झारखंड: हजारीबाग में कोयला वाहनों पर 7 राउंड फायरिंग, रामगढ़ में उपचालक के दोनों पैरों में गोली
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोयला क्षेत्रों में रंगदारी वसूलने वाले सशस्त्र गिरोहों ने 26 जुलाई, शनिवार को एक बार फिर हिंसा का सहारा लिया। हजारीबाग और रामगढ़ जिलों में एक ही रात अलग-अलग स्थानों पर हुई दो वारदातों में अपराधियों ने कोयला ढुलाई से जुड़े वाहनों और कर्मियों को निशाना बनाया। दोनों घटनास्थलों से अलग-अलग गैंगों के नाम वाले धमकी भरे पर्चे बरामद होने के बाद पुलिस रंगदारी के कोण से जाँच कर रही है।
हजारीबाग में हाईवा वाहनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग
हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एनटीपीसी की पकरी बरवाडीह कोयला परियोजना के तेरह माइल से करीब 200 मीटर आगे शनिवार देर रात तीन हथियारबंद अपराधियों ने कोयला लदे दो हाईवा वाहनों पर अचानक हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे और वाहनों के पहुँचते ही उन्होंने करीब सात राउंड गोलियाँ चलाईं।
फायरिंग के बाद अपराधियों ने लोहे की रॉड से दोनों हाईवा के शीशे भी तोड़ दिए। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन वाहनों को नुकसान पहुँचा और कुछ समय के लिए कोयला ढुलाई बाधित रही। घटनास्थल से पुलिस ने 'प्रिंस खान केएसएस.' लिखा धमकी भरा पर्चा बरामद किया है।
वायरल ऑडियो और गैंगस्टर प्रिंस खान का कनेक्शन
इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर वासेपुर के कथित गैंगस्टर प्रिंस खान का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालाँकि पुलिस ने इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और उसकी सत्यता की जाँच जारी है। जाँच एजेंसियों के अनुसार प्रिंस खान लंबे समय से फरार है और कथित तौर पर विदेश से अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है।
रामगढ़ में उपचालक के दोनों पैरों में गोली
रामगढ़ जिले के गिद्दी परियोजना क्षेत्र में संचालित आनंद जैन के निजी क्रशर पर शनिवार देर शाम बाइक सवार तीन हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया। उन्होंने कोयला ट्रांसपोर्टिंग करने वाले एक हाईवा के उपचालक करण कुमार के दोनों पैरों में गोली मार दी। इसके बाद अपराधी राहुल दुबे गैंग के नाम के दो धमकी भरे पर्चे छोड़कर फरार हो गए।
घायल करण कुमार को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। राहुल दुबे गिरोह पहले से झारखंड के कोयला क्षेत्रों में रंगदारी और हिंसक वारदातों को लेकर पुलिस के रडार पर है।
झारखंड के कोयला क्षेत्रों में रंगदारी की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में हुआ है जब झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में संगठित आपराधिक गिरोहों की सक्रियता लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि धनबाद के वासेपुर से संचालित आपराधिक नेटवर्क दशकों से इन क्षेत्रों में रंगदारी वसूली का इतिहास रखते हैं। दो जिलों में एक ही रात हुई समन्वित वारदातें संकेत देती हैं कि इन गिरोहों ने अपनी पहुँच और दुस्साहस दोनों बढ़ाए हैं।
पुलिस की जाँच और आगे की कार्रवाई
दोनों घटनाओं में बरामद पर्चों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने रंगदारी के एंगल से जाँच शुरू कर दी है। अभी तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और दोनों गिरोहों के खिलाफ अभियान की दिशा तय होगी।