चीन के औद्योगिक उद्यमों का लाभ जनवरी-जुलाई में 17.6% उछला, एकीकृत सर्किट उद्योग 18.5 गुना बढ़ा
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा 27 अगस्त 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच देश के बड़े पैमाने के औद्योगिक उद्यमों का परिचालन राजस्व 6.5 प्रतिशत और कुल लाभ 17.6 प्रतिशत बढ़ा। औद्योगिक उत्पादों की कीमतों में निरंतर वृद्धि को इस सुधार का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन
आँकड़ों के अनुसार, खनन क्षेत्र के लाभ में 34.9 प्रतिशत और विनिर्माण क्षेत्र के लाभ में 18.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालाँकि, बिजली, ताप, गैस और जल उत्पादन एवं आपूर्ति क्षेत्र के लाभ में 5.8 प्रतिशत की गिरावट रही — जो समग्र तस्वीर में एकमात्र नकारात्मक संकेत है। अकेले जुलाई में बड़े पैमाने के औद्योगिक उद्यमों का लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.2 प्रतिशत अधिक रहा।
एआई और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की तेज़ रफ़्तार
सबसे उल्लेखनीय वृद्धि इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में देखी गई। 'एआई+' के विस्तार और कंप्यूटिंग शक्ति की बढ़ती माँग के चलते एआई उत्पादन व अनुप्रयोग से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों का लाभ 1.1 गुना बढ़ा, जिसने सभी बड़े पैमाने के औद्योगिक उद्यमों के कुल लाभ में 9.3 प्रतिशत अंक का योगदान दिया।
इससे भी अधिक चौंकाने वाला प्रदर्शन एकीकृत सर्किट उद्योग का रहा — कंप्यूटिंग चिप्स और मेमोरी चिप्स समेत इस क्षेत्र का लाभ 18.5 गुना उछला। यह उद्योग इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के कुल लाभ में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है — जो वैश्विक सेमीकंडक्टर माँग में चीन की बढ़ती पकड़ को रेखांकित करता है।
उच्च तकनीकी और कच्चे माल क्षेत्र का योगदान
चीन के उच्च तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र के लाभ में 50.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वहीं, कच्चे माल के विनिर्माण क्षेत्र का लाभ 55.2 प्रतिशत बढ़ा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के बीच चीन अपने घरेलू उत्पादन आधार को मज़बूत करने में जुटा है।
लाभ मार्जिन 2023 के बाद सर्वोच्च
जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान बड़े पैमाने के औद्योगिक उद्यमों का लाभ मार्जिन 5.66 प्रतिशत रहा — जो वर्ष 2023 के बाद इसी अवधि के लिए सबसे ऊँचा स्तर है। गौरतलब है कि यह सुधार तब आया है जब वैश्विक माँग में अनिश्चितता बनी हुई है और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले महीनों में यह देखना होगा कि क्या यह गति टिकाऊ रहती है।