संभावना सेठ 10 साल के संघर्ष के बाद बनीं माँ, सरोगेसी से जुड़वां बच्चों का जन्म
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेत्री संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी ने 4 जून 2026 को सरोगेसी के ज़रिए जुड़वां बच्चों का स्वागत किया — यह खुशी उन्हें करीब 10 वर्षों के लंबे और कठिन संघर्ष के बाद मिली है। इस भावनात्मक पल को दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक संयुक्त पोस्ट के ज़रिए अपने प्रशंसकों से साझा किया।
माता-पिता बनने का ऐलान
संभावना और अविनाश ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें दोनों की आँखों में खुशी के आँसू साफ़ दिखाई दे रहे थे। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'इस साल दीपावली मेरे घर समय से पहले आ गई है। लक्ष्मी और गणेश दोनों घर आ गए। हम भगवान के आभारी हैं। हर हर महादेव।' यह पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
10 साल का दर्दनाक सफर
संभावना सेठ ने पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी माँ बनने की जद्दोजहद के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने लगभग 10 वर्षों तक माँ बनने की कोशिश की और इस दौरान सात बार आईवीएफ का सहारा लिया। हर बार निराशा हाथ लगी — कई बार गर्भपात का दर्द झेलना पड़ा और उपचार की वजह से शारीरिक व मानसिक कठिनाइयों से भी गुज़रना पड़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में बांझपन से जूझ रहे दंपतियों के बीच सरोगेसी को लेकर जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ रही है। संभावना का यह खुलकर बात करना उन हज़ारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है जो इसी राह पर हैं।
सेलेब्रिटी जगत की बधाइयाँ
इस खुशखबरी पर मनोरंजन जगत से बधाइयों का तांता लग गया। अभिनेत्री गौहर खान ने कमेंट में लिखा, 'भगवान आप दोनों और बच्चों पर हमेशा कृपा बनाए रखें। बहुत खुश हूँ और अल्लाह उन्हें सुरक्षित और खुश रखे। आमीन।' उर्फी जावेद ने भी दिल से बधाई दी, जबकि अभिनेत्री देबिना बनर्जी ने लिखा, 'यह सुनकर बहुत खुशी हुई। बेस्ट है। गणपति बप्पा मोरया।' किश्वर मर्चेंट और रोहित पुरोहित ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएँ दीं।
सरोगेसी का फैसला
लंबे संघर्ष और बार-बार की असफलताओं के बाद संभावना और अविनाश ने सरोगेसी का रास्ता चुना। इसी प्रक्रिया के ज़रिए आज दोनों जुड़वां बच्चों के माता-पिता बन सके हैं। गौरतलब है कि भारत में सरोगेसी (नियमन) अधिनियम 2021 के तहत परोपकारी सरोगेसी की अनुमति है, जो इस विकल्प को कानूनी ढाँचे में रखती है।
संभावना सेठ का यह सफर बताता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही चिकित्सकीय विकल्प के साथ उम्मीद की राह बंद नहीं होती। आने वाले दिनों में यह परिवार किस तरह अपनी नई ज़िंदगी शुरू करता है, यह उनके प्रशंसकों के लिए उत्सुकता का विषय बना रहेगा।