हिमांशु भाऊ गैंग के 4 सदस्य कोटा से गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने 30 अगस्त 2026 को राजस्थान के कोटा से कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग के चार सदस्यों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में दो वांछित शूटर और दो सहयोगी शामिल हैं, जो इन शूटरों को पनाह देने और उनके लिए मनी ट्रांसफर का काम कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
मुख्य आरोपियों की पहचान रमन उर्फ फौजी (19), निवासी जींद, हरियाणा, और करण (22), निवासी चरखी दादरी, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों कई संगीन आपराधिक मामलों में वांछित थे और हरियाणा, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश की पुलिस उन्हें लंबे समय से खोज रही थी। दोनों पर विभिन्न राज्यों में इनाम भी घोषित था।
उनके सहयोगी के रूप में दो भाइयों — शेखर तिवारी (23) और विनोद तिवारी (30), निवासी गोवर्धन, मथुरा, उत्तर प्रदेश — को भी गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों शूटरों को शरण देने और उनके लिए मनी म्यूल (धन हस्तांतरण में सहायक) के रूप में काम कर रहे थे।
मुख्य आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक, रमन और करण संयुक्त रूप से कई सनसनीखेज वारदातों में शामिल रहे हैं। इनमें दिसंबर 2025 में दिल्ली के आया नगर में डेयरी कारोबारी रतन की हत्या प्रमुख है, जिसमें 70 से अधिक राउंड फायरिंग की गई थी।
इसके अतिरिक्त, अगस्त 2025 में द्वारका मोड़ पर मोहित डागर की हत्या, दिसंबर 2025 में रोहतक के रिठोली गांव में हिमांशु भाऊ के प्रतिद्वंद्वी सन्नी रिठोली पर जानलेवा हमला, तथा मई 2026 में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के ककोड़ क्षेत्र में जितेंद्र उर्फ जीतू पर अंधाधुंध फायरिंग — इन सभी मामलों में दोनों की तलाश थी।
करण पर अलग से दर्ज मामले
पुलिस के अनुसार, करण मई 2024 में रेवाड़ी के मोहल्ला कुतुबपुर में एक मकान पर अंधाधुंध गोलीबारी और दिसंबर 2024 में पलवल के महेशपुर गांव के सरपंच पर ऑटोमैटिक कार्बाइन से हमले के मामले में भी वांछित था। रमन के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी था।
रिमांड और आगे की जांच
दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया, जहाँ से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, फंडिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना है।
पुलिस अब हिमांशु भाऊ सिंडिकेट के शेष सदस्यों और सहयोगियों की तलाश में जुटी है। यह गिरफ्तारी संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ स्पेशल सेल की जारी मुहिम का हिस्सा है।