28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़ त्रासदी: NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने माँगा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, भारत से पड़ोसी की मदद की अपील

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़ त्रासदी: NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने माँगा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, भारत से पड़ोसी की मदद की अपील

सारांश

नेपाल की भीषण बाढ़ पर NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने भारत सरकार से बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन की माँग की और विपक्ष से एकजुटता की अपील की। साथ ही उन्होंने दलबदल और स्पीकर की निष्क्रियता पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 28 अगस्त को नेपाल बाढ़ त्रासदी पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने भारत सरकार से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और नेपाल को हर संभव सहायता देने की माँग की।
सिद्दीकी ने ममता बनर्जी के नाम पर जीतकर NDA में शामिल होने वाले सांसदों को 'दलबदलू' बताया और CBI के दबाव का आरोप लगाया।
स्पीकर पर पक्षपात का आरोप — कहा कि सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के करीब आने पर ही नोटिस जारी किया गया।
सर्वोच्च न्यायालय पर विवादास्पद टिप्पणी — बाबरी मस्जिद फैसले का हवाला देते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 28 अगस्त को गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भारत सरकार से बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाने की माँग की। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का निकटतम पड़ोसी है और इस आपदा की घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान करना भारत की नैतिक जिम्मेदारी है।

नेपाल आपदा पर मानवीय अपील

सिद्दीकी ने कहा, 'यह अत्यंत दुखद घटना है। नेपाल के लोगों के साथ भारत के सभी नागरिकों की पूरी हमदर्दी है।' उन्होंने सरकार से अपील की कि लापता लोगों की तलाश के लिए तत्काल और व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाए। उनका कहना था कि विश्व के सभी देशों को, विशेष रूप से भारत को, नेपाल की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मानवीय संकट में विपक्ष को भी सरकार के साथ एकजुट होकर खड़ा रहना चाहिए।

दलबदल और स्पीकर की भूमिका पर निशाना

नेपाल आपदा पर टिप्पणी के साथ-साथ सिद्दीकी ने राजनीतिक दलबदल के मुद्दे पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के नाम पर चुनाव जीतकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने वाले सांसदों की आलोचना करते हुए उन्हें 'दलबदलू' करार दिया। उनके अनुसार, इन सांसदों ने कथित तौर पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के दबाव और आर्थिक प्रलोभन के चलते अपना राजनीतिक रुख बदला।

सिद्दीकी ने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के करीब पहुँचा, तभी संबंधित सांसदों को नोटिस जारी किया गया — जो उनके अनुसार कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP के विभाजन का भी उल्लेख किया और कहा कि दलबदलुओं को बाहरी समर्थन मिल रहा है।

सर्वोच्च न्यायालय पर विवादास्पद टिप्पणी

सिद्दीकी ने सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में न्यायालय के कुछ निर्णयों को लेकर जनमानस में संशय उत्पन्न हुआ है। उन्होंने बाबरी मस्जिद मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय ने स्वयं माना कि भूमि मस्जिद की थी, फिर भी उसे मंदिर के लिए आवंटित किया गया। गौरतलब है कि यह टिप्पणी विवादास्पद है और न्यायालय के फैसले की उनकी व्यक्तिगत व्याख्या है।

उन्होंने स्पष्ट किया, 'सुप्रीम कोर्ट पक्षपात कर रहा है, यह मैं नहीं कह रहा — यह पूरा मीडिया और पूरी दुनिया कह रही है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायपालिका और सरकार के बीच किसी प्रकार का 'गठजोड़' है, जिससे आम नागरिकों में न्याय मिलने की उम्मीद कम हो रही है।

विशेषज्ञ और राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही की खबरें आ रही हैं और कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। भारत-नेपाल संबंधों के संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आपदाओं में द्विपक्षीय सहयोग न केवल मानवीय दृष्टि से, बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। NCP-SP की यह माँग ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार की विदेश नीति और आपदा प्रबंधन पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

आगे क्या

नेपाल में राहत और बचाव कार्यों की स्थिति पर नज़र बनाए रखना जरूरी होगा। सिद्दीकी की इस अपील के बाद यह देखना होगा कि केंद्र सरकार नेपाल को किस स्तर की सहायता प्रदान करती है और क्या विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संदेश को कमज़ोर करता है। नेपाल को मदद की माँग जायज़ और समयोचित है, लेकिन उसे दलबदल और न्यायपालिका पर विवादास्पद टिप्पणियों के साथ मिलाने से मुख्य मानवीय अपील की धार कम हो जाती है। सर्वोच्च न्यायालय पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इनके लिए ठोस साक्ष्य की दरकार है — महज़ जनभावना का हवाला पर्याप्त नहीं। विपक्ष की एकजुटता की अपील सराहनीय है, लेकिन यह तभी विश्वसनीय होगी जब स्वयं विपक्ष अपने बयानों में अनुशासन दिखाए।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नसीम सिद्दीकी ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
NCP-SP प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने नेपाल की भीषण बाढ़ त्रासदी को 'अत्यंत दुखद' बताते हुए भारत सरकार से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की माँग की। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का पड़ोसी देश है, इसलिए हर संभव सहायता प्रदान करना भारत की जिम्मेदारी है।
NCP-SP ने दलबदलू सांसदों पर क्या आरोप लगाए?
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नाम पर वोट लेकर जीते कुछ सांसदों ने कथित तौर पर CBI के दबाव और आर्थिक प्रलोभन के चलते NDA का दामन थाम लिया। उन्होंने इसे 'कानून की धज्जियाँ उड़ाना' बताया।
स्पीकर पर क्या आरोप लगाए गए?
सिद्दीकी ने कहा कि स्पीकर ने दलबदलू सांसदों को नोटिस तब जारी किया जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के करीब था — जो उनके अनुसार पक्षपातपूर्ण और विलंबित कार्रवाई है। उन्होंने इसे NDA का अप्रत्यक्ष समर्थन करार दिया।
NCP-SP ने सर्वोच्च न्यायालय पर क्या कहा?
सिद्दीकी ने बाबरी मस्जिद फैसले का हवाला देते हुए कहा कि न्यायालय के कुछ निर्णयों से जनमानस में न्याय को लेकर संशय उत्पन्न हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका और सरकार के बीच 'गठजोड़' की आशंका लोगों के मन में है — हालाँकि उन्होंने सीधे पक्षपात का आरोप लगाने से परहेज़ किया।
विपक्ष से नेपाल संकट पर क्या अपील की गई?
सिद्दीकी ने कहा कि नेपाल जैसे मानवीय संकट में विपक्ष को राजनीतिक मतभेद भुलाकर सरकार के साथ एकजुट होकर खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 7 घंटे पहले
  4. 8 घंटे पहले
  5. 8 घंटे पहले
  6. 16 घंटे पहले
  7. 17 घंटे पहले
  8. कल