27 अगस्त 2026
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खेलो इंडिया डायलॉग: PM मोदी के वर्चुअल संवाद से शहडोल के युवा खिलाड़ियों में नई स्फूर्ति

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खेलो इंडिया डायलॉग: PM मोदी के वर्चुअल संवाद से शहडोल के युवा खिलाड़ियों में नई स्फूर्ति

सारांश

राष्ट्रीय खेल दिवस पर PM मोदी ने 'खेलो इंडिया डायलॉग' के ज़रिए देशभर के युवा एथलीट्स से वर्चुअल संवाद किया। शहडोल के पंडित शम्भूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में इसका सीधा प्रसारण हुआ, जिसने स्थानीय युवा खिलाड़ियों में नया जोश भर दिया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त को ' खेलो इंडिया डायलॉग ' के तहत देशभर के युवा एथलीट्स से वर्चुअल संवाद किया।
शहडोल के ' पंडित शम्भूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय ' में संवाद का सीधा प्रसारण हुआ, जिसमें छात्र, प्राध्यापक और कर्मचारी शामिल रहे।
राम शंकर ने पहल को सराहा और खेल को शारीरिक व मानसिक विकास के लिए ज़रूरी बताया।
फुटबॉल कोच लक्ष्मी साईं और खिलाड़ी सानिया कुंडे ने संवाद को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
PM मोदी ने सभी को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि खिलाड़ियों के नाम से उनके राज्य व शहर की पहचान बनती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को 'खेलो इंडिया डायलॉग' के अंतर्गत देशभर के युवा एथलीट्स के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी के नाम से उसके राज्य और शहर की पहचान बनती है। साथ ही प्रधानमंत्री ने सभी को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

शहडोल में सीधा प्रसारण

मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित 'पंडित शम्भूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय' के परिसर में इस संवाद का सीधा प्रसारण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के अलावा कुलपति डॉ. राम शंकर, प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। युवा खिलाड़ियों और विद्यार्थियों में इस संवाद को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।

कुलपति की प्रतिक्रिया

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राम शंकर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में लंबे समय से यह धारणा रही है कि केवल पढ़ाई ही सफलता का माध्यम है, जबकि खेल भी व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, 'यह युवा संवाद कार्यक्रम प्रधानमंत्री की बहुत ही शानदार पहल है। हमें यह समझना होगा कि हमारे देश में एक पुरानी कहावत थी: 'पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब।' असल में, यह लोगों के बीच फैली एक गलतफहमी थी।'

डॉ. राम शंकर ने आगे कहा कि विदेशों में बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार, खेलने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी शांत और तनावमुक्त रहता है।

कोच और खिलाड़ियों की आवाज़

फुटबॉल कोच लक्ष्मी साईं ने कहा कि खिलाड़ियों को हमेशा किसी ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है जो उनकी बात सुने, उनका मार्गदर्शन करे और उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग दे। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस संवाद को खिलाड़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

फुटबॉल खिलाड़ी सानिया कुंडे ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'मेरी उम्र के बच्चों को खेलों पर ध्यान देना चाहिए। यहाँ खेलों से जुड़े सभी लोगों को पूरी ईमानदारी से कोशिश करनी चाहिए, ताकि वे और आगे बढ़ सकें और ऊँचे स्तर पर खेल सकें।' उन्होंने प्रधानमंत्री को उनकी इस पहल के लिए धन्यवाद दिया।

आम जनता और युवाओं पर असर

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। गौरतलब है कि 'खेलो इंडिया' अभियान के अंतर्गत देशभर के युवा प्रतिभाओं को मंच देने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम छोटे शहरों और कस्बों के युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास जगाने में सहायक होते हैं।

आगे की राह

'खेलो इंडिया डायलॉग' जैसे आयोजन भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है, जो देश के कोने-कोने में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय नेतृत्व से सीधे जोड़ने का माध्यम बनेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये वर्चुअल संवाद ज़मीनी बदलाव में तब्दील होते हैं। शहडोल जैसे आकांक्षी ज़िलों में खेल अवसंरचना और कोचिंग की कमी एक पुरानी समस्या है, जिसे प्रेरक भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस बजट आवंटन और स्थानीय अकादमियों से ही दूर किया जा सकता है। 'खेलो इंडिया' अभियान के वर्षों बाद भी मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में प्रतिभाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने की राह कठिन बनी हुई है। जब तक संवाद नीतिगत प्रतिबद्धता में नहीं बदलता, उत्साह की यह लहर क्षणिक ही रहेगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया डायलॉग क्या है?
खेलो इंडिया डायलॉग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पहल है जिसके तहत वे देशभर के युवा एथलीट्स से वर्चुअल माध्यम से सीधे संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करना और उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व से जोड़ना है।
27 अगस्त को शहडोल में यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?
शहडोल स्थित पंडित शम्भूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के परिसर में PM मोदी के संवाद का सीधा प्रसारण किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ कुलपति डॉ. राम शंकर, प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
PM मोदी ने युवा खिलाड़ियों को क्या संदेश दिया?
PM मोदी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी के नाम से उसके राज्य और शहर की पहचान बनती है। उन्होंने सभी को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ भी दीं।
कुलपति डॉ. राम शंकर ने इस संवाद पर क्या कहा?
कुलपति डॉ. राम शंकर ने इसे एक महत्वपूर्ण और शानदार पहल बताया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम है, और समाज में खेल को लेकर फैली पुरानी गलतफहमियों को दूर करना ज़रूरी है।
खेलो इंडिया डायलॉग से युवा खिलाड़ियों को क्या लाभ होगा?
इस तरह के संवाद कार्यक्रम छोटे शहरों के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय नेतृत्व से सीधे जुड़ने का अवसर देते हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण बढ़ता है। फुटबॉल खिलाड़ी सानिया कुंडे जैसे युवाओं ने इसे अपने खेल करियर के लिए प्रेरणादायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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