अनुष्का रंजन ने IVF और जुड़वां बेटियों की गर्भावस्था यात्रा पर खुलकर बात की
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अनुष्का रंजन ने हाल ही में पति आदित्य सील के साथ जुड़वां बेटियों का स्वागत किया और अब उन्होंने अपनी IVF यात्रा तथा गर्भावस्था के गहरे व्यक्तिगत अनुभवों को सार्वजनिक रूप से साझा किया है। अभिनेत्री सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में शामिल होकर अनुष्का ने बताया कि यह सफर उनके लिए किस तरह एक अलग ही दुनिया का अनुभव रहा।
पॉडकास्ट में क्या हुआ
इस एपिसोड में अनुष्का के साथ डॉ. नंदिता पलेटा भी उपस्थित रहीं, जो प्रमुख स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिक्षिका और ब्लूम IVF ग्रुप की मेडिकल डायरेक्टर एवं संस्थापक हैं। तीनों ने मिलकर IVF, प्रजनन क्षमता और मातृत्व की भावनात्मक व शारीरिक वास्तविकताओं पर गहन चर्चा की।
सोहा के यह पूछने पर कि गर्भावस्था का पूरा समय उनके लिए कैसा रहा, अनुष्का ने बेबाकी से जवाब दिया।
अनुष्का की बात — 'हर यात्रा निजी होती है'
अनुष्का ने कहा, 'मुझे एहसास हुआ कि यह मेरी निजी यात्रा है। मेरी एक दोस्त करिश्मा तन्ना ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है। हमारी डिलीवरी में एक महीने का अंतर था। वह पहले लंदन में थीं, फिर थाईलैंड में, और अगले दिन दुबई में। फिर वह डिनर के लिए गईं, फिर लंच के लिए, और मैं डॉक्टरों को मैसेज करके पूछ रही थी, 'डॉक्टर साहब, क्या मैं यह कर सकती हूं? क्या मुझे इससे बचना चाहिए?'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'तो मुझे इस सफर के दौरान एहसास हुआ कि गर्भावस्था एक बहुत ही निजी यात्रा है और आप दो लोगों के अनुभवों की तुलना नहीं कर सकते। मैंने तो अलग-अलग लोगों की गर्भावस्थाओं से जुड़े कई वीडियो और जानकारी भी देखना शुरू कर दिया।'
तुलना क्यों गलत है — अनुष्का का नज़रिया
अनुष्का ने स्पष्ट किया, 'यह तुलना करना बहुत गलत है क्योंकि मेरी यात्रा अलग है, मेरी जीवनशैली मेरी दोस्त से अलग है, मेरे जीन अलग हैं — किसी तरह उसकी यात्रा आसान थी, किसी तरह मेरी यात्रा अधिक सतर्कता भरी थी।' यह टिप्पणी उन लाखों महिलाओं के अनुभव से मेल खाती है जो गर्भावस्था के दौरान दूसरों से अपनी तुलना करने का दबाव महसूस करती हैं।
IVF और मातृत्व पर व्यापक संवाद
डॉ. नंदिता पलेटा के विशेषज्ञ दृष्टिकोण ने इस एपिसोड को केवल एक सेलिब्रिटी बातचीत से ऊपर उठाया। IVF से जुड़ी भावनात्मक और शारीरिक जटिलताओं पर खुली चर्चा, विशेषकर सार्वजनिक मंच पर, भारत में प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है। गौरतलब है कि भारत में IVF को लेकर सामाजिक संकोच अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और इस तरह की खुली बातचीत उसमें अहम भूमिका निभाती है।
'ऑल अबाउट हर' पॉडकास्ट यूट्यूब पर उपलब्ध है, जहाँ यह एपिसोड देखा जा सकता है।