28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कोल्हापुर पुलिस ने बिश्नोई गैंग के सरगना समेत दो को दबोचा, कोर्ट परिसर से हुई गिरफ्तारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कोल्हापुर पुलिस ने बिश्नोई गैंग के सरगना समेत दो को दबोचा, कोर्ट परिसर से हुई गिरफ्तारी

सारांश

कोल्हापुर की अपराध अन्वेषण शाखा ने बिश्नोई गैंग के सरगना समेत दो कुख्यात आरोपियों को जिला सत्र न्यायालय परिसर से दबोचा। दोनों पर मिलाकर 43 गंभीर मामले दर्ज हैं। राजस्थान और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की सूचना पर बिछाए गए जाल में फँसे दोनों भागने की कोशिश में थे।

मुख्य बातें

कोल्हापुर पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सरगना शामलाल गोवर्धनराम पुनिया और साथी श्रीराम मांजु को गिरफ्तार किया।
दोनों को कोल्हापुर जिला सत्र न्यायालय परिसर से पार्किंग के पास जाल बिछाकर पकड़ा गया।
शामलाल पुनिया पर हत्या, डकैती, अवैध हथियार समेत 17 मामले और श्रीराम मांजु पर 26 मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी राजस्थान और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की सूचना और सहयोग से संभव हुई।
दोनों आरोपियों को संबंधित राज्य पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू; आगे की जाँच जारी।

कोल्हापुर जिला सत्र न्यायालय परिसर से 28 अगस्त 2026 को कोल्हापुर पुलिस की स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा ने कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सरगना शामलाल गोवर्धनराम पुनिया उर्फ बिश्नोई और उसके साथी श्रीराम मांजु उर्फ पाचाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी राजस्थान और पिंपरी-चिंचवड़ में दर्ज कई गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार थे।

कैसे हुई गिरफ्तारी

राजस्थान और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोल्हापुर पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी न्यायालय परिसर में आने वाले हैं। पुलिस ने पहले से जाल बिछाया। जब दोनों पार्किंग से बाहर निकलते समय पुलिसकर्मियों को देखकर कार से भागने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने तत्काल गेट बंद कर उनका रास्ता रोक लिया और दोनों को हिरासत में ले लिया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

शामलाल पुनिया के विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और अवैध हथियार रखने समेत 17 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, श्रीराम मांजु पर हत्या का प्रयास, डकैती, बलात्कार, छेड़छाड़, चोरी और सेंधमारी समेत 26 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराज्यीय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाइयाँ तेज़ हुई हैं।

पुलिस टीम और नेतृत्व

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा के पुलिस निरीक्षक सुशांत चव्हाण और उनकी टीम ने पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के सहयोग से अंजाम दी। गौरतलब है कि अंतरराज्यीय समन्वय के चलते ही न्यायालय परिसर में दोनों की उपस्थिति की पूर्व सूचना मिल सकी।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों को आगे की जाँच के लिए संबंधित पिंपरी-चिंचवड़ और राजस्थान पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि इतने गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति इतने समय तक फरार कैसे रहे। बिश्नोई गैंग पिछले कुछ वर्षों में देशभर में अपनी पहुँच बढ़ाता रहा है — महाराष्ट्र, राजस्थान और पंजाब में इसके तार फैले हैं। अंतरराज्यीय समन्वय की यह सफलता एक मॉडल बन सकती है, बशर्ते जाँच ट्रांसफर में देरी न हो और आरोपियों पर मुकदमे तेज़ी से चलें।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोल्हापुर पुलिस ने बिश्नोई गैंग के किन सदस्यों को गिरफ्तार किया?
कोल्हापुर पुलिस ने बिश्नोई गैंग के सरगना शामलाल गोवर्धनराम पुनिया उर्फ बिश्नोई और उसके साथी श्रीराम मांजु उर्फ पाचाराम बिश्नोई को 28 अगस्त 2026 को कोल्हापुर जिला सत्र न्यायालय परिसर से गिरफ्तार किया। दोनों कई गंभीर मामलों में फरार थे।
शामलाल पुनिया और श्रीराम मांजु पर कितने मामले दर्ज हैं?
शामलाल पुनिया पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और अवैध हथियार रखने समेत 17 गंभीर मामले दर्ज हैं। श्रीराम मांजु पर हत्या का प्रयास, डकैती, बलात्कार, छेड़छाड़, चोरी और सेंधमारी समेत 26 मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी कैसे संभव हुई?
राजस्थान और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस से मिली सूचना के आधार पर कोल्हापुर पुलिस को दोनों आरोपियों के न्यायालय परिसर में आने की जानकारी मिली। पुलिस ने पहले से जाल बिछाया और भागने की कोशिश कर रहे दोनों का गेट बंद कर रास्ता रोककर हिरासत में लिया।
अब दोनों आरोपियों का क्या होगा?
दोनों आरोपियों को आगे की जाँच के लिए पिंपरी-चिंचवड़ और राजस्थान पुलिस के हवाले करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और जाँच जारी है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व किसने किया?
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध अन्वेषण शाखा के पुलिस निरीक्षक सुशांत चव्हाण और उनकी टीम ने पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के सहयोग से की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले