मेरठ मुठभेड़: राजस्थान पुलिस का ₹5,000 इनामी बदमाश गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
सारांश
मुख्य बातें
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र में 27 अगस्त की देर रात पुलिस गश्त के दौरान हुई मुठभेड़ में मोबाइल चोर गैंग 'शरद गोस्वामी गिरोह' के एक सक्रिय सदस्य को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। आरोपी राजस्थान पुलिस का ₹5,000 का घोषित इनामी अपराधी था और उस पर मेरठ के कई थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, टीपीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहमकपुर पुलिया के समीप रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में एक संदिग्ध व्यक्ति छिपा नज़र आया। गश्ती दल ने जब उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में चलाई गई गोली बदमाश के पैर में जा लगी, जिसके बाद उसे घायल हालत में काबू में कर लिया गया।
आरोपी की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनस पुत्र चुन्नन कुरैशी, निवासी मकबरा डिग्गी, थाना रेलवे रोड, मेरठ के रूप में हुई है। उसके कब्जे से .315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
आरोपी का आपराधिक नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, अनस कुरैशी मोबाइल लूट और चोरी की वारदातों में शामिल एक शातिर अपराधी है। वह लूटे और छीने गए मोबाइल फोन को बांग्लादेश और नेपाल में बेचने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। आरोपी राजस्थान के जयपुर में दर्ज एक मुकदमे में वांछित था, जिसके चलते राजस्थान पुलिस ने उस पर ₹5,000 का इनाम घोषित कर रखा था। इसके अतिरिक्त मेरठ के विभिन्न थानों में चोरी, लूट समेत कई मामले उसके खिलाफ पहले से दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारी का बयान
ब्रह्मपुरी सर्किल ऑफिसर राम प्रकाश ने बताया, 'टीपीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस द्वारा रात्रि गश्त के दौरान मोहमकपुर पुलिया रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में छुपा हुआ एक व्यक्ति दिखाई दिया। शक होने पर पुलिस द्वारा उसे टोका गया तो उसने जान से मारने की नियत से पुलिस पर फायर कर दिया। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी है। घायल को उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया है और अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।'
आगे की कार्रवाई
आरोपी को चिकित्सा उपचार के बाद विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है, विशेष रूप से मोबाइल फोन की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की। यह गिरफ्तारी मेरठ पुलिस के लिए उस गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है जो लंबे समय से फरार था।