PM मोदी का लाल किले से 'प्रतिभा खोज' अभियान का ऐलान, 2036 ओलंपिक मेजबानी की प्रतिबद्धता दोहराई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए खेल क्षेत्र के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की — 'प्रतिभा खोज' अभियान। इस अभियान के तहत देशभर के गाँवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, मोदी ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की दावेदारी को एक बार फिर दृढ़ता से दोहराया।
'प्रतिभा खोज' अभियान: क्या है योजना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ओलंपिक में 40 प्रकार के खेल और करीब 325 से 350 प्रतिस्पर्धाएँ होती हैं, लेकिन भारत अभी भी दो-तिहाई खेलों में क्वालीफाई नहीं कर पाता। इस कमी को दूर करने के लिए 'प्रतिभा खोज' अभियान चलाया जाएगा, जो गाँव-गाँव, शहर-शहर और स्कूल-स्कूल तक पहुँचेगा। उन्होंने कहा, "प्रतिभा की पहचान की जाएगी और फिर बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा।"
यह पहल उन खेलों पर विशेष ध्यान देगी जिनमें भारत अभी तक ओलंपिक स्तर पर अनुपस्थित रहा है — जैसे कि कई ट्रैक-एंड-फील्ड, जिम्नास्टिक और जलक्रीड़ा स्पर्धाएँ। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के पदकों की संख्या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार बढ़ रही है।
खेल क्षेत्र में भारत की मौजूदा उपलब्धियाँ
मोदी ने अपने संबोधन में टॉप्स (TOPS) योजना की सफलता का उल्लेख किया और कहा कि खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स जैसे आयोजनों के साथ-साथ खेल अवसंरचना, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पोषण के क्षेत्र में भारत तेज़ी से महारत हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा, "जो खेलेगा वो खिलेगा — अब खेल के पोडियम पर भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है, तिरंगा लहराता दिखाई देता है।"
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में अपने पदक तालिका में उल्लेखनीय सुधार किया है, जो इस नई पहल की पृष्ठभूमि तैयार करता है।
2030 राष्ट्रमंडल और 2036 ओलंपिक की मेजबानी
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी करने वाला है। इसके अलावा, उन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को एक बार फिर रेखांकित किया। मोदी ने कहा, "हम 2026 में ओलंपिक के मज़बूत दावेदार बनकर आगे बढ़ रहे हैं।" यह बयान भारत की दीर्घकालिक खेल कूटनीति का हिस्सा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के साथ सक्रिय संवाद जारी है।
यह Nवीं बार है जब मोदी ने लाल किले से खेल को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में रेखांकित किया है — लेकिन इस बार ठोस क्रियान्वयन तंत्र के रूप में 'प्रतिभा खोज' अभियान की घोषणा इसे पिछली घोषणाओं से अलग करती है।
युवाओं के लिए क्या खुलेंगे अवसर
मोदी ने कहा कि नौजवानों के लिए खेल के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा अवसर खुल रहा है। 'प्रतिभा खोज' अभियान के माध्यम से चुने गए बच्चों को न केवल प्रशिक्षण, बल्कि कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और पोषण संबंधी सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह अभियान विशेष रूप से उन खेलों पर केंद्रित होगा जिनमें भारत अभी ओलंपिक स्तर पर प्रतिनिधित्व नहीं कर पाता।
आने वाले महीनों में इस अभियान के क्रियान्वयन की रूपरेखा और खेल मंत्रालय की विस्तृत कार्ययोजना सामने आने की उम्मीद है।