क्या बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक और सदस्य गिरफ्तार हुआ?

सारांश
Key Takeaways
- बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश जटिल है।
- लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रियता संदिग्ध है।
- पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- मामले में मकोका के तहत कार्रवाई की गई है।
- चार्जशीट में महत्वपूर्ण सबूत शामिल हैं।
मुंबई, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है, जिसका नाम अमोल गायकवाड़ है।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति अमोल गायकवाड़, पुणे का निवासी है। एंटी एक्सटॉर्शन सेल की टीम ने उसे पुणे से गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि अमोल गायकवाड़ फरार आरोपी सुभम लोनकर को मुंबई लाने और ले जाने का कार्य देखता था।
अब तक इस मामले में पुलिस ने कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या पिछले साल 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा में उनके बेटे के ऑफिस के बाहर गोली मारकर की गई थी। इस हत्या में गुरमेल सिंह, धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम ने भाग लिया था। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों की मदद से गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप को पकड़ लिया, जबकि शिवकुमार गौतम भागने में सफल रहा था। बाद में उसे उत्तर प्रदेश के बहराइच से गिरफ्तार किया गया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। उनके अनुसार, बाबा सिद्दीकी की हत्या अभिनेता सलमान खान से उनके करीबी संबंधों के कारण की गई। सभी आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस साल मुंबई क्राइम ब्रांच ने 4,590 पन्नों की चार्जशीट भी दायर की थी। चार्जशीट में कहा गया है कि 12 अक्टूबर 2024 की रात, गुरमेल सिंह, धर्मराज कश्यप और शिवकुमार गौतम ने बाबा सिद्दीकी पर गोली चलाई थी। आरोपियों ने पहले बाबा सिद्दीकी के घर और कार्यालय की रेकी भी की थी।