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खेलो इंडिया संवाद: PM मोदी ने 5,000 कॉलेजों के युवाओं से किया वर्चुअल संवाद, ₹36,000 करोड़ का खेल इकोसिस्टम

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खेलो इंडिया संवाद: PM मोदी ने 5,000 कॉलेजों के युवाओं से किया वर्चुअल संवाद, ₹36,000 करोड़ का खेल इकोसिस्टम

सारांश

राष्ट्रीय खेल दिवस पर PM मोदी ने 'खेलो इंडिया संवाद' के ज़रिए 5,000 से अधिक कॉलेजों के युवाओं से सीधा संवाद किया। ₹36,000 करोड़ के खेल बुनियादी ढाँचे की घोषणा के साथ यह पहल ग्रामीण और तटीय युवाओं तक खेल संस्कृति पहुँचाने का बड़ा प्रयास है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस पर 'खेलो इंडिया संवाद' के तहत देशभर के युवाओं से वर्चुअल संवाद किया।
कार्यक्रम में 5,000 से अधिक कॉलेज और 1,500 से अधिक प्रतिभागी जुड़े, जिनमें द्रोणाचार्य व अर्जुन पुरस्कार विजेता कोच शामिल रहे।
गांधीनगर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में 300 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया।
केंद्र सरकार ने खेल सुविधाओं और अकादमियों के लिए ₹36,000 करोड़ मंजूर किए हैं।
ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों के युवाओं को खेलों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 'खेलो इंडिया संवाद' के माध्यम से देशभर के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों से वर्चुअल संवाद किया। इस कार्यक्रम में 5,000 से अधिक कॉलेज और 1,500 से अधिक प्रतिभागी जुड़े, जिनमें द्रोणाचार्य और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त कोच तथा सक्रिय खिलाड़ी शामिल रहे। केंद्र सरकार ने देशभर में खेल बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए ₹36,000 करोड़ की मंजूरी दी है।

गांधीनगर में आयोजन और भागीदारी

गुजरात के गांधीनगर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में 300 से अधिक युवाओं और एथलीटों ने हिस्सा लिया। माई भारत के स्वयंसेवक हर्ष मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का वर्चुअल संबोधन युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की उपस्थिति ने भी युवाओं का उत्साह बढ़ाया और उन्हें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

खेलो इंडिया की भूमिका और महत्व

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'खेलो इंडिया' देश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने के लिए एक प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के संबोधन से देश में बदलती खेल संस्कृति को और गति मिलेगी। युवाओं को फिटनेस, पदक और करियर के लिए खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रतिभा पहचान और ग्रामीण युवाओं पर जोर

मांडविया ने बताया कि 'खेलो इंडिया स्कूल गेम्स', 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स' और 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स' जैसे आयोजनों के ज़रिए देश के विभिन्न हिस्सों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों के युवाओं को भी खेलों से जोड़ा जाए और उन्हें अपना हुनर दिखाने का मौका मिले।

₹36,000 करोड़ का खेल बुनियादी ढाँचा

केंद्र सरकार ने देशभर में मज़बूत खेल इकोसिस्टम और बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए ₹36,000 करोड़ मंजूर किए हैं। इस राशि से खेल सुविधाओं और अकादमियों के विकास पर काम किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलों से जुड़ सकें और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। गौरतलब है कि यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी उपस्थिति और मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

युवाओं की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम में शामिल एक युवा प्रतिभागी ने प्रधानमंत्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को उन खेलों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करना चाहिए जिनमें अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। आने वाले वर्षों में इस पहल के परिणाम भारत की खेल उपलब्धियों में स्पष्ट रूप से दिखने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 कॉलेज, 1,500 प्रतिभागी — प्रभावशाली है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि ₹36,000 करोड़ का यह निवेश ज़मीनी स्तर पर कितनी खेल प्रतिभाओं तक पहुँचता है। भारत में खेल बजट की घोषणाएँ अक्सर शहरी अकादमियों तक सिमट जाती हैं, जबकि ग्रामीण और तटीय युवाओं की पहुँच सीमित रहती है। मांडविया ने ग्रामीण समावेश का उल्लेख किया, परंतु इसके लिए कोई ठोस क्रियान्वयन तंत्र सार्वजनिक नहीं किया गया है। बिना पारदर्शी प्रतिभा-ट्रैकिंग प्रणाली के, यह पहल भी पिछली खेल योजनाओं की तरह घोषणा तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेलो इंडिया संवाद क्या है?
'खेलो इंडिया संवाद' केंद्र सरकार की एक पहल है जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस पर देशभर के युवाओं और एथलीटों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। इसमें 5,000 से अधिक कॉलेज और 1,500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
सरकार ने खेल बुनियादी ढाँचे के लिए कितनी राशि मंजूर की है?
केंद्र सरकार ने देशभर में खेल सुविधाओं और अकादमियों के विकास के लिए ₹36,000 करोड़ मंजूर किए हैं। इस राशि का उपयोग मज़बूत खेल इकोसिस्टम बनाने और युवा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ देने में किया जाएगा।
गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में कितने युवाओं ने हिस्सा लिया?
गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम में 300 से अधिक युवाओं और एथलीटों ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
खेलो इंडिया के तहत कौन-से प्रमुख आयोजन होते हैं?
'खेलो इंडिया' के अंतर्गत 'खेलो इंडिया स्कूल गेम्स', 'खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स' और 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स' जैसे आयोजन किए जाते हैं। इनके ज़रिए देश के विभिन्न हिस्सों — विशेषकर ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों — के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
इस पहल से किन युवाओं को सबसे अधिक फायदा होगा?
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार इस पहल का विशेष लाभ ग्रामीण और तटीय क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगा, जिन्हें अब तक खेल सुविधाओं और प्रतिभा पहचान के पर्याप्त अवसर नहीं मिले हैं। द्रोणाचार्य और अर्जुन पुरस्कार विजेता कोचों के साथ संवाद से युवा खिलाड़ियों को सीधे मार्गदर्शन मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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