खेलो इंडिया संवाद: PM मोदी गुरुवार को 1,500+ संस्थानों में युवा एथलीटों को करेंगे वर्चुअल संबोधन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल स्पोर्ट्स डे 2026 के अवसर पर गुरुवार को 'खेलो इंडिया डायलॉग — खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' कार्यक्रम के तहत देश भर के युवा एथलीटों और युवा नेताओं को वर्चुअली संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में एक साथ आयोजित किया जाएगा। खेल जगत के विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने इस पहल को युवा प्रतिभाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया है।
कोच और खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
स्पेशल ओलंपिक्स भारत टीम के कोच और पूर्व वर्ल्ड कप हॉकी खिलाड़ी दलजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का यह अवसर खिलाड़ियों को आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा, "मैं पूरे एसओबी (स्पेशल ओलंपिक्स भारत) संस्था को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने इन बच्चों के लिए बहुत अच्छे इंतजाम किए और कैंप लगाए। इसी वजह से हम एफआईएच विश्व कप में हिस्सा ले सके।"
इंडियन पैरा हॉकी टीम के सीनियर खिलाड़ी ईशान प्रताप सिंह ने कहा, "असल में प्रधानमंत्री जानते हैं कि हम सभी एक नैतिक जीवन जीना चाहते हैं। हम ईमानदारी से हॉकी खेलते हुए सफलता हासिल करना चाहते हैं।"
एफआईएच विश्व कप में भारत का प्रदर्शन
दलजिंदर सिंह ने बताया कि विश्व कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। प्रतियोगिता में 16 टीमें थीं, जिन्हें 2 पूल में 8-8 की संख्या में बाँटा गया था। भारत पूल बी में रहा। उन्होंने बताया कि भारत की वर्तमान वैश्विक रैंकिंग 11वीं है।
पैरा एथलीटों को सरकारी सहयोग
कोच राजेश्वरी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेल को बढ़ावा दे रहे हैं। खिलाड़ियों की ज़रूरत की सभी चीजें सरकार उपलब्ध करा रही है। पैरा एथलीटों को भी काफी सहायता मिल रही है। हम लोग पैरा विश्व कप खेलने गए — इसमें सरकार का अहम योगदान रहा।" यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार पैरा-स्पोर्ट्स के बुनियादी ढाँचे में निरंतर निवेश बढ़ा रही है।
कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य
यह बड़े पैमाने पर आयोजित युवा सहभागिता कार्यक्रम उभरते एथलीटों, विद्यार्थियों, नीति निर्माताओं और स्थापित खिलाड़ियों को एक साझा मंच पर लाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के स्पोर्टिंग इकोसिस्टम को मज़बूत करने और देश के युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करना है। गौरतलब है कि नेशनल स्पोर्ट्स डे हर वर्ष हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है, जो खेल के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आने वाले समय में इस तरह के संवाद कार्यक्रम युवा खिलाड़ियों की प्रेरणा और नीति-निर्माण दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।