14 जुलाई 2026
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चतरा में राहुल दुबे गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार, हथियारों समेत लेवी वसूली की साजिश नाकाम

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चतरा में राहुल दुबे गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार, हथियारों समेत लेवी वसूली की साजिश नाकाम

सारांश

चतरा की टंडवा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कारो गांव में छापा मारकर राहुल दुबे गैंग के तीन सशस्त्र सदस्यों को दबोचा। पिस्टल, देशी कट्टा और छह कारतूस बरामद; कोयला कारोबारियों से लेवी वसूली और दहशत फैलाने की योजना नाकाम।

मुख्य बातें

टंडवा पुलिस ने 14 जुलाई को राहुल दुबे गैंग के 3 सदस्यों को चतरा के कारो गांव से गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान संजय मुर्ती व आलोक कुमार सिंह (बोकारो) और अजय करमाली (हजारीबाग) के रूप में हुई।
बरामदगी में 1 पिस्टल , 1 देशी कट्टा , 6 जिंदा कारतूस , 1 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल शामिल।
आरोपी कोयला कारोबारियों की रेकी कर लेवी वसूली और फायरिंग से दहशत फैलाने की साजिश में थे।
गैंग के अन्य सदस्यों और हथियारों के स्रोत की पहचान के लिए तकनीकी व खुफिया जांच जारी।

झारखंड के चतरा जिले की टंडवा पुलिस ने 14 जुलाई को कोयलांचल क्षेत्र में सक्रिय राहुल दुबे गैंग के तीन सशस्त्र सदस्यों को गिरफ्तार कर एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये अपराधी कोयला कारोबारियों से रंगदारी (लेवी) वसूलने और फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे।

गिरफ्तारी कैसे हुई

टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो गांव में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और कारो गांव में घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बोकारो निवासी संजय मुर्ती, आलोक कुमार सिंह और हजारीबाग निवासी अजय करमाली के रूप में हुई है। तीनों ने पूछताछ में राहुल दुबे गैंग से जुड़े होने की बात स्वीकार की है।

साजिश का खुलासा

एसडीपीओ बरवार के अनुसार, आरोपी कोयला साइडिंग और कारोबारियों की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे। इसके बाद फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैलाने और कारोबारियों से लेवी वसूलने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा, 'पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साजिश नाकाम हो गई।' यह ऐसे समय में आया है जब कोयलांचल क्षेत्र में संगठित अपराध और रंगदारी की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं।

जांच की दिशा

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से लाए गए और गिरोह का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है। पूरे मामले में तकनीकी और खुफिया स्तर पर भी जांच जारी है।

अभियान में शामिल पुलिस टीम

इस सफल अभियान में टंडवा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा और एसआई अभिमन्यु कुमार समेत विशेष पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कोयला कारोबारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राहुल दुबे जैसे गैंग लीडर अब तक कानून की पहुंच से बाहर क्यों हैं। गिरफ्तार तीन सदस्य महज मोहरे हैं; जब तक गैंग के सरगना और हथियार आपूर्ति श्रृंखला को नहीं तोड़ा जाता, ऐसी कार्रवाइयां दीर्घकालिक समाधान नहीं बन सकतीं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल दुबे गैंग क्या है और इसे चतरा में क्यों गिरफ्तार किया गया?
राहुल दुबे गैंग झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित अपराधी गिरोह है। 14 जुलाई को इसके तीन सदस्यों को चतरा के कारो गांव से इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि वे कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलने और फायरिंग कर दहशत फैलाने की साजिश रच रहे थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और इनके पास से क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपी हैं — बोकारो निवासी संजय मुर्ती, आलोक कुमार सिंह और हजारीबाग निवासी अजय करमाली। इनके पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
टंडवा पुलिस को इन अपराधियों की जानकारी कैसे मिली?
टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अपराधी पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो गांव में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। इसके बाद विशेष छापेमारी दल गठित कर तत्काल कार्रवाई की गई।
क्या राहुल दुबे गैंग के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई होगी?
हां, पुलिस ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। हथियारों के स्रोत और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने के लिए तकनीकी और खुफिया जांच भी जारी है।
इस गिरफ्तारी का कोयला कारोबारियों पर क्या असर होगा?
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस कार्रवाई से कोयलांचल क्षेत्र में कारोबारियों को राहत मिलेगी और लेवी वसूली की तात्कालिक साजिश नाकाम हो गई है। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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