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नेपाल बाढ़ में लापता NRI दंपत्ति मिहिर-किन्नरी पटेल, 288 भारतीयों से संपर्क टूटा

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नेपाल बाढ़ में लापता NRI दंपत्ति मिहिर-किन्नरी पटेल, 288 भारतीयों से संपर्क टूटा

सारांश

रक्षाबंधन पर घर लौटने का वादा करके कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले न्यूजीलैंड-निवासी दंपत्ति मिहिर और किन्नरी पटेल नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में लापता हो गए हैं। 288 भारतीयों से संपर्क टूटा है, दूतावास 24 घंटे कंट्रोल रूम चला रहा है।

मुख्य बातें

न्यूजीलैंड-निवासी एनआरआई दंपत्ति मिहिर पटेल और किन्नरी पटेल नेपाल बाढ़ के बाद 26 अगस्त से लापता हैं।
दोनों कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे और काठमांडू होटल से चेकआउट के बाद से संपर्क टूटा।
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार नेपाल में 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा।
भारत ने नेपाल को 10 टन मानवीय सहायता सामग्री सौंपी; दूतावास में 3 इमरजेंसी हॉटलाइन सक्रिय।
तमिलनाडु के 21 फँसे यात्रियों को नेपाली सेना ने सुरक्षित बचाया।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले न्यूजीलैंड-निवासी एनआरआई दंपत्ति मिहिर पटेल और किन्नरी पटेल 27 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता हैं। दोनों काठमांडू होते हुए कैलाश की ओर निकले थे और 26 अगस्त की सुबह होटल से चेकआउट करने के बाद से उनका परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल में 288 भारतीयों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें कैलाश यात्री भी शामिल हैं।

परिवार की आपबीती

किन्नरी पटेल के भाई और वकील चिराग पटेल ने बताया कि दोनों पिछले दो वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं और सीधे वहीं से काठमांडू पहुँचे थे। उन्होंने मुंबई के एक एजेंट के ज़रिए यात्रा की बुकिंग करवाई थी। चिराग ने कहा, 'हमारी आखिरी बातचीत काठमांडू के होटल वाले से हुई। उन्होंने बताया कि वो तीन दिन वहाँ ठहरे थे और चेकआउट किया था। फिलहाल उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।'

चिराग ने भावुक होते हुए कहा कि बहन ने आखिरी बातचीत में कहा था, 'मैं रक्षाबंधन के लिए आ रही हूँ, लेकिन उससे पहले कैलाश जाऊँगी।' दंपत्ति 21 अगस्त को कैलाश के लिए रवाना हुए थे, 23 अगस्त को होटल में थे और 26 अगस्त की सुबह वहाँ से निकले थे।

दूतावास की कार्रवाई

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत से 10 टन मानवीय सहायता सामग्री नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़का राज पौडेल को सौंपी। दूतावास ने कहा कि भारत नेपाल के साथ मज़बूती से खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजदूत श्रीवास्तव ने बताया कि दूतावास ने तीन इमरजेंसी हॉटलाइन के साथ एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो 24 घंटे चालू है। उन्होंने कहा कि दूतावास द्वारा जुटाई गई जानकारी नेपाली सेना के साथ साझा की जा रही है, जो सर्च और रेस्क्यू अभियान चला रही है।

तमिलनाडु के 21 यात्री सुरक्षित बचाए गए

राजदूत के अनुसार, 27 अगस्त की दोपहर तक उस क्षेत्र में तमिलनाडु के 21 लोग फँसे हुए थे। नेपाली सेना ने उन सभी को सुरक्षित बचा लिया। यह राहत की खबर है, लेकिन मिहिर और किन्नरी पटेल सहित सैकड़ों अन्य भारतीयों का अभी भी पता नहीं चल पाया है।

क्या होगा आगे

परिवार को सरकार की ओर से आश्वासन मिला है कि जल्द से जल्द रेस्क्यू की कोशिश की जाएगी। चिराग पटेल ने कहा कि वे खुद वहाँ जाना चाहते हैं, लेकिन बाढ़ के हालात को देखते हुए यह संभव नहीं है। यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब सैकड़ों भारतीय तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर थे — एक ऐसा मार्ग जो पहले से ही भौगोलिक रूप से दुर्गम और मौसम की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बुनियादी ढाँचे में अत्यंत कमज़ोर। 288 भारतीयों से एक साथ संपर्क टूटना यह सवाल उठाता है कि क्या यात्रा के दौरान रियल-टाइम ट्रैकिंग और आपातकालीन संचार प्रणाली पर्याप्त है। भारत-नेपाल की 'विशेष साझेदारी' की परीक्षा अब केवल कूटनीतिक बयानों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर रेस्क्यू की गति से होगी।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिहिर और किन्नरी पटेल कौन हैं और वे कहाँ से थे?
मिहिर पटेल और किन्नरी पटेल न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय मूल के एनआरआई दंपत्ति हैं जो पिछले दो वर्षों से वहाँ रह रहे हैं। वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सीधे न्यूजीलैंड से काठमांडू पहुँचे थे।
नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय लापता हैं?
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार नेपाल में लगभग 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आए तीर्थयात्री भी शामिल हैं। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी साझा की है।
भारतीय दूतावास ने नेपाल बाढ़ पर क्या कदम उठाए हैं?
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने तीन इमरजेंसी हॉटलाइन के साथ 24 घंटे चालू कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके अलावा भारत ने 10 टन मानवीय सहायता सामग्री नेपाल सरकार को सौंपी है और दूतावास की जानकारी नेपाली सेना के साथ साझा की जा रही है।
क्या नेपाल में फँसे कोई भारतीय बचाए गए हैं?
हाँ, 27 अगस्त की दोपहर तक तमिलनाडु के 21 यात्री उस क्षेत्र में फँसे थे जिन्हें नेपाली सेना ने सुरक्षित बचा लिया। हालाँकि मिहिर-किन्नरी पटेल सहित अन्य लापता भारतीयों की खोज अभी जारी है।
किन्नरी पटेल ने परिवार को आखिरी बार क्या कहा था?
किन्नरी के भाई चिराग पटेल के अनुसार आखिरी बातचीत में किन्नरी ने कहा था कि वे रक्षाबंधन के लिए घर आएँगी, लेकिन उससे पहले कैलाश यात्रा पर जाएँगी। दंपत्ति 26 अगस्त की सुबह काठमांडू के होटल से चेकआउट करने के बाद से संपर्क से बाहर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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