झारखंड में राहुल दुबे गैंग के दो आरोपी हथियारों सहित गिरफ्तार, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- रामगढ़ पुलिस ने कुख्यात राहुल दुबे गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी के समय उनके पास देशी कारबाइन और लोडेड पिस्टल मिली।
- ये आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
- पुलिस ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई की।
रामगढ़, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के रामगढ़ जिले की पतरातू थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में कुख्यात राहुल दुबे गैंग के दो सदस्यों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा है। ये आरोपी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने इनके पास से एक देशी कारबाइन, लोडेड पिस्टल और जिंदा गोलियां जब्त की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पतरातू निवासी करण करमाली (19) और शिवम मिश्रा उर्फ नंदू (23) के रूप में हुई है। रामगढ़ के एसपी अजय कुमार को 13 अप्रैल की रात एक गुप्त सूचना मिली थी कि हेसला गांव के आस-पास कुछ अपराधी हथियारों के साथ घूम रहे हैं।
सूचना की पुष्टि और कार्रवाई के लिए पतरातू के एसडीपीओ गौरव गोस्वामी की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। घेराबंदी के दौरान, पुलिस ने हेसला के काली मंदिर के पास एक बाइक पर बैठे दो संदिग्ध युवकों को रोका। तलाशी के दौरान, करण करमाली के पास से 7.65 एमएम का एक लोडेड पिस्टल और तीन जिंदा गोलियां मिलीं।
इसके अलावा, बाइक पर रखे बैग की जांच करने पर पुलिस को 9 एमएम की एक देशी कारबाइन और दो जिंदा गोलियां प्राप्त हुईं। पुलिस ने मौके से आरोपियों की बाइक भी जब्त कर ली है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और उन्होंने 4 अप्रैल को पतरातू स्थित ओसम डेयरी प्लांट में हुई फायरिंग की घटना में भी अपनी भूमिका स्वीकार की है।
पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में एक बड़ी आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया गया है। पतरातू थाना में आर्म्स एक्ट और भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।