ग्रेटर नोएडा में सुंदर भाटी गैंग के दो बदमाशों की गिरफ्तारी, मुठभेड़ में बरामद हुए हथियार
सारांश
Key Takeaways
- ग्रेटर नोएडा में मुठभेड़ में दो बदमाशों की गिरफ्तारी।
- पुलिस ने बरामद किए हथियार और कारतूस।
- आरोपियों का आपराधिक इतिहास।
- कानून की कार्रवाई जारी है।
- पुलिस की सक्रियता से अपराध पर नियंत्रण।
ग्रेटर नोएडा, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर में थाना इकोटेक प्रथम पुलिस और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए कुख्यात माफिया सुंदर भाटी गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 15 मार्च 2026 की रात को की गई। थाना इकोटेक प्रथम पुलिस और अपराध शाखा की टीम को जानकारी मिली थी कि माफिया सुंदर भाटी गैंग के सदस्य किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए यमुना पुस्ता स्थित ग्राम घरबरा के पास मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और संदिग्धों की घेराबंदी की।
पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे। इसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। कुछ समय तक चली मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेन्द्र उर्फ डीके (32 वर्ष) पुत्र कवर सिंह, निवासी ग्राम कमबक्शपुर, थाना नॉलेज पार्क, जिला गौतमबुद्धनगर और अर्जुन (28 वर्ष) पुत्र संजय, निवासी डी-239 पटपड़गंज वाल्मीकि कॉलोनी, थाना पांडव नगर, दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र के पास से एक अवैध पिस्टल .32 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए हैं, जो पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने के दौरान इस्तेमाल किए गए थे।
वहीं, अर्जुन के पास से एक तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। जांच में पता चला है कि धर्मेंद्र उर्फ डीके का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2025 और 2026 में थाना ईकोटेक प्रथम में पुलिस मुठभेड़ और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, वर्ष 2016 में थाना बीटा-2 में भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया था।
अर्जुन के खिलाफ भी पुलिस मुठभेड़ और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।