी कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में संपर्क मार्ग अभी भी बाधित हैं, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।