30 अगस्त 2026
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हिमांशु भाऊ गैंग के 4 सदस्य कोटा से गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई

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हिमांशु भाऊ गैंग के 4 सदस्य कोटा से गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई

सारांश

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजस्थान के कोटा से हिमांशु भाऊ गैंग के दो वांछित शूटर और दो सहयोगियों को दबोचा। आरोपी दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई हत्याओं व फायरिंग की घटनाओं में वांछित थे। पूछताछ में गैंग के नेटवर्क और हथियार सप्लाई पर अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 30 अगस्त 2026 को राजस्थान के कोटा से हिमांशु भाऊ गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी रमन उर्फ फौजी (19) , जींद और करण (22) , चरखी दादरी — दोनों कई राज्यों में वांछित शूटर थे।
दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी की हत्या में 70 से अधिक राउंड फायरिंग में दोनों शामिल थे।
सहयोगी शेखर तिवारी और विनोद तिवारी , मथुरा — मनी म्यूल के रूप में काम कर रहे थे।
चारों आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त; गैंग नेटवर्क और हथियार सप्लाई की जांच जारी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने 30 अगस्त 2026 को राजस्थान के कोटा से कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग के चार सदस्यों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में दो वांछित शूटर और दो सहयोगी शामिल हैं, जो इन शूटरों को पनाह देने और उनके लिए मनी ट्रांसफर का काम कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

मुख्य आरोपियों की पहचान रमन उर्फ फौजी (19), निवासी जींद, हरियाणा, और करण (22), निवासी चरखी दादरी, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित थे और हरियाणा, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश की पुलिस उन्हें लंबे समय से खोज रही थी। दोनों पर विभिन्न राज्यों में इनाम भी घोषित था।

उनके सहयोगी के रूप में दो भाइयों — शेखर तिवारी (23) और विनोद तिवारी (30), निवासी गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश — को भी गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों शूटरों को शरण देने और उनके लिए मनी म्यूल (धन हस्तांतरण में सहायक) के रूप में काम कर रहे थे।

मुख्य आपराधिक मामले

पुलिस के मुताबिक, रमन और करण संयुक्त रूप से कई सनसनीखेज वारदातों में शामिल रहे हैं। इनमें दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी रतन की हत्या प्रमुख है, जिसमें 70 से अधिक राउंड फायरिंग की गई थी।

इसके अतिरिक्त, अगस्त 2025 में द्वारका मोड़ पर मोहित डागर की हत्या, दिसंबर 2025 में रोहतक के रिठोली गांव में हिमांशु भाऊ के प्रतिद्वंद्वी सन्नी रिठोली पर जानलेवा हमला, तथा मई 2026 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के ककोड़ क्षेत्र में जितेंद्र उर्फ जीतू पर अंधाधुंध फायरिंग — इन सभी मामलों में दोनों की तलाश थी।

करण पर अलग से दर्ज मामले

पुलिस के अनुसार, करण मई 2024 में रेवाड़ी के मोहल्ला कुतुबपुर में एक मकान पर अंधाधुंध गोलीबारी और दिसंबर 2024 में पलवल के महेशपुर गांव के सरपंच पर ऑटोमैटिक कार्बाइन से हमले के मामले में भी वांछित था। रमन के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी था।

रिमांड और आगे की जांच

दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया, जहाँ से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, फंडिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है।

पुलिस अब हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के शेष सदस्यों और सहयोगियों की तलाश में जुटी है। यह गिरफ्तारी संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ स्पेशल सेल की जारी मुहिम का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अब राजस्थान तक फैला है, जो अंतर-राज्यीय समन्वय की कमज़ोरियों को उजागर करता है। मनी म्यूल के रूप में स्थानीय सहयोगियों की भर्ती यह दर्शाती है कि गैंग अपनी वित्तीय संरचना को भी परिष्कृत कर रहे हैं। असली सवाल यह है कि मुख्य संचालक हिमांशु भाऊ अभी तक पकड़ से बाहर क्यों है, और उसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए राज्यों के बीच खुफिया साझाकरण कितना प्रभावी है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमांशु भाऊ गैंग क्या है?
हिमांशु भाऊ गैंग एक कुख्यात संगठित अपराध सिंडिकेट है, जो दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, फायरिंग और जबरन वसूली जैसी वारदातों में संलिप्त रहा है। इस गैंग के सदस्य कई राज्यों में सक्रिय हैं और पुलिस लंबे समय से इनके नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है।
कोटा से किन्हें गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया — शूटर रमन उर्फ फौजी (19), जींद और करण (22), चरखी दादरी, तथा उनके सहयोगी शेखर तिवारी (23) और विनोद तिवारी (30), मथुरा। शेखर और विनोद मनी म्यूल के रूप में काम कर रहे थे।
रमन और करण पर कौन-से प्रमुख मामले दर्ज हैं?
दोनों पर दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में 70 से अधिक राउंड फायरिंग में डेयरी कारोबारी रतन की हत्या, अगस्त 2025 में द्वारका मोड़ पर मोहित डागर की हत्या, रोहतक में सन्नी रिठोली पर हमले और मई 2026 में बुलंदशहर में फायरिंग के मामले दर्ज हैं। करण पर रेवाड़ी और पलवल में भी अलग से मामले हैं।
आगे की जांच में क्या उम्मीद है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस रिमांड के दौरान गैंग के हथियार नेटवर्क, फंडिंग स्रोत और अन्य सक्रिय सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की तलाश जारी रखे हुए है।
मनी म्यूल की गिरफ्तारी क्यों अहम है?
मनी म्यूल गैंग की वित्तीय रीढ़ होते हैं — ये शूटरों तक धन पहुँचाने और उन्हें छुपाने में मदद करते हैं। शेखर और विनोद तिवारी की गिरफ्तारी से गैंग की फंडिंग संरचना और उसके स्थानीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है, जो मुख्य आरोपियों तक पहुँचने में सहायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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