30 जुलाई 2026
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हजारीबाग में प्रिंस खान गैंग से मुठभेड़, एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल; साथी फरार

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हजारीबाग में प्रिंस खान गैंग से मुठभेड़, एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल; साथी फरार

सारांश

हजारीबाग के बड़कागांव में पुलिस और प्रिंस खान गैंग के बीच देर रात मुठभेड़ — एक अपराधी घायल, साथी फरार। एक सप्ताह में यह दूसरी मुठभेड़ है और गिरोह का संबंध एनटीपीसी की कोयला परियोजना पर हुई फायरिंग से भी जोड़ा जा रहा है।

मुख्य बातें

30 जुलाई की देर रात हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई।
जवाबी फायरिंग में गिरोह का एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल; 2-3 साथी जंगल में फरार।
घायल अपराधी पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती; पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी।
गिरोह का संबंध 26 जुलाई को एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोयला परियोजना में हाईवा वाहनों पर हुई फायरिंग से जोड़ा जा रहा है।
एक सप्ताह में यह दूसरी मुठभेड़ — 24 जुलाई को केरेडारी में राहुल दुबे गिरोह से भी मुठभेड़ हुई थी।
फरार अपराधियों की तलाश में जंगलों में सघन कांबिंग अभियान जारी।

झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में 30 जुलाई की देर रात पुलिस और कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के हथियारबंद सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें गिरोह का एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग के बाद उसके दो से तीन साथी अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

मुठभेड़ की पृष्ठभूमि

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के सदस्य बड़कागांव के 13 माइल ट्रांसपोर्टिंग रोड के आसपास इकट्ठा हुए हैं और किसी बड़ी वारदात अथवा रंगदारी वसूली की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही जिले के संवेदनशील इलाकों, कोल ट्रांसपोर्टिंग मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर नाकेबंदी कर दी गई और एक विशेष जांच अभियान शुरू किया गया।

बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन आरंभ किया। पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम 13 माइल के निकट पहुँची, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक अपराधी घायल होकर गिर पड़ा।

घायल अपराधी और जांच

घायल अपराधी को पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में इस गिरोह का संबंध 26 जुलाई को एनटीपीसी की पकरी बरवाडीह कोयला परियोजना क्षेत्र में कोयला लदे हाईवा वाहनों पर हुई फायरिंग से भी जोड़ा जा रहा है, जहाँ घटनास्थल पर प्रिंस खान गिरोह के नाम का पर्चा छोड़ा गया था।

सघन कांबिंग अभियान जारी

मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर जंगलों में सघन कांबिंग अभियान चलाया जा रहा है। फरार अपराधियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में संगठित अपराध गिरोहों की सक्रियता को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क था।

एक सप्ताह में दूसरी मुठभेड़

गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में पुलिस और रंगदारी गिरोहों के बीच यह दूसरी मुठभेड़ है। 24 जुलाई को केरेडारी थाना क्षेत्र में राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों से हुई मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हुआ था और दो बदमाश गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार और मोटरसाइकिल बरामद की थी।

यह घटनाक्रम दर्शाता है कि झारखंड के कोयला परिवहन मार्गों पर संगठित गिरोहों द्वारा रंगदारी वसूली की समस्या गहराती जा रही है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एनटीपीसी जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं को भी निशाना बना रहे हैं — जो एक गंभीर कानून-व्यवस्था की विफलता को रेखांकित करता है। प्रिंस खान गिरोह द्वारा घटनास्थल पर पर्चा छोड़ना यह दर्शाता है कि ये गिरोह अपनी दहशत को जानबूझकर प्रचारित कर रहे हैं, जो पुलिस की निरोधक क्षमता पर सवाल उठाता है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी न होने तक ये मुठभेड़ें महज प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई बनी रहेंगी, न कि दीर्घकालिक समाधान।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग में प्रिंस खान गैंग से मुठभेड़ कब और कहाँ हुई?
यह मुठभेड़ 30 जुलाई की देर रात झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में 13 माइल ट्रांसपोर्टिंग रोड के निकट हुई। बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम सर्च ऑपरेशन पर थी।
मुठभेड़ में क्या हुआ और कितने अपराधी घायल या फरार हुए?
अपराधियों ने पहले पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसमें गिरोह का एक सदस्य पैर में गोली लगने से घायल हो गया और उसे पुलिस हिरासत में अस्पताल भर्ती कराया गया, जबकि 2-3 साथी जंगल में फरार हो गए।
प्रिंस खान गिरोह का एनटीपीसी पकरी बरवाडीह फायरिंग से क्या संबंध है?
26 जुलाई को बड़कागांव स्थित एनटीपीसी की पकरी बरवाडीह कोयला परियोजना में अपराधियों ने हाईवा वाहनों पर फायरिंग की थी और घटनास्थल पर प्रिंस खान गिरोह के नाम का पर्चा छोड़ा था। प्रारंभिक जांच में इस मुठभेड़ में पकड़े गए गिरोह का संबंध उसी घटना से जोड़ा जा रहा है।
क्या हजारीबाग में इससे पहले भी ऐसी मुठभेड़ हुई है?
हाँ, 24 जुलाई को केरेडारी थाना क्षेत्र में राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों से मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक अपराधी घायल हुआ और दो गिरफ्तार किए गए थे। एक सप्ताह के भीतर यह हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में दूसरी मुठभेड़ है।
फरार अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस क्या कदम उठा रही है?
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर जंगलों में सघन कांबिंग अभियान चलाया जा रहा है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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