गणेशोत्सव 2026: CM फडणवीस का FDA को सख्त आदेश — प्रसाद में मिलावट बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 अगस्त 2026 को मुंबई में गणेशोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्च-स्तरीय कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्यभर के सार्वजनिक गणेश मंडलों में भक्तों को परोसा जाने वाला प्रसाद पूरी तरह शुद्ध और मिलावट-मुक्त होना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गणेशोत्सव महाराष्ट्र का राज्य उत्सव है और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा परिकल्पित इस पर्व की अनुशासन, पवित्रता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखना मंडलों, स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
FDA अनुपालन और प्रसाद गुणवत्ता
मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि सभी गणेश मंडलों को FDA द्वारा निर्धारित स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता के न्यूनतम मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके लिए मंडलों को आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित अनुमतियों को शीघ्र निपटाया जाए और पारंपरिक व पुराने मंडलों को नियमित मंजूरी के लिए एक तीव्र प्रक्रिया का लाभ दिया जाए।
यातायात, सड़क और सुरक्षा व्यवस्था
फडणवीस ने सभी नगर निगमों को आदेश दिया कि जुलूस और विसर्जन मार्गों को गड्ढा-मुक्त रखा जाए और रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस को पटाखों और लाउडस्पीकर की डेसिबल सीमा के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बीएमसी अधिनियम की धारा 143 के अंतर्गत पात्र पंजीकृत ट्रस्ट उचित दस्तावेज़ों के साथ संपत्ति कर में छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों से होने वाले जल प्रदूषण को रोकने के लिए पर्यावरण-अनुकूल तरीके अपनाए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री शिंदे की अपील और सिंगल-विंडो व्यवस्था
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मूर्तियों के आगमन और विसर्जन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए पुलिस, नगर निगमों और मंडलों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मुंबई में 1,850 किलोमीटर से अधिक सड़कों को कंक्रीट में बदला जा चुका है और बची हुई कमियों को स्थानीय प्रशासन तत्काल दूर करे। शिंदे ने कहा कि मंडलों को पाँच वर्षीय 'सिंगल-विंडो' अनुमति देने की प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आयोजकों और स्वयंसेवकों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। बड़ी मूर्तियों के परिवहन के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए स्ट्रक्चरल जॉइंट्स, वेल्डिंग और बोल्ट की जाँच करना तथा भारी ढाँचों और भीड़ के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना अनिवार्य किया गया है।
MSEDCL की बिजली सुरक्षा गाइडलाइन
महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने सभी गणेश मंडलों से अपील की है कि त्योहार के दौरान केवल आधिकारिक अस्थायी बिजली कनेक्शन का उपयोग किया जाए और किसी भी अनधिकृत कनेक्शन से सख्ती से परहेज किया जाए। मूर्तियों की ऊँचाई और जुलूस की झाँकियों का डिज़ाइन तय करते समय मंडलों को सड़कों और तंग गलियों में ऊपर से गुजरने वाली ओवरहेड बिजली लाइनों की ऊँचाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। पंडालों में वायरिंग और सजावटी लाइटिंग का काम केवल प्रमाणित ठेकेदारों से ही कराने की अनिवार्यता रखी गई है। MSEDCL ने अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के ज़रिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की है।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और लाखों भक्तों की भागीदारी अपेक्षित है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में प्रसाद में मिलावट और विसर्जन के दौरान दुर्घटनाओं की घटनाएँ सामने आई थीं, जिसके मद्देनज़र इस बार प्रशासन की ओर से पूर्व-तैयारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएँ।