हिमानी शिवपुरी की 'हम आपके हैं कौन' तक की यात्रा: NSD के 'फूलवाली' किरदार ने खोला बॉलीवुड का दरवाज़ा
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने 27 अगस्त को इंस्टाग्राम पर अपने फिल्मी करियर की नींव रखने वाले उस ऐतिहासिक पल को याद किया, जब राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) रेपर्टरी के नाटक 'अजर का ख्वाब' में एक फूल बेचने वाली लड़की का किरदार निभाने से उनकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई। उसी मंच पर बैठे निर्देशक सूरज बड़जात्या ने उन्हें देखा और 1994 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में कास्ट करने का फैसला किया।
वह नाटक जिसने सब बदल दिया
हिमानी शिवपुरी ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि 'अजर का ख्वाब' का निर्देशन भानु भारती ने किया था और यह नाटक बर्नार्ड शॉ के विश्वप्रसिद्ध नाटक 'पिग्मेलियन' पर आधारित था। इसमें उन्होंने हज्जो नाम की फूल बेचने वाली लड़की का किरदार निभाया था, जिसे प्रोफेसर हिगिंस — जिसका रोल नामदेव ने अदा किया था — एक बेगम में तब्दील कर देता है।
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में साझा की गई तस्वीर के बारे में बताया कि उसमें डॉली आहलूवालिया, नामदेव और रवि खानविलकर नज़र आ रहे हैं। उन्होंने इस नाटक को NSD रेपर्टरी के सबसे सफल नाटकों में गिनाया।
सूरज बड़जात्या की नज़र और बड़ा मौका
हिमानी शिवपुरी के अनुसार, निर्देशक सूरज बड़जात्या मुंबई के NCPA (नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स) में राजकुमार के साथ यह नाटक देखने आए थे। उसी शाम उन्होंने हिमानी को फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में कास्ट करने का निर्णय लिया — यह वह मोड़ था जिसने रंगमंच की एक प्रतिभाशाली कलाकार को बॉलीवुड की पहचान दिलाई।
'हम आपके हैं कौन' और 'चाची जान' का किरदार
1994 में रिलीज़ हुई फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में हिमानी शिवपुरी ने रजिया (चाची जान) का किरदार निभाया, जो दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। यह फिल्म भारतीय विवाह परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की ऊष्मा का उत्सव थी।
फिल्म में सलमान खान (प्रेम), माधुरी दीक्षित (निशा), मोहनीश बहल, रेणुका शहाणे, अनुपम खेर और रीमा लागू जैसे दिग्गज कलाकार थे। अपने समय की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार इस फिल्म ने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़े थे।
रंगमंच से रुपहले पर्दे तक का सफर
हिमानी शिवपुरी का यह किस्सा इस बात की मिसाल है कि रंगमंच की ज़मीन कितनी मज़बूत नींव रखती है। NSD से प्रशिक्षित इस अभिनेत्री ने टेलीविजन और फिल्मों दोनों में अपनी अलग छाप छोड़ी है। उनकी यह पोस्ट न सिर्फ एक निजी स्मृति है, बल्कि उन तमाम रंगमंच कलाकारों के लिए प्रेरणा भी है जो अपने बड़े मौके का इंतज़ार कर रहे हैं।