चीन के इलेक्ट्रिक व सूचना विनिर्माण उद्योग में 13.6% की वृद्धि, Q1 2026 में कारोबार ₹43 खरब पार
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 7 मई 2026 को जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में पैमाने के ऊपर के इलेक्ट्रिक व सूचना विनिर्माण उद्यमों — यानी जिनका सालाना कारोबार 2 करोड़ युआन या उससे अधिक है — के अतिरिक्त मूल्य में साल दर साल 13.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि समग्र उद्योग की तुलना में 7.5 प्रतिशत और हाईटेक विनिर्माण उद्योग की तुलना में 1.1 प्रतिशत अधिक रही, जो इस क्षेत्र की असाधारण रफ़्तार को दर्शाता है।
मार्च में भी मज़बूत प्रदर्शन
केवल मार्च 2026 के आंकड़ों पर नज़र डालें तो पैमाने के ऊपर वाले इलेक्ट्रिक और सूचना विनिर्माण उद्योग का अतिरिक्त मूल्य साल दर साल 12.5 प्रतिशत अधिक रहा। यह लगातार दूसरे महीने दोहरे अंक की वृद्धि है, जो यह संकेत देती है कि यह क्षेत्र वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर गति बनाए हुए है।
मुख्य उत्पादों का उत्पादन
उत्पाद स्तर पर, पहली तिमाही में स्मार्टफोन का उत्पादन 29 करोड़ 80 लाख इकाई रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 6.9 प्रतिशत अधिक है। इससे भी उल्लेखनीय रहा एकीकृत परिपथ (Integrated Circuit) का उत्पादन, जो 1,272 करोड़ इकाइयों तक पहुँचा और साल दर साल 24.3 प्रतिशत की छलांग लगाई। गौरतलब है कि वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बीच यह वृद्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कारोबार और मुनाफे में उछाल
पहली तिमाही में इस क्षेत्र की कुल कारोबार आय 43 खरब 10 अरब युआन रही, जो साल दर साल 14.8 प्रतिशत की वृद्धि है। मुनाफे की कुल रकम 2 खरब 17 अरब युआन रही, जो पिछले साल की समान अवधि से 1.25 गुने से अधिक बढ़ी — यानी लाभप्रदता में लगभग दोगुनी छलांग। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के बीच निर्यात दबाव की आशंकाएँ बनी हुई हैं।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
चीन के इलेक्ट्रिक व सूचना विनिर्माण क्षेत्र की यह तेज़ रफ़्तार वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में बीजिंग की स्थिति को और मज़बूत करती है। आलोचकों का कहना है कि सरकारी सब्सिडी और घरेलू माँग इस वृद्धि के प्रमुख चालक हैं, जबकि स्वतंत्र विश्लेषकों के अनुसार एकीकृत परिपथ उत्पादन में 24.3 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि चीन सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैश्विक व्यापार नीतियों का इस वृद्धि पर क्या प्रभाव पड़ता है।