27 अगस्त 2026
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नेपाल आपदा: कैलाश मानसरोवर यात्री 68 वर्षीय अनीता दास समेत 300-400 भारतीय लापता, परिजन बेहाल

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नेपाल आपदा: कैलाश मानसरोवर यात्री 68 वर्षीय अनीता दास समेत 300-400 भारतीय लापता, परिजन बेहाल

सारांश

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए सैकड़ों भारतीय श्रद्धालुओं को संकट में डाल दिया है। पश्चिम बंगाल की 68 वर्षीय अनीता दास समेत अनुमानतः 300-400 भारतीय नागरिक तिब्बत-नेपाल सीमा के पास लापता हैं। भोपाल के एक परिवार के 29 सदस्यों ने आखिरी कॉल में कहा — 'हमारा बचना मुश्किल है।'

मुख्य बातें

27 अगस्त 2026 को नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए सैकड़ों भारतीय श्रद्धालुओं को प्रभावित किया।
पश्चिम बंगाल की 68 वर्षीय अनीता दास और 63 वर्षीय रंजीत हलधर तिब्बत-नेपाल सीमा के पास लापता हैं।
भोपाल की देविका अधिकारी के 29 परिजन बाढ़ में फंसे हैं; आखिरी कॉल में कहा — 'घर आधा डूब चुका है, बचना मुश्किल है।' भारतीय गोरखा एकता संघ के अनुसार अनुमानतः 300-400 भारतीय नागरिक अभी भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं।
नेपाल सरकार का बचाव अभियान जारी है, कुछ लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है, लेकिन पहचान की पुष्टि नहीं हो पा रही।

नेपाल में 27 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले सैकड़ों भारतीय श्रद्धालुओं को गहरे संकट में डाल दिया है। तिब्बत-नेपाल सीमा के निकट पश्चिम बंगाल की 68 वर्षीय अनीता दास और 63 वर्षीय रंजीत हलधर समेत अनेक श्रद्धालु लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय गोरखा एकता संघ के अनुसार, अनुमानतः 300 से 400 भारतीय नागरिक अभी भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

अनीता दास की लापता होने की कहानी

अनीता दास 21 अगस्त को मिथिला एक्सप्रेस के माध्यम से एक निजी टूर कंपनी के जरिए अकेले मानसरोवर यात्रा पर रवाना हुई थीं। उनकी परिवार की सदस्य निकिता दास ने बताया कि मंगलवार को उनके बेटे से फोन पर बात हुई थी, जिसमें अनीता दास ने कहा था कि मंजिल तक पहुँचने में अभी 3-4 घंटे का रास्ता बाकी है। लेकिन उसी रात लगभग 10 बजे आपदा आ गई और उसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ है।

निकिता दास ने कहा, 'जिस कंपनी के ज़रिए वो गई थीं, उसके प्रमुख ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे तक उनकी टीम उसी स्थान पर मौजूद थी। पुलिस हमारे घर आई और फोन नंबर देकर कहा है कि कोई जानकारी मिले तो सूचित किया जाए।' परिवार के एक अन्य सदस्य निर्मल इंदू दास ने बताया कि गुरुवार सुबह पुलिस ने घर आकर अनीता दास के लापता होने की पुष्टि की।

रंजीत हलधर और अन्य लापता श्रद्धालु

पश्चिम बंगाल के 63 वर्षीय रंजीत हलधर की बेटी सुनंदा ने बताया कि उनके पिता एक टूरिस्ट ग्रुप के साथ नेपाल गए थे और बुधवार सुबह से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। सुनंदा ने कहा, 'दोपहर बाद समाचारों में जब हमने आपदा की खबर देखी, तभी हमें स्थिति की गंभीरता का अहसास हुआ। उसके बाद से हम लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही।' उन्होंने सरकार से अपील की कि बचाव अभियान को जल्द से जल्द तेज किया जाए।

भोपाल परिवार की दर्दनाक आपबीती

भोपाल की देविका अधिकारी के परिचित 29 लोग — जिनमें कृष्णा खनाल, राधिका खनाल, रामचंद्र खनाल और भवती खनाल शामिल हैं — बाढ़ में फंसे हैं। देविका अधिकारी ने बताया कि आखिरी फोन कॉल में उन्होंने सुना कि परिजन जान बचाने के लिए पहाड़ पर चढ़े, एक अपरिचित घर की छत पर शरण ली और फोन पर कहा, 'हमलोग बचने वाले नहीं हैं, घर आधा डूब चुका है।'

एक स्थानीय जानकार लोकमणि ने बताया कि जिस स्थान पर ये लोग खाना खाने के लिए रुके थे, वहीं अचानक बाढ़ की चेतावनी मिली। लोग जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागे और एक घर में शरण ली, लेकिन बाढ़ का पानी वहाँ भी पहुँच गया।

भारतीय गोरखा एकता संघ की चिंता

भारतीय गोरखा एकता संघ के सदस्य ध्रुव प्रधान ने कहा, 'यह एक प्राकृतिक आपदा है जो अचानक आई। मुख्य घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों को अलर्ट देने का मौका ही नहीं मिला। अनुमान के अनुसार 300 से 400 भारतीय नागरिक वहाँ फंसे हुए हैं। जानमाल का नुकसान बहुत अधिक है।' उन्होंने यह भी बताया कि उनके कुछ निजी रिश्तेदार भी प्रभावित क्षेत्र में हैं और उनसे सीमित संपर्क हो सका है।

बचाव अभियान और आगे की स्थिति

रंजीत हलधर की बेटी सुनंदा के अनुसार, नेपाल सरकार की हेल्पलाइन से यह जानकारी मिली है कि बचाव अभियान जारी है और कुछ लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है, लेकिन उनकी पहचान की पुष्टि नहीं की जा रही। भारतीय परिजन अभी तक नेपाल सरकार से सीधे संपर्क करने में असमर्थ रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। परिजनों की निगाहें अब भारत सरकार और नेपाल प्रशासन के संयुक्त बचाव प्रयासों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी त्रासदियों में परिजनों की पीड़ा और अनिश्चितता बनी रहेगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल आपदा में कितने भारतीय नागरिक फंसे हैं?
भारतीय गोरखा एकता संघ के अनुसार, अनुमानतः 300 से 400 भारतीय नागरिक अभी भी नेपाल के प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु हैं जो तिब्बत-नेपाल सीमा के निकट फंसे हैं।
अनीता दास कौन हैं और वे कैसे लापता हुईं?
अनीता दास पश्चिम बंगाल की 68 वर्षीय महिला हैं जो 21 अगस्त को मिथिला एक्सप्रेस से एक निजी टूर कंपनी के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर अकेले गई थीं। मंगलवार रात लगभग 10 बजे आपदा आने के बाद से उनका फोन स्विच ऑफ है और उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
भोपाल के परिवार का क्या हाल है जो नेपाल में फंसा है?
भोपाल की देविका अधिकारी के परिचित 29 लोग नेपाल की बाढ़ में फंसे हैं। आखिरी फोन कॉल में उन्होंने बताया कि वे एक अपरिचित घर की छत पर हैं, घर आधा डूब चुका है और बचने की उम्मीद कम है। तब से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
नेपाल में बचाव अभियान की क्या स्थिति है?
नेपाल सरकार की हेल्पलाइन के अनुसार बचाव अभियान जारी है और कुछ लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है। हालाँकि, भारतीय परिजनों को अभी तक फंसे लोगों की पहचान की पुष्टि नहीं मिल पाई है और नेपाल सरकार की ओर से परिवारों से सीधा संपर्क नहीं हुआ है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान इस आपदा से कौन-कौन प्रभावित हुए?
पश्चिम बंगाल की 68 वर्षीय अनीता दास और 63 वर्षीय रंजीत हलधर समेत कई श्रद्धालु तिब्बत-नेपाल सीमा के पास लापता हैं। इसके अलावा भोपाल के 29 परिचित और अनुमानतः 300-400 अन्य भारतीय नागरिक भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे बताए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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