कानपुर में प्रशिक्षण विमान हादसा: दोनों पायलट सचिन और अभिषेक की मौत, DGCA जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नत्थापुरवा गाँव में गंगा नदी के किनारे स्थित एक खेत में गुरुवार, 27 अगस्त को एक टेकनम ब्रांड का दो इंजन वाला प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई। कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने दोनों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि की है।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, चार सीटों वाला यह टेकनम प्रशिक्षण विमान सुबह लगभग 11:50 बजे गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरने के तुरंत बाद हादसे का शिकार हो गया। अधिकारियों का कहना है कि विमान ने दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले संभवतः नियंत्रण खो दिया था, हालाँकि सटीक कारण अभी जाँच का विषय है।
हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएँ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुँच गईं और दुर्घटनास्थल को घेर लिया गया।
मृत पायलटों की पहचान
पुलिस के अनुसार, विमान में सवार पायलट सचिन गुजरात के निवासी थे और उनके पास 3,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव था। सह-पायलट अभिषेक पुजारी कर्नाटक के रहने वाले थे। दोनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
DGCA और सरकार की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है और उसकी जाँच टीम शीघ्र ही घटनास्थल पर पहुँचने की संभावना है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
प्रशिक्षण विमान हादसों का बढ़ता सिलसिला
यह ऐसे समय में आया है जब हाल के महीनों में देश में प्रशिक्षण विमानों से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं। जून में उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक दो सीटों वाला प्रशिक्षण विमान खेत में गिरा था, जिसमें एक महिला पायलट मामूली रूप से घायल हुई थीं। इससे पहले मई में महाराष्ट्र के बारामती के निकट गोजुबावी गाँव में रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी के एक प्रशिक्षण विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी।
गौरतलब है कि इन घटनाओं की बढ़ती संख्या देश में उड्डयन प्रशिक्षण सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। DGCA की जाँच के निष्कर्ष इस दिशा में अहम संकेत दे सकते हैं।