क्या हजारीबाग में सीसीएल परियोजना पर नक्सलियों ने हमला कर 6 गाड़ियां फूंकीं?

सारांश
Key Takeaways
- नक्सली हमले ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा किया।
- हजारीबाग में सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
- आउटसोर्सिंग कंपनी आरकेएस पिछले चार वर्षों से कार्यरत है।
हजारीबाग, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में उग्रवादियों ने बीती रात एक गंभीर घटना को अंजाम दिया। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की तापीन नॉर्थ परियोजना पर तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) से जुड़े नक्सलियों ने धावा बोलकर आउटसोर्सिंग कंपनी आरकेएस की छह गाड़ियों में आग लगा दी।
यह हमला शुक्रवार की आधी रात 12 बजे से 1 बजे के बीच हुआ। बड़ी संख्या में हथियारबंद नक्सली अचानक परियोजना स्थल पर पहुंचे और वहां खड़े पोकलेन, डंपर तथा अन्य वाहनों को कब्जे में ले लिया। सभी वाहनों में भरे डीजल-पेट्रोल को खाली किया गया और फिर उनमें एक-एक कर आग लगा दी गई।
कुछ ही देर में पूरे इलाके में आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास दहशत का माहौल बन गया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटरों और मजदूरों के साथ मारपीट भी की गई। नक्सलियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि अगर कंपनी ने तुरंत काम बंद नहीं किया, तो और गंभीर नतीजे होंगे। जाते-जाते उग्रवादियों ने संगठन के नाम से पोस्टर छोड़े हैं। आरकेएस कंपनी पिछले चार वर्षों से इस परियोजना में आउटसोर्सिंग के आधार पर कोयला खनन का कार्य कर रही है।
कहा जा रहा है कि कंपनी से लेवी (रंगदारी) की रकम वसूलने के लिए यह वारदात की गई। घटना की सूचना मिलते ही चरही थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। नक्सलियों द्वारा छोड़े गए पोस्टर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल पर फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है।
इससे पहले 23 जून की रात हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी के साइट पर हथियारबंद अपराधियों ने हमला कर कई वाहनों में आग लगा दी थी। इस वारदात में दो जेसीबी, दो हाइवा ट्रक के अलावा ग्रेडर, पानी टैंकर और जेनरेटर जलकर राख हो गए थे। हाल के दिनों में झारखंड के कई इलाकों में नक्सली संगठन कोयला कंपनियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को लगातार निशाना बना रहे हैं।