27 अगस्त 2026
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जामनगर में 'खेलो इंडिया संवाद': PM मोदी ने वर्चुअल संवाद में युवा खिलाड़ियों को 2030 और 2036 के लिए किया प्रेरित

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जामनगर में 'खेलो इंडिया संवाद': PM मोदी ने वर्चुअल संवाद में युवा खिलाड़ियों को 2030 और 2036 के लिए किया प्रेरित

सारांश

'खेलो इंडिया संवाद' महज एक कार्यक्रम नहीं — यह भारत की खेल महत्वाकांक्षा का सार्वजनिक ऐलान था। जामनगर से पैरा एथलीट तक, PM मोदी ने 2030 और 2036 के लक्ष्य को जमीनी स्तर से जोड़ा। कराटे में रजत जीतने वाली यशस्वी सिंह जैसी युवा खिलाड़ी इस बदलाव की जीती-जागती मिसाल बनीं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को जामनगर के डीकेवी आर्ट्स कॉलेज में 'खेलो इंडिया संवाद' के तहत युवा खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया।
कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और संभावित 2036 ओलंपिक की तैयारी से जोड़ना है।
जामनगर की कराटे एथलीट यशस्वी सिंह ने बांग्लादेश में साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक जीता, महज 1-2 अंकों के अंतर से स्वर्ण चूकीं।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया गांधीनगर पालज आईआईटी में उपस्थित रहे और खेल संरचना विकास अभियान की जानकारी दी।
पैरा ब्लाइंड खिलाड़ी ठाकुर खोडाजी , जिन्होंने चीन एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया, ने PM मोदी के संदेश को सराहा।
29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले यह आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को जामनगर के डीकेवी आर्ट्स कॉलेज में आयोजित 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम के दौरान युवा खिलाड़ियों के साथ वर्चुअल संवाद किया। भारत सरकार के खेल मंत्रालय और 'माई भारत' के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना और उन्हें 2030 राष्ट्रमंडल खेलों तथा संभावित 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी से जोड़ना है।

कार्यक्रम का उद्देश्य और विजन

इस संवाद का केंद्रीय संदेश 'विकसित भारत' के संकल्प को खेल-शक्ति से जोड़ना था। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और कथित तौर पर 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी भारत में हो, जिसके लिए अभी से जमीनी स्तर पर खेल संरचना और प्रतिभा विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में विशेष रूप से बालिकाओं और युवा खिलाड़ियों को खेलों में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

गौरतलब है कि केडीएफ, केऐईओ और डीएसओ जैसे सरकारी खेल संगठनों द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जाने से युवाओं, खासकर लड़कियों में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ रहा है।

जामनगर की कराटे स्टार यशस्वी सिंह की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में जामनगर की कराटे एथलीट यशस्वी सिंह भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में आयोजित साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। उन्होंने नेपाल की प्रतिद्वंद्वी को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जहाँ श्रीलंका के खिलाड़ी के खिलाफ महज 1-2 अंकों के अंतर से पीछे रहने के कारण उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। यशस्वी ने कहा, 'मैंने हाल ही में बांग्लादेश में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है। भारत सरकार ने एथलीट्स को काफी प्रेरित किया है, जिसकी मैं शुक्रगुजार हूं।'

नेताओं और स्वयंसेवकों की प्रतिक्रिया

जामनगर दक्षिण से विधायक दिव्येश अकबरी ने कहा, 'यह कार्यक्रम युवाओं को खेल के लिए प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने आज पूरे देश के खिलाड़ियों से संवाद किया है।' उन्होंने 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ दीं।

'माई भारत' स्वयंसेवक हर्ष मेहता ने कहा, 'पीएम मोदी ने देश के युवाओं को प्रेरित किया है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और संभवतः 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर पीएम मोदी ने हमसे बात की।'

पैरा ब्लाइंड खिलाड़ी ठाकुर खोडाजी, जिन्होंने चीन में आयोजित एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, ने कहा, 'आज के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को प्रेरित किया है। उन्होंने युवाओं को व्यसन से दूर रहने के लिए कहा है। जिन गेम्स में भारत मेडल नहीं जीतता, उसमें हमें आगे बढ़ना होगा।'

खेल मंत्री मांडविया की भागीदारी

इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया गांधीनगर के पालज आईआईटी में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देशभर में खेल संरचना विकसित करने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुजरात समेत पूरे भारत में युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित है।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त) निकट है और भारत बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जमीनी खेल संरचना — मैदान, कोच, उपकरण — छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक कितनी पहुँच रही है। यशस्वी सिंह जैसी प्रतिभाएँ प्रेरणादायक हैं, परंतु वे अपवाद हैं, नियम नहीं। 2036 ओलंपिक की मेजबानी की संभावना एक बड़ा दांव है — और इसकी सफलता वर्चुअल संवादों से नहीं, बल्कि जिला स्तर पर निवेश और पारदर्शी चयन प्रक्रिया से तय होगी।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम क्या है?
यह भारत सरकार के खेल मंत्रालय और 'माई भारत' द्वारा देशभर में आयोजित एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसमें PM मोदी वर्चुअल माध्यम से युवा खिलाड़ियों से संवाद करते हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और 2030 राष्ट्रमंडल तथा 2036 ओलंपिक की तैयारी से जोड़ना है।
जामनगर में 'खेलो इंडिया संवाद' कब और कहाँ हुआ?
यह कार्यक्रम 27 अगस्त 2026 को जामनगर के डीकेवी आर्ट्स कॉलेज में आयोजित हुआ। PM मोदी ने वर्चुअल माध्यम से खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद किया।
यशस्वी सिंह कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
यशस्वी सिंह जामनगर की कराटे एथलीट हैं, जिन्होंने बांग्लादेश में आयोजित साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। फाइनल में वे श्रीलंका के खिलाड़ी से महज 1-2 अंकों के अंतर से पीछे रहीं।
भारत 2030 राष्ट्रमंडल और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए कैसे तैयार हो रहा है?
सरकार देशभर में खेल संरचना विकसित करने का अभियान चला रही है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, गुजरात समेत पूरे देश में युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित है। 2036 ओलंपिक की मेजबानी अभी कथित तौर पर संभावित बताई जा रही है।
इस कार्यक्रम में बालिकाओं पर विशेष ध्यान क्यों दिया गया?
सरकारी खेल संगठनों जैसे केडीएफ, केऐईओ और डीएसओ द्वारा लड़कियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार दिए जा रहे हैं, जिससे उनमें खेलों के प्रति उत्साह बढ़ रहा है। 'खेलो इंडिया संवाद' में बालिकाओं की खेल भागीदारी को 'विकसित भारत' के विजन का अहम हिस्सा बताया गया।
राष्ट्र प्रेस
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