नेपाल बाढ़: तेलंगाना के 22 लोग अभी भी लापता, CM रेवंत रेड्डी के निर्देश पर बचाव अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तेलंगाना के 22 लोग अभी तक लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 27 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इनमें 6 तेलंगाना निवासी और 17 तेलंगाना मूल के अनिवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं, जो नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में यात्रा के दौरान संपर्क से बाहर हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार की हेल्पलाइन शुरू होने के बाद से परिवारजनों और संबंधित लोगों की ओर से लगभग 80 से 100 कॉल प्राप्त हुए हैं। प्रारंभिक जांच और पुष्टि के बाद 23 लोगों से जुड़े 20 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए चिह्नित किया गया। इनमें से रंगा रेड्डी जिले के एक व्यक्ति — जो कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए थे — के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है और उन्होंने अपने परिवार से संपर्क कर लिया है। इस तरह अब 22 लोगों की खोज जारी है।
लापता लोगों की अंतिम ज्ञात लोकेशन
लापता लोगों में से अधिकांश नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में यात्रा कर रहे थे — इनमें मानसरोवर यात्रा पर जा रहे या वहाँ से लौट रहे श्रद्धालु भी शामिल हैं। उनकी अंतिम ज्ञात लोकेशन में रासुवा, रासुवागढ़ी और ग्यिरोंग के आसपास के इलाके बताए गए हैं — यह वही दुर्गम क्षेत्र है जहाँ बाढ़ और भूस्खलन ने संचार व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के निर्देश पर नई दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन और हैदराबाद स्थित तेलंगाना सचिवालय में हेल्पलाइन व समन्वय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। तेलंगाना भवन के रेजिडेंट कमिश्नर स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून की बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हैं और कई राज्यों के तीर्थयात्री इस क्षेत्र में फँसे हुए हैं। गौरतलब है कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग हर वर्ष हजारों भारतीय श्रद्धालुओं को इस दुर्गम सीमा क्षेत्र से गुजरने पर मजबूर करता है, जहाँ प्राकृतिक आपदाओं में संचार और बचाव दोनों अत्यंत कठिन हो जाते हैं।
क्या होगा आगे
आधिकारिक बयान के अनुसार, परिवारजनों, ट्रैवल ऑपरेटरों और सरकारी स्रोतों से मिली जानकारी की लगातार पुष्टि की जा रही है और हर कार्रवाई योग्य मामले को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जा रहा है। तेलंगाना सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रखती रहेगी और पुष्टि की गई जानकारी के आधार पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।