ग्रेटर नोएडा मुठभेड़: गौकशी आरोपी मेहताब पैर में गोली लगने से घायल, .315 बोर तमंचा व धारदार हथियार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में 28 जुलाई 2026 को पुलिस और गौकशी के एक आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी मेहताब पुत्र मेहरबान, निवासी ग्राम दौला रजपुरा, को पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया और उसके कब्जे से अवैध असलहा, चोरी की मोटरसाइकिल, संदिग्ध इंजेक्शन तथा धारदार हथियार बरामद किए।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
28 जुलाई 2026 को थाना दनकौर पुलिस टीम सेक्टर-18, पॉकेट-5सी पार्क के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के पास चार संदिग्ध युवक खड़े दिखे। पुलिस के रुकने का इशारा करते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मेहताब के पैर में गोली लगी।
बरामद सामान का विवरण
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया: एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक चोरी की बिना नंबर प्लेट मोटरसाइकिल, 10 एमएल मेफेंटरमाइन सल्फेट इंजेक्शन, 30 एमएल लिग्नोकेन हाइड्रो क्लोराइड इंजेक्शन, चार सील पैक सीरिंज, दो चापड़, चार छुरियाँ, चार प्लास्टिक की रस्सियाँ और चार प्लास्टिक के कट्टे।
पुलिस ने बरामद हथियारों और सामान को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जाँच के आदेश दिए हैं। यह जाँच आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों और संभावित गिरोह से संबंध का खुलासा करने में सहायक होगी।
गौकशी से जुड़ा आपराधिक इतिहास
पूछताछ में सामने आया कि मेहताब ने अपने साथियों के साथ मिलकर 21 जुलाई 2026 को गौकशी की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में थाना दनकौर में मु0अ0सं0 174/2026 के तहत गौवध निवारण अधिनियम की धाराओं में पहले से मुकदमा दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मेहताब वर्ष 2019 में भी गौवध निवारण अधिनियम के तहत एक मामले में आरोपी रह चुका है — इस प्रकार उसके विरुद्ध इस अधिनियम के तहत कुल दो मुकदमे दर्ज हैं।
गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर जनपद में गौकशी से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई का यह हालिया उदाहरण है। पुलिस अब यह भी जाँच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या नहीं।
फरार साथियों की तलाश
मुठभेड़ के दौरान आरोपी के तीन अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस का रुख और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों के विरुद्ध चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा। बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जाँच से आरोपियों के नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी मिलने की उम्मीद है। फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने किया है।