लातेहार में हमले की साजिश नाकाम: राहुल सिंह गिरोह के 3 सदस्य हथियारों सहित गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के लातेहार जिले में पुलिस ने रविवार, 21 जून 2026 को एक बड़ी आपराधिक वारदात की योजना को समय रहते विफल कर दिया। बारियातू थाना क्षेत्र के बनालात स्थित एक स्टोन क्रशर और खदान को निशाना बनाने की साजिश रच रहे कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से एक देशी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, एक लूटी गई होंडा शाइन मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।
कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले के पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि बनालात इलाके में एक स्टोन क्रशर और माइंस पर बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी चल रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (महुआडांड़) के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल गठित किया गया, जिसने मौके पर पहुँचकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पकड़े गए तीनों आरोपियों में भोला उर्फ भोला कुमार गंजू (22) और विनोद कुमार गंजू (20) चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के सिलदाग गांव के निवासी हैं। तीसरा आरोपी फलीन्द्र गंजू (29) लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के भगिया गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार फलीन्द्र गंजू के खिलाफ डकैती, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
बरामद सामग्री और पुराने मामलों से संबंध
जांच में सामने आया कि बरामद होंडा शाइन मोटरसाइकिल चंदवा थाना क्षेत्र से लूटी गई थी। इसके अतिरिक्त जब्त मोबाइल फोनों में से दो उसी लूटकांड से जुड़े बताए गए हैं, जबकि दो अन्य मोबाइल फोन रंगदारी मांगने के एक अलग मामले में इस्तेमाल किए गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब लातेहार और आसपास के जिलों में संगठित अपराध गिरोहों की सक्रियता पर पुलिस की पैनी नजर है।
अन्य मामलों में भी संलिप्तता की जांच
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की संलिप्तता कई अन्य मामलों में भी उजागर हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हजारीबाग जिले के पगार ओपी क्षेत्र में 8 जून 2026 को हुई फायरिंग की घटना में भी इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। लातेहार और निकटवर्ती जिलों में दर्ज अन्य मामलों में इनकी संलिप्तता की पड़ताल जारी है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और राहुल सिंह गिरोह के शेष फरार सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। गौरतलब है कि इस प्रकार के संगठित गिरोह खनन क्षेत्रों को रंगदारी और लूट के लिए सॉफ्ट टारगेट मानते हैं — यह गिरफ्तारी उस रणनीति पर पुलिस के बढ़ते दबाव का संकेत है।