ओलंपिक में भागीदारी बढ़ाना लक्ष्य: PM मोदी बोले — 'जिन खेलों में दूसरे देश पदक जीतते हैं, उनमें हम हिस्सा नहीं लेते'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित 'खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ' कार्यक्रम में देशभर के युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए ओलंपिक में भारत की सीमित भागीदारी को एक बड़ी राष्ट्रीय चुनौती बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अभी ओलंपिक में शामिल आधे से भी कम खेलों में हिस्सा लेता है, जिसका सीधा असर पदक तालिका पर पड़ता है।
मुख्य घोषणाएँ और चिंताएँ
मोदी ने कहा, 'कड़वी सच्चाई यह है कि भारत की टीमें ओलंपिक का हिस्सा बनने वाले आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेती हैं।' उन्होंने याद दिलाया कि 2012 के ओलंपिक में भारत ने केवल 13 खेलों में भाग लिया था, जबकि 20 से अधिक खेलों में भारत की कोई सहभागिता नहीं थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस स्थिति को बदलना 2036 ओलंपिक की तैयारियों का केंद्रबिंदु होगा।
सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री ने सर्फिंग और स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग जैसे खेलों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की विविध भौगोलिक संरचना — लंबी तटरेखा, ऊँचे पहाड़ और विभिन्न जलवायु क्षेत्र — इन खेलों में प्रतिभा उभारने के लिए स्वाभाविक आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास वॉटर और विंटर स्पोर्ट्स में सफल होने के लिए जरूरी डेमोग्राफी और भूगोल हैं। फिर भी, हम ऐसे खेलों में दुनिया में कहीं नहीं हैं।'
प्रतिभा खोज अभियान और आयु वर्ग
मोदी ने बताया कि 15 अगस्त को लाल किले से उन्होंने एक प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की थी, जिसका फोकस 5 से 15 वर्ष के बच्चों की पहचान और उनकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण पर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल रुचि नहीं, बल्कि उपयुक्तता के आधार पर बच्चों को सही खेल से जोड़ेगा — अर्थात यह तय किया जाएगा कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सर्वाधिक उपयुक्त है।
जिला स्तर पर खेल इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों की पहुँच बढ़ाने के लिए अलग-अलग जिलों में विशेष खेल इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के लिए आधिकारिक दावेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि जमीनी स्तर पर खेल ढाँचे की कमी लंबे समय से भारतीय खेल नीति की सबसे बड़ी आलोचना रही है।
युवा एथलीटों को सरकार का भरोसा
कार्यक्रम के अंत में मोदी ने युवा एथलीटों को आश्वस्त किया कि सरकार उन्हें खेल में करियर बनाने के लिए हर संभव प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराएगी। यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में खेल को पेशेवर करियर के रूप में अपनाने की दर अभी भी अपेक्षाकृत कम है।