13 अगस्त 2026
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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 'गैंगलैंड' गिरोह के तीन सदस्य दबोचे, NCR में रंगदारी की साजिश नाकाम

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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 'गैंगलैंड' गिरोह के तीन सदस्य दबोचे, NCR में रंगदारी की साजिश नाकाम

सारांश

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने द्वारका में जाल बिछाकर 'गैंगलैंड' गिरोह के कथित सरगना कान्हा ठाकुर समेत तीन सदस्यों को दबोचा। रोहित गोदारा गैंग से प्रेरित यह नया गिरोह NCR के कारोबारियों को फायरिंग से डरा कर रंगदारी वसूलने की फिराक में था। तीन हथियार और 11 कारतूस बरामद।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 29-30 जुलाई 2026 की रात द्वारका में छापा मारकर 'गैंगलैंड' गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में कथित सरगना कान्हा ठाकुर (26) , सूरज (24) और वल्लभाचार्य (30) शामिल हैं।
पुलिस ने तीन हथियार (एक .30 बोर ऑटोमैटिक पिस्तौल, दो सिंगल-शॉट पिस्तौलें) और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए।
गिरोह कथित तौर पर फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के नेटवर्क से प्रेरित था और NCR में रंगदारी की योजना बना रहा था।
2023 में जयपुर में एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग में भी कान्हा की कथित संलिप्तता सामने आई है।
आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत स्पेशल सेल थाने में एफआईआर दर्ज; जांच जारी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मथुरा में पनपे नए आपराधिक गिरोह 'गैंगलैंड' के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर दिल्ली-NCR के कारोबारियों को निशाना बनाने की एक बड़ी रंगदारी साजिश को विफल कर दिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में गिरोह का कथित सरगना कान्हा ठाकुर (26) भी शामिल है। यह कार्रवाई 29-30 जुलाई 2026 की रात द्वारका इलाके में की गई।

ऑपरेशन का ब्यौरा

स्पेशल सेल/साउथ-वेस्ट रेंज की टीम ने खुफिया जानकारी और जमीनी निगरानी के आधार पर द्वारका में जाल बिछाया। जब तीनों आरोपी एक स्कॉर्पियो गाड़ी में घूमते हुए कथित तौर पर टारगेट की तलाश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। बरामदगी में तीन हथियार — एक .30 बोर की ऑटोमैटिक पिस्तौल (पाँच जिंदा कारतूस सहित) और दो सिंगल-शॉट पिस्तौलें — तथा कुल ग्यारह जिंदा कारतूस शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद स्पेशल सेल थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

गिरोह की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, गैंगलैंड गिरोह फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के गिरोह से प्रेरित बताया जाता है। कान्हा ठाकुर मूल रूप से मथुरा का निवासी है और करीब 15 साल पहले परिवार के साथ जयपुर चला गया था। जयपुर के सुबोध कॉलेज से स्नातक कान्हा कथित तौर पर कॉलेज के दिनों में ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया था। पुलिस के अनुसार उसने मथुरा के ही भूषण नामक साथी के साथ मिलकर यह गिरोह बनाया और सोशल मीडिया पर आपराधिक गतिविधियों का प्रदर्शन करता था।

तीनों आरोपियों का परिचय

गिरफ्तार सूरज (24) राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला है, जो पुश्तैनी संपत्ति विवाद के चलते कथित तौर पर अपराध की राह पर आया। उस पर भरतपुर में हत्या की कोशिश, दंगा और आर्म्स एक्ट उल्लंघन के मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी वल्लभाचार्य (30), जो भी भरतपुर का निवासी है, मार्च 2026 से पहले जिम ट्रेनर के रूप में काम करता था और बाद में जयपुर में जिम खोला। जांचकर्ताओं का दावा है कि जिम के कारोबार में हुए आर्थिक नुकसान के बाद उसने आपराधिक रास्ता चुना।

पिछले आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में कान्हा और उसके साथी जयपुर में एक व्यक्ति की कॉन्ट्रैक्ट किलिंग में शामिल रहे, जिसमें जान-बूझकर गाड़ी से टक्कर मारी गई थी। कान्हा पर राजस्थान में आर्म्स एक्ट और हत्या से जुड़े कई मामले दर्ज बताए जाते हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन तीनों की गिरफ्तारी से दिल्ली-NCR में कई संभावित गंभीर अपराध टल गए हैं।

आगे की जांच

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों तथा उनके नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली-NCR में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के विस्तार को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वायत्त इकाइयों को प्रेरित कर रहे हैं जो सीधे निर्देश के बिना भी सक्रिय हो जाती हैं। यह 'फ्रेंचाइज़ी अपराध' मॉडल कानून प्रवर्तन के लिए पारंपरिक गिरोहों से अधिक चुनौतीपूर्ण है। सोशल मीडिया पर आपराधिक गतिविधियों के प्रदर्शन की प्रवृत्ति भर्ती और भय-निर्माण दोनों का हथियार बन रही है — जिस पर डिजिटल निगरानी तंत्र की प्रतिक्रिया अभी भी अपर्याप्त दिखती है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गैंगलैंड' गिरोह क्या है और इसे किसने बनाया?
'गैंगलैंड' मथुरा मूल के कान्हा ठाकुर और उसके साथी भूषण द्वारा बनाया गया नया आपराधिक गिरोह है, जो कथित तौर पर फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा के गिरोह से प्रेरित था। यह गिरोह दिल्ली-NCR में कारोबारियों को फायरिंग से डरा कर रंगदारी वसूलने की योजना बना रहा था।
दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी कब और कहाँ की?
गिरफ्तारी 29-30 जुलाई 2026 की रात दिल्ली के द्वारका इलाके में की गई, जब तीनों आरोपी स्कॉर्पियो गाड़ी में टारगेट की तलाश में घूम रहे थे। स्पेशल सेल/साउथ-वेस्ट रेंज की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर यह जाल बिछाया था।
गिरफ्तार आरोपियों पर क्या-क्या आरोप हैं?
तीनों पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कान्हा ठाकुर पर राजस्थान में हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले हैं, जबकि सूरज पर भरतपुर में हत्या की कोशिश, दंगा और आर्म्स एक्ट उल्लंघन के आरोप हैं।
क्या इस गिरोह का रोहित गोदारा से सीधा संबंध है?
पुलिस के अनुसार गैंगलैंड गिरोह रोहित गोदारा गैंग से 'प्रेरित' था, लेकिन सीधे संगठनात्मक संबंध की पुष्टि अभी जांच के दायरे में है। जांचकर्ताओं का कहना है कि कान्हा का गिरोह बाद में गोदारा का अनुयायी बन गया।
इस गिरफ्तारी से NCR को क्या फायदा हुआ?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन तीनों की गिरफ्तारी से दिल्ली-NCR में कारोबारियों के दफ्तरों और गाड़ियों पर फायरिंग तथा रंगदारी वसूली की कई संभावित घटनाएँ टल गईं। आगे की जांच में गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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