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क्या झारखंड के चतरा में अपराध की योजना बना रहे राहुल सिंह गिरोह के चार गुर्गे गिरफ्तार हुए?

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क्या झारखंड के चतरा में अपराध की योजना बना रहे राहुल सिंह गिरोह के चार गुर्गे गिरफ्तार हुए?

सारांश

झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने राहुल सिंह गिरोह के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार और धमकी भरे पर्चे बरामद हुए हैं। पूछताछ में पुराने फायरिंग मामलों का खुलासा भी हुआ है। क्या ये गिरफ्तारी अपराध की दुनिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी?

मुख्य बातें

झारखंड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
राहुल सिंह गिरोह के चार गुर्गों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारियों से पुराने फायरिंग मामलों का खुलासा हुआ।
पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में भय का माहौल है।
अवैध हथियारों का कारोबार रोकना आवश्यक है।

चतरा, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड राज्य के चतरा जिले की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी राहुल सिंह गिरोह के चार सहयोगियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से दो अवैध पिस्तौल, 10 जिंदा गोली, तीन मोबाइल फोन और धमकी भरे पर्चे बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने दो पुराने फायरिंग मामलों का भी खुलासा किया है।

पुलिस अधीक्षक को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि राहुल सिंह गिरोह के सदस्य पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो मैदान के पास किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (टंडवा) प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। टीम ने देर रात छापेमारी कर चार अपराधियों को मौके से पकड़ लिया।

गिरफ्तार अपराधियों में असजद रजा (कामता, चतरा), शाहजहां अंसारी (जाड़ी, रांची), महफूज आलम उर्फ लालू (कल्याणपुर, चतरा) और गुलजार अंसारी उर्फ राजू (रातु, रांची) शामिल हैं। इनमें से शाहजहां अंसारी और महफूज आलम के खिलाफ विभिन्न थानों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, चोरी और धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने 18 अगस्तराजधर साइडिंग और 20 सितंबर को एनटीपीसी टंडवा में हुई फायरिंग की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इन घटनाओं को लेवी वसूली के उद्देश्य से अंजाम दिया गया था। पुलिस ने दोनों फायरिंग मामलों का खुलासा करते हुए घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए हैं।

छापेमारी दल में डीएसपी टंडवा प्रभात रंजन बरवार के अलावा इंस्पेक्टर उत्तम तिवारी, थाना प्रभारी अभय कुमार, अनिल उरांव, अभिमन्यु कुमार सहित पुलिस बल के कई जवान शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी आवश्यक है कि पुलिस ऐसे गिरोहों के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए ठोस रणनीति अपनाए। देश की सुरक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल सिंह गिरोह के गुर्गों को कब गिरफ्तार किया गया?
उन्हें 29 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार गुर्गों के पास क्या-क्या बरामद हुआ?
उनके पास से दो अवैध पिस्तौल, 10 जिंदा गोली, तीन मोबाइल फोन और धमकी भरे पर्चे बरामद हुए।
पुलिस ने किस सूचना के आधार पर छापेमारी की?
पुलिस को सूचना मिली थी कि राहुल सिंह गिरोह के सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं।
गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ क्या मामले हैं?
इनमें हत्या, चोरी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
क्या गिरफ्तार आरोपियों ने पुराने फायरिंग मामलों में संलिप्तता स्वीकार की है?
हाँ, उन्होंने 18 अगस्त और 20 सितंबर को हुई फायरिंग की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
राष्ट्र प्रेस
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