24 जुलाई 2026
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हजारीबाग मुठभेड़: राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, एक को पैर में लगी गोली

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हजारीबाग मुठभेड़: राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार, एक को पैर में लगी गोली

सारांश

हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र में तड़के हुई मुठभेड़ में पुलिस ने राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्यों को दबोचा — एक के पैर में गोली लगी। चंद्रगुप्त कोल परियोजना में लेवी वसूली की बड़ी वारदात की तैयारी नाकाम हुई, अवैध पिस्तौल और मोटरसाइकिल जब्त।

मुख्य बातें

24 जुलाई की तड़के हजारीबाग के केरेडारी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक अपराधी के पैर में गोली लगी; उसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
गिरोह के दो सदस्य मौके से गिरफ्तार, एक अवैध पिस्तौल और एक मोटरसाइकिल बरामद।
अपराधी चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र में लेवी वसूली की बड़ी वारदात की तैयारी में थे।
पुलिस अधीक्षक अमन कुमार और एसडीपीओ अमित आनंद मौके पर पहुँचे; गिरोह के नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी।

हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 24 जुलाई की तड़के पुलिस और कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में गोली लगी और दो को मौके पर ही दबोच लिया गया। घायल आरोपी को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह के सदस्य चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र में लेवी वसूलने के उद्देश्य से किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। इस सूचना पर केरेडारी थाना और पगार ओपी की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए बुकरु गाँव के पास ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर घेराबंदी की।

पुलिस टीम को देखते ही अपराधियों ने जंगल की ओर भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में दो से तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगी। दोनों आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामदगी और साक्ष्य

घटनास्थल से पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से एक मोटरसाइकिल और एक अवैध पिस्तौल बरामद की। पुलिस के अनुसार, भागने के दौरान अपराधियों ने हथियार फेंकने का भी प्रयास किया था, जिसे जब्त कर लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारी पहुँचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार और बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमित आनंद मौके पर पहुँचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

पूछताछ और आगे की जाँच

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से राहुल दुबे गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और लेवी वसूली से जुड़े मामलों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब झारखंड पुलिस कोल क्षेत्रों में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ अभियान तेज कर रही है। आने वाले दिनों में गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की भी संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि मुख्य सरगना नेटवर्क बनाए रखते हैं। असली परीक्षा यह होगी कि पूछताछ से राहुल दुबे गिरोह की आपूर्ति श्रृंखला और राजनीतिक-प्रशासनिक संरक्षण के सूत्र कहाँ तक उजागर होते हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग मुठभेड़ में क्या हुआ?
24 जुलाई की तड़के केरेडारी थाना क्षेत्र में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक अपराधी के पैर में गोली लगी और दो को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से अवैध पिस्तौल और मोटरसाइकिल भी जब्त की।
राहुल दुबे गिरोह क्या है और इसकी गतिविधियाँ क्या हैं?
राहुल दुबे गिरोह हजारीबाग क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित अपराध गिरोह है, जो कोल परियोजना क्षेत्रों में लेवी वसूली जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताया जाता है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सदस्य चंद्रगुप्त कोल परियोजना में बड़ी वारदात की तैयारी में थे।
घायल अपराधी का इलाज कहाँ हो रहा है?
पैर में गोली लगे घायल अपराधी को प्राथमिक उपचार के बाद शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत के बारे में पुलिस ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है।
इस ऑपरेशन में कौन-से पुलिस अधिकारी शामिल थे?
केरेडारी थाना और पगार ओपी की संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। घटना के बाद हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार और बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद मौके पर पहुँचे।
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस क्या जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है?
पुलिस गिरफ्तार दोनों सदस्यों से राहुल दुबे गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान, उनके नेटवर्क और लेवी वसूली से जुड़े मामलों के बारे में पूछताछ कर रही है। इससे गिरोह के व्यापक ढाँचे को तोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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