नेपाल बाढ़: 320 भारतीय नागरिक अभी भी लापता, चीन सीमा पर फंसे 400 सुरक्षित — विदेश मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने 28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में बताया कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद 320 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क से बाहर हैं, जबकि चीन की सीमा पर फंसे 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और अपने परिवारों से संपर्क में हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि स्थिति तेज़ी से बदल रही है और आँकड़े घटते-बढ़ते रह सकते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जिनमें त्रिशुली-वन जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा, 21 भारतीय नागरिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से काठमांडू पहुँचने के बाद 28 अगस्त को नई दिल्ली लौट आए।
जायसवाल ने यह भी बताया कि चीन की सीमा में फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुँच गए हैं। उनके अनुसार, भारतीय राजदूत ने काठमांडू में बचाए गए नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।
लापता नागरिकों की स्थिति
प्रवक्ता ने बताया कि इस समय 320 भारतीय नागरिक लापता हैं या संपर्क से बाहर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से लगभग 100 लोग भारतीय मूल के हैं, लेकिन उनके पास अन्य देशों की नागरिकता है — ये वे लोग हो सकते हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। जायसवाल ने कहा कि कई सूचियों का मिलान किया जा रहा है, इसलिए आँकड़ों में बदलाव संभव है।
गौरतलब है कि नेपाल में इस वर्ष की बाढ़ असाधारण रूप से विनाशकारी रही है, जिसने उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क मार्गों को बाधित कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब सैकड़ों भारतीय तीर्थयात्री और श्रमिक नेपाल और तिब्बत सीमा के आसपास के क्षेत्रों में मौजूद थे।
चीन सीमा पर फंसे नागरिकों की स्थिति
चीन की सीमा पर फंसे 400 से अधिक भारतीय नागरिकों के बारे में जायसवाल ने आश्वस्त किया कि वे सुरक्षित हैं और फोन सेवाएँ सक्रिय होने के कारण परिवारों से संपर्क में हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास इन नागरिकों के टीम लीडरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। कई परिवारों ने दूतावास की हेल्पलाइन के ज़रिये संपर्क किया है।
दूतावास चीन के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इन नागरिकों को सुरक्षित निकालने के विकल्प तलाश रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय का नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों के नियंत्रण कक्ष भी लगातार काम कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि स्थिति की निगरानी जारी है और जैसे ही नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, बचाव और निकासी अभियान जारी है और स्थिति लगातार बदल रही है। चीन की सीमा पर फंसे 400 नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया में स्थानीय अधिकारियों का सहयोग लिया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।