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नेपाल बाढ़ में 359 मौतें, भारत ने भेजी राहत; राम माधव बोले — 'हर मुश्किल में साथ'

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नेपाल बाढ़ में 359 मौतें, भारत ने भेजी राहत; राम माधव बोले — 'हर मुश्किल में साथ'

सारांश

नेपाल में बाढ़ से 359 मौतें, भारत ने बिना देर किए राहत विमान भेजे और 21 भारतीय नागरिकों को बचाया। BJP नेता राम माधव ने कहा — यह रिश्ता सरकारों का नहीं, जन-से-जन का है। ऊपर से एक और खतरा: चीनी अधिकारियों ने बैरियर झील टूटने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

नेपाल पुलिस के अनुसार बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत, शव अलग-अलग जिलों से बरामद।
भारत ने बुधवार और गुरुवार को दो राहत विमान नेपाल भेजे; BJP नेता राम माधव काठमांडू में मौजूद।
21 भारतीय नागरिक — सभी तमिलनाडु के, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे — सुरक्षित बचाए गए।
चीनी अधिकारियों ने छोचेन खोला व पुरेपु त्सांगपो के पास बनी बैरियर झील के टूटने की चेतावनी दी; जलस्तर 20 लाख क्यूबिक मीटर , अगले तीन दिनों में 30 लाख क्यूबिक मीटर और बढ़ने की आशंका।
राम माधव ने 2015 के नेपाल भूकंप का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हर मुश्किल में पड़ोसी के साथ खड़ा रहेगा।

नेपाल में 27 अगस्त 2026 को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने पूरे देश में भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस के अनुसार अब तक 359 शव अलग-अलग जिलों से बरामद किए जा चुके हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत ने तत्काल राहत सामग्री नेपाल रवाना की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने स्पष्ट किया कि भारत हर संकट में अपने पड़ोसी के साथ खड़ा रहेगा।

मुख्य घटनाक्रम

नेपाल पुलिस के आँकड़ों के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या 359 तक पहुँच गई है और बचाव अभियान अभी भी जारी है। गुरुवार को एक राहत भरी खबर यह आई कि 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया। विदेश मंत्रालय ने इन सभी के नाम जारी करते हुए बताया कि ये सभी तमिलनाडु के निवासी थे और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे।

भारत की त्वरित राहत कार्रवाई

राम माधव ने काठमांडू में एक कार्यक्रम में बताया कि बुधवार को उनकी फ्लाइट के तुरंत बाद एक अन्य विमान भारत से राहत और बचाव सामग्री लेकर नेपाल पहुँचा, और गुरुवार को दूसरा विमान भी राहत सामग्री लेकर पहुँचा। उन्होंने कहा, 'भारत के 140 करोड़ लोग इस संकट की घड़ी में नेपाल के साथ खड़े हैं।'

माधव ने 2015 के नेपाल भूकंप का स्मरण कराते हुए कहा, 'दुख की बात है कि नेपाल ऐसी त्रासदियों का दंश झेलता रहा है। 2015 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। आप याद रखिएगा कि हर मुश्किल समय में भारत आपके साथ खड़ा रहेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-नेपाल संबंधों में कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग अटूट रहा है।

भारत-नेपाल संबंध पर माधव का दृष्टिकोण

राम माधव ने भारत-नेपाल रिश्ते को परिभाषित करते हुए कहा कि यह संबंध 'सरकारों के बीच का नहीं, बल्कि पीपुल टू पीपुल का है।' उन्होंने इस जन-से-जन के जुड़ाव को दोनों देशों की साझा संस्कृति, भाषा और इतिहास की बुनियाद पर टिका बताया। गौरतलब है कि दोनों देशों की खुली सीमा और सांस्कृतिक सामीप्य आपदाओं के समय इस सहयोग को और भी स्वाभाविक बनाती है।

नई झील टूटने का खतरा

इस बीच एक और गंभीर चेतावनी सामने आई है। चीनी अधिकारियों के अनुसार नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी बैरियर झील बन गई है जो पहले से ही ओवरफ्लो हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार सुबह तक झील का जलस्तर लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर था। अगले तीन दिनों में इसमें 30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी आने की आशंका है, जिससे झील के टूटने का खतरा और बढ़ गया है।

चीनी अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और बाढ़ सिमुलेशन तकनीक के ज़रिये संभावित नतीजों का आकलन कर आपातकालीन बचाव कार्यों की तैयारी में जुटे हैं।

आगे क्या

बचाव दल अभी भी कई जिलों में सक्रिय हैं और मृतकों की संख्या में और वृद्धि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि बैरियर झील टूटती है, तो निचले इलाकों में रहने वाली आबादी पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। भारत की ओर से राहत अभियान जारी है और आने वाले दिनों में और सहायता भेजे जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की असली परीक्षा भी है। राम माधव का 'पीपुल टू पीपुल' वाला बयान भावनात्मक रूप से सही है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत की आपदा राहत क्षमता — लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षित दल, तकनीकी सहयोग — उस वादे के बराबर है। 2015 के भूकंप के बाद भी भारत ने तेज़ी से कदम उठाए थे, फिर भी समन्वय की कमियाँ सामने आई थीं। चीन की बैरियर झील चेतावनी एक नई परत जोड़ती है — यह देखना होगा कि भारत और नेपाल इस सूचना का उपयोग सक्रिय बचाव के लिए करते हैं या केवल प्रतीक्षा करते हैं।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
नेपाल पुलिस के अनुसार 27 अगस्त 2026 तक बाढ़ में 359 लोगों की मौत हो चुकी है और शव अलग-अलग जिलों से बरामद किए गए हैं। बचाव अभियान जारी है और संख्या और बढ़ सकती है।
भारत ने नेपाल बाढ़ में क्या सहायता भेजी?
भारत ने बुधवार और गुरुवार को दो राहत विमान नेपाल भेजे जिनमें राहत और बचाव सामग्री थी। इसके अलावा 21 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित बचाया गया।
नेपाल में बचाए गए 21 भारतीय कौन हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार बचाए गए सभी 21 भारतीय तमिलनाडु के निवासी हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे। उन सभी के नाम मंत्रालय ने जारी किए हैं।
नेपाल में बैरियर झील टूटने का खतरा क्यों है?
चीनी अधिकारियों के अनुसार छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बड़ी बैरियर झील बन गई है जो पहले से ओवरफ्लो हो रही है। गुरुवार सुबह तक झील का जलस्तर 20 लाख क्यूबिक मीटर था और अगले तीन दिनों में 30 लाख क्यूबिक मीटर और पानी आने की आशंका है।
राम माधव ने नेपाल पर क्या कहा?
BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने काठमांडू में कहा कि भारत के 140 करोड़ लोग इस संकट में नेपाल के साथ हैं और हर मुश्किल में भारत पड़ोसी के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भारत-नेपाल संबंध को सरकारों का नहीं, बल्कि जन-से-जन का रिश्ता बताया।
राष्ट्र प्रेस
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