27 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 GW पार, 12 वर्षों में 275% की उछाल: प्रल्हाद जोशी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 GW पार, 12 वर्षों में 275% की उछाल: प्रल्हाद जोशी

सारांश

भारत की हरित ऊर्जा यात्रा एक ऐतिहासिक पड़ाव पर है — 12 वर्षों में गैर-जीवाश्म क्षमता 275% बढ़कर 300 GW पार कर गई। लेकिन 2030 का 500 GW लक्ष्य अभी भी दूर है और उसके लिए ₹30 लाख करोड़ का निवेश चाहिए। मुंबई रोडशो इसी पूंजी जुटाने की शुरुआत है।

मुख्य बातें

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300 गीगावाट पार कर 302-303 GW तक पहुँची।
पिछले 12 वर्षों में क्षमता 80.3 GW से 300.5 GW — यानी 275% की वृद्धि।
सौर ऊर्जा 2.8 GW से 165 GW ( 58 गुना ); पवन ऊर्जा 21 GW से 58 GW ( 176% )।
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में 17 GW से अधिक नवीकरणीय क्षमता जोड़ी गई।
2030 तक 500 GW लक्ष्य के लिए ₹30 लाख करोड़ से अधिक निवेश आवश्यक।
सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से 53.5 लाख परिवार लाभान्वित।

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 27 अगस्त 2026 को मुंबई में आयोजित एक उच्चस्तरीय निवेशक रोडशो में घोषणा की कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर 302-303 गीगावाट तक पहुँच गई है। मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में यह क्षमता 80.3 गीगावाट से बढ़कर 300.5 गीगावाट हो गई है — यानी 275 प्रतिशत की वृद्धि।

मुख्य आंकड़े: सौर और पवन ऊर्जा में छलांग

इसी अवधि में सौर ऊर्जा क्षमता 2.8 गीगावाट से बढ़कर 165 गीगावाट हो गई, जो लगभग 58 गुना की वृद्धि है। पवन ऊर्जा क्षमता 21 गीगावाट से बढ़कर 58 गीगावाट पहुँची, जो 176 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। जोशी ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में ही भारत ने 17 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी — जिसमें 14.33 गीगावाट सौर और 2 गीगावाट से अधिक पवन ऊर्जा शामिल है।

500 GW लक्ष्य के लिए ₹30 लाख करोड़ का निवेश जरूरी

2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने के लिए जोशी ने अगले पाँच वर्षों में ₹30 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इस पूंजी का एक बड़ा हिस्सा भारतीय वित्तीय संस्थानों, पूंजी बाज़ारों, बीमा निधियों, अवसंरचना निवेशकों और निजी पूंजी के माध्यम से जुटाना होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने मुंबई को भारत के स्वच्छ ऊर्जा निवेश पारिस्थितिकी तंत्र का एक केंद्रीय धुरी बताया।

53.5 लाख परिवारों को मिला सूर्य घर योजना का लाभ

जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 53.5 लाख लाभार्थी परिवारों को लाभ मिल चुका है। यह योजना घरेलू सौर ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है। गौरतलब है कि ऊर्जा क्षेत्र में यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब भारत जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के दबाव में है।

BRESE 2026: वैश्विक मंच पर भारत की हरित महत्वाकांक्षा

यह रोडशो आगामी भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो (BRESE) 2026 की तैयारी के तहत आयोजित किया गया था। जोशी के अनुसार, इस चार दिवसीय आयोजन में 75 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और ऊर्जा मंत्रियों सहित 25,000 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। वैश्विक संस्थागत निवेशक, प्रौद्योगिकी प्रदाता और नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य शृंखला से जुड़े विशेषज्ञ भी इसमें शामिल होंगे। जोशी ने सभी हितधारकों से BRESE 2026 में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कहा कि यह शिखर सम्मेलन साझेदारी, नए बाज़ारों की खोज और वैश्विक पूंजी से जुड़ने का अनूठा अवसर है। आने वाले महीनों में निवेश प्रतिबद्धताओं और नीतिगत घोषणाओं पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती अगले पड़ाव में है — 2030 तक 500 GW के लिए ₹30 लाख करोड़ जुटाना, और वह भी ऐसे समय में जब वैश्विक पूंजी बाज़ार अनिश्चितता के दौर से गुज़र रहे हैं। भारत की सौर क्षमता 58 गुना बढ़ी, लेकिन ग्रिड स्थिरता, भंडारण अवसंरचना और वितरण सुधार जैसी बाधाएं अभी भी पूरी तरह हल नहीं हुई हैं। BRESE 2026 वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने का मंच है, मगर प्रतिबद्धता और वास्तविक पूंजी प्रवाह के बीच की खाई को पाटना ही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता अभी कितनी है?
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के अनुसार, भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट पार कर 302-303 GW तक पहुँच गई है। पिछले 12 वर्षों में यह 80.3 GW से बढ़कर 300.5 GW हुई है, जो 275% की वृद्धि है।
भारत का 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य क्या है और इसके लिए कितना निवेश चाहिए?
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना है। इसके लिए अगले पाँच वर्षों में ₹30 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की आवश्यकता होगी, जो वित्तीय संस्थानों, पूंजी बाज़ारों और निजी पूंजी से जुटाया जाएगा।
सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से कितने परिवारों को लाभ मिला है?
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से अब तक लगभग 53.5 लाख लाभार्थी परिवारों को लाभ मिल चुका है। यह योजना घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है।
BRESE 2026 क्या है और इसमें कौन भाग लेगा?
BRESE 2026 यानी भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो एक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। इसमें 75 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों, ऊर्जा मंत्रियों, वैश्विक निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं सहित 25,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
वित्त वर्ष 2026-27 में भारत ने कितनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी?
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में भारत ने 17 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी। इसमें 14.33 GW सौर और 2 GW से अधिक पवन ऊर्जा क्षमता शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले