30 जुलाई 2026
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हजारीबाग में प्रिंस खान गिरोह पर पुलिस का शिकंजा: मुठभेड़ के बाद छह अपराधी गिरफ्तार, हथियार बरामद

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हजारीबाग में प्रिंस खान गिरोह पर पुलिस का शिकंजा: मुठभेड़ के बाद छह अपराधी गिरफ्तार, हथियार बरामद

सारांश

हजारीबाग के दुड़कापाठ कोयला क्षेत्र में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई — एक अपराधी को गोली लगी, छह गिरफ्तार। खुलासा हुआ कि गिरोह धनबाद से संचालित होकर स्थानीय कारोबारियों से हथियारों के बल पर रंगदारी वसूल रहा था।

मुख्य बातें

30 जुलाई को हजारीबाग के बड़कागांव में प्रिंस खान गिरोह और पुलिस के बीच सशस्त्र मुठभेड़ हुई।
पुलिस ने गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया; एक आरोपी सैयद मोहम्मद जोशान के दाहिने पैर में गोली लगी।
आरोपियों के पास से .303 बोर की 20 जिंदा गोलियाँ , एक देसी पिस्तौल और अन्य कारतूस बरामद हुए।
गिरोह कोयला कारोबारियों , ट्रांसपोर्टरों और व्यवसायियों से हथियारों के बल पर रंगदारी वसूल रहा था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह प्रिंस खान और केएसएस कुबेर गिरोह के लिए एक साथ काम करता था।
एसडीपीओ अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।

हजारीबाग जिले के बड़कागांव स्थित 13 माइल ट्रांसपोर्टिंग रोड पर 30 जुलाई को पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के बीच हुई सशस्त्र मुठभेड़ के बाद झारखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक ऐसा अपराधी भी शामिल है जिसे जवाबी फायरिंग में दाहिने पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

अभियान की शुरुआत कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि लोहसिंगना थाना क्षेत्र में धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का नेटवर्क फिर से सक्रिय हो गया है और गिरोह में नए अपराधियों की भर्ती की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने पर बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर छापेमारी अभियान शुरू किया गया।

गिरफ्तारी और बरामदगी का ब्योरा

अभियान के पहले चरण में पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ के आधार पर पेलावल थाना क्षेत्र के आजाद नगर से अमन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया और उनकी निशानदेही पर मोहम्मद जोशान को भी पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से .303 बोर की 20 जिंदा गोलियाँ बरामद कीं।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य हथियारों के बल पर कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय व्यवसायियों से रंगदारी वसूलते हैं।

दुड़कापाठ में मुठभेड़

इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने दुड़कापाठ कोयला क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस टीम को देखते ही वहाँ मौजूद अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि उसके अन्य साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल आरोपी की पहचान सैयद मोहम्मद जोशान के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

गिरोह का नेटवर्क और आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सैयद मोहम्मद जोशान ने स्वीकार किया कि वह प्रिंस खान और केएसएस कुबेर गिरोह के लिए काम करता था तथा कोयला कारोबारियों से लेवी वसूलने के उद्देश्य से क्षेत्र में सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह के नेटवर्क, सहयोगियों और फरार अपराधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिली हैं। इन सूचनाओं के आधार पर विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी जारी है। यह कार्रवाई झारखंड के कोयला क्षेत्रों में संगठित अपराध और रंगदारी के खिलाफ पुलिस के बढ़ते अभियान की कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ धनबाद जैसे शहरों से संचालित गिरोह दूरदराज के खनन क्षेत्रों में अपना जाल फैलाते हैं। प्रिंस खान और केएसएस कुबेर गिरोह का एक साथ नाम आना यह संकेत देता है कि ये गिरोह अब गठजोड़ में काम कर रहे हैं — जो कानून प्रवर्तन के लिए कहीं बड़ी चुनौती है। फरार अपराधियों का जंगल में छिपना यह भी बताता है कि इस क्षेत्र में पुलिस की पैठ अभी भी सीमित है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह गिरफ्तारी गिरोह के सरगनाओं तक पहुँचती है, या महज निचले स्तर के सदस्यों तक ही सिमट जाती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग में प्रिंस खान गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई क्या है?
30 जुलाई को हजारीबाग के बड़कागांव में पुलिस और प्रिंस खान गिरोह के बीच मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गैंग से जुड़े छह अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
प्रिंस खान गिरोह क्या करता था?
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह धनबाद से संचालित होकर हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में कोयला कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय व्यवसायियों से हथियारों के बल पर रंगदारी वसूलता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह केएसएस कुबेर गिरोह के साथ मिलकर काम करता था।
मुठभेड़ में घायल आरोपी कौन है?
घायल आरोपी की पहचान सैयद मोहम्मद जोशान के रूप में हुई है, जिसे दुड़कापाठ कोयला क्षेत्र में पुलिस की जवाबी फायरिंग में दाहिने पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इस कार्रवाई का नेतृत्व किसने किया?
बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने लोहसिंगना और पेलावल थाना क्षेत्रों में समन्वित छापेमारी अभियान चलाया।
क्या अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं?
हाँ, दुड़कापाठ में मुठभेड़ के दौरान कुछ अपराधी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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