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क्या भारत ने स्वच्छ ऊर्जा में रिकॉर्ड प्रगति की है?

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क्या भारत ने स्वच्छ ऊर्जा में रिकॉर्ड प्रगति की है?

सारांश

भारत ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि गैर-जीवाश्म ईंधन की स्थापित क्षमता में 49.12 गीगावाट की वृद्धि हुई है। जानें, इस प्रगति के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता बढ़कर 266.78 गीगावाट हुई।
सौर ऊर्जा में 38.8% वृद्धि हुई।
पवन ऊर्जा में 13.2% वृद्धि दर्ज की गई।
जैव ऊर्जा की क्षमता 11.61 गीगावाट तक पहुंची।
2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य है।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शनिवार को जानकारी दी कि भारत ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वर्ष 2025 में अभूतपूर्व प्रगति की है। इस दौरान गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित ऊर्जा क्षमता में 49.12 गीगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता 266.78 गीगावाट तक पहुंच गई है। यह वृद्धि वर्ष 2024 की तुलना में 22.6 प्रतिशत अधिक है, क्योंकि उस वर्ष यह 217.62 गीगावाट थी।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सौर ऊर्जा ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसकी स्थापित क्षमता 2024 में 97.86 गीगावाट से बढ़कर 2025 में 135.81 गीगावाट हो गई। यह 38.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। पवन ऊर्जा की क्षमता में भी लगातार वृद्धि हुई, जो 48.16 गीगावाट से बढ़कर 54.51 गीगावाट हो गई, जो 13.2 प्रतिशत की वृद्धि है।

2025 में अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों ने भी समग्र वृद्धि में योगदान दिया। जैव ऊर्जा की स्थापित क्षमता 11.61 गीगावाट तक पहुंच गई, जिसमें अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने वाली ऑफ-ग्रिड परियोजनाओं से 0.55 गीगावाट ऊर्जा उत्पादन शामिल है। यह स्वच्छ ईंधन उत्पादन और अपशिष्ट प्रबंधन में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

लघु जल-विद्युत क्षमता 5.16 गीगावाट तक बढ़ गई। इससे विकेंद्रीकृत और क्षेत्र-विशिष्ट नवीकरणीय ऊर्जा विकास को बढ़ावा मिला। वृहद जलविद्युत क्षमता 50.91 गीगावाट रही, जिसमें 7,175.6 मेगावाट का पंप स्टोरेज शामिल है, जो ग्रिड स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण को मजबूती प्रदान करता है।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि 2025 में मिली इस रिकॉर्ड वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निर्णायक नीतियों, दीर्घकालिक दृष्टिकोण और निरंतर कार्यान्वयन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु के प्रति जिम्मेदारी और आत्मनिर्भर हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत के मार्ग को मजबूत करती है, साथ ही 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रगति सुनिश्चित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ हमारी लड़ाई में भी मददगार साबित होता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता कितनी है?
भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता अब 266.78 गीगावाट हो गई है।
सौर ऊर्जा में कितनी वृद्धि हुई है?
सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 2025 में 135.81 गीगावाट तक पहुंच गई, जो कि 38.8 प्रतिशत की वृद्धि है।
क्या पवन ऊर्जा में भी वृद्धि हुई है?
हाँ, पवन ऊर्जा की क्षमता 54.51 गीगावाट हो गई है, जो कि 13.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
भारत का 2030 तक का लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।
जैव ऊर्जा की स्थापित क्षमता कितनी है?
जैव ऊर्जा की स्थापित क्षमता 11.61 गीगावाट तक पहुंच गई है।
राष्ट्र प्रेस
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