हजारीबाग में प्रिंस खान गैंग से मुठभेड़, एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल; साथी फरार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में 30 जुलाई की देर रात पुलिस और कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के हथियारबंद सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें गिरोह का एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग के बाद उसके दो से तीन साथी अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
मुठभेड़ की पृष्ठभूमि
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के सदस्य बड़कागांव के 13 माइल ट्रांसपोर्टिंग रोड के आसपास इकट्ठा हुए हैं और किसी बड़ी वारदात अथवा रंगदारी वसूली की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही जिले के संवेदनशील इलाकों, कोल ट्रांसपोर्टिंग मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर नाकेबंदी कर दी गई और एक विशेष जांच अभियान शुरू किया गया।
बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन आरंभ किया। पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम 13 माइल के निकट पहुँची, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी घायल होकर गिर पड़ा।
घायल अपराधी और जांच
घायल अपराधी को पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह का संबंध 26 जुलाई को एनटीपीसी की पकरी बरवाडीह कोयला परियोजना क्षेत्र में कोयला लदे हाईवा वाहनों पर हुई फायरिंग से भी जोड़ा जा रहा है, जहाँ घटनास्थल पर प्रिंस खान गिरोह के नाम का पर्चा छोड़ा गया था।
सघन कांबिंग अभियान जारी
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर जंगलों में सघन कांबिंग अभियान चलाया जा रहा है। फरार अपराधियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में संगठित अपराध गिरोहों की सक्रियता को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क था।
एक सप्ताह में दूसरी मुठभेड़
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में पुलिस और रंगदारी गिरोहों के बीच यह दूसरी मुठभेड़ है। 24 जुलाई को केरेडारी थाना क्षेत्र में राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों से हुई मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हुआ था और दो बदमाश गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार और मोटरसाइकिल बरामद की थी।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि झारखंड के कोयला परिवहन मार्गों पर संगठित गिरोहों द्वारा रंगदारी वसूली की समस्या गहराती जा रही है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान जारी है।